मुजफ्फरनगर के नीशू का हुआ राष्ट्रीय फुटबाल टीम में चयन 

FirstIndia Correspondent Published Date 2018/07/05 07:27

मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश के जनपद मुजफ्फरनगर में थाना भोपा क्षेत्र निवासी फुटबाल खिलाड़ी नीशू को राष्ट्रीय टीम में शामिल किया गया है। जिसके चलते क्षेत्र में खुशी का माहौल है। नीशू ने देश की टीम में शामिल होकर जनपद व प्रदेश नाम रोशन किया है। निर्धनता और असुविधाओं के बीच फुटबॉल में अपना कैरियर बनाने वाले खिलाडी द्वारा अर्न्तराष्ट्रीय स्तर पहचान बनने से जहां क्षेत्रवासियों को गर्व है, वहीं राष्ट्रीय फुटबॉलर का परिवार भारी असुविधाओं के बीच रह कर जीवन व्यतीत कर रहा परिवार भी बेहद खुश नजर आ रहा है। 

पिताजी थे कॉलेज में चपरासी

दरअसल मामला थाना भोपा क्षेत्र के कस्बा भोपा में स्थित जनता इण्टर कॉलेज के आवास में रह रहे 21 वर्षीय नीशू कुमार का परिवार लगभग 50 वर्ष पूर्व नेपाल से भोपा आकर बस गया था। नीशू के पिताजी मंगल बहादुर जनता इण्टर कॉलेज में चपरासी थे। पांच वर्ष की आयु में फुटबॉल खेलने के जुनून ने नीशू को पिछले वर्ष मंजिल तक पहुंचाया। 2009 में चण्डीगढ फुटबॉल एकेडमी से फुटबॉल कैरियर को शुरूआत करने वाले नीशू कुमार ने 2010 में चण्डीगढ एकेडमी की ओर से पहला विदेशी दौरा किया। नीशू ने एकेडमी टीम के कप्तान के रूप में प्रतिनिधित्व किया। नीशू भारत की अण्डर 15 व अण्डर 16 टीम का सदस्य रहकर विश्व के अनेक देशों में फुटबॉल खेल चुके हैं। जिनमें इण्डोनेशिया, मलेशिया, थाईलैण्ड, जापान, यूरोप, खाड़ी व रशियन देश शामिल है। पिछले वर्ष 2017 में नीशू का चयन राष्ट्रीय टीम में हुआ है। किन्तु क्रिकेट के प्रभाव के चलते क्षेत्रवासी भी नहीं जानते कि उनके गांव का बेटा राष्ट्रीय फुटबॉल टीम का हिस्सा है।

अंतर्राष्ट्रीय कोच से ले रहे प्रशिक्षण 

फुटबॉल खिलाड़ी नीशू ने बताया कि राष्ट्रीय टीम के कोच स्टीफन कोन्स्टेनटाईन से वह काफी कुछ सीख रहे हैं। इसके अलावा अपने बैंगलोर क्लब के कोच कॉर्ल्स जो स्पेन के हैं, उनसे भी काफी कुछ सीखने को मिल रहा है। नीशू के  गुरू  कुलदीप उर्फ बंशी ने बताया कि  गांव के दर्जनों बच्चों को फुटबॉल का प्रशिक्षण दे रहे हैं। बंशी को आशा है कि नीशू की भांति क्षेत्र के अन्य बच्चे भी फुटबॉल में क्षेत्र का नाम रोशन करेंगे तथा फुटबॉल में देश के दिन सुधरेंगे।  

नीशू भले ही राष्ट्रीय टीम का हिस्सा हों किन्तु निर्धनता उनका पीछा नहीं छोड़ रही है। एक साधारण चपरासी का परिवार टीन शेड और जर्जर मकान में रहकर अपना जीवन व्यतीत कर रहा है। नीशू के पिता का हाल ही में स्वर्गवास हुआ है। नीशू की माता सीता देवी व शादीशुदा बहन मनीषा ही परिवार में हैं।  
 

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