स्व. रामनिवास मिर्धा की पुण्यतिथि पर पुष्पांजलि कार्यक्रम का आयोजन, वरिष्ठ नेता डॉ. सहदेव चौधरी भी रहे मौजूद

स्व. रामनिवास मिर्धा की पुण्यतिथि पर पुष्पांजलि कार्यक्रम का आयोजन, वरिष्ठ नेता डॉ. सहदेव चौधरी भी रहे मौजूद

स्व. रामनिवास मिर्धा की पुण्यतिथि पर पुष्पांजलि कार्यक्रम का आयोजन, वरिष्ठ नेता डॉ. सहदेव चौधरी भी रहे मौजूद

नागौर: किसान नेता के रूप में पहचाने जाने वाले कद्दावर कांग्रेस नेता स्व. रामनिवास मिर्धा की पुण्यतिथि पर आज प्रदेशभर के साथ नागौर जिले मे कई कार्यक्रम आयोजित किए गए. नागौर जिले के कुचेरा कस्बे में आज किसान नेता स्वर्गीय रामनिवास मिर्धा की 10 वीं पुण्यतिथि मिर्धा के समाधी स्थल पर समारोह पूर्वक मनाई गई. स्व मिर्धा की याद में बनाये गए समाधि स्थल पर सुबह से आसपास के ग्रामीण क्षेत्र से लोगों की भीड़ आना शुरू हो गई और रामनिवास मिर्धा के समाधि स्थल पर उनके पुत्र हरेन्द्र मिर्धा ने रामनिवास मिर्धा के चित्र पर माल्यार्पण कर पुष्प अर्पित किये और मिर्धा को नमन किया गया. 

वरिष्ठ कांग्रेसी नेता डॉ. सहदेव चौधरी ने भी किया मिर्धा को नमन:
इस दौरान नागौर के वरिष्ठ कांग्रेसी नेता डॉ. सहदेव चौधरी ने भी मिर्धा के चित्र पर माल्यार्पण कर पुष्प अर्पित किए और मिर्धा को नमन किया. इस दौरान कुचेरा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्र से सैकड़ों लोग समाधि स्थल पर पंहुचे और मिर्धा को पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि देकर उन्हें नमन किया गया. इस मौके पर मुंडवा प्रधान राजेन्द्र सहित कई जनप्रतिनिधि गण, सामाजिक संगठन से जुड़े पदाधिकारियो ने स्व. मिर्धा के चित्र पुष्प अर्पित किए. 

अपने राजनीतिक जीवन मे किसानों के लिए काम किया:
इस दौरान हरेन्द्र मिर्धा ने कहा कि रामनिवास जी ने जो काम किये उन्हें नमन करने के लिए कुचेरा में उन्हें याद करने के लिए इकट्ठा होते है और उन्हें याद करते है. वहीं आज पुण्यतिथि पर याद करते हुए डॉ. सहदेव चौधरी ने स्व मिर्धा को नमन करते हुए उनके कृतित्व को याद करते हुए कहा कि स्व. रामनिवास मिर्धा ने अपने राजनीतिक जीवन मे किसानों के लिए काम किया और उनके हक की लड़ाई लड़ी और अपने जीवन में गरीब मजदूर और किसानों के लिए काम करते रहे. 

इनके नाम कई राजनीति में उपलब्धियां:
उल्लेखनीय है कि नागौर जिले के कुचेरा ग्राम में बलदेव राम मिर्धा के घर 24 अगस्त 1924 को जन्मे स्व. रामनिवास मिर्धा 1953 से 1967 तक विधानसभा के सदस्य रहे. स्व. मिर्धा 1957 से 1967 तक विधानसभा अध्यक्ष तथा 1967 में ही उपचुनाव में राज्यसभा के सदस्य चुने गये. जून 1970 में स्व. मिर्धा पहली बार केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री बनाए गये. वे 1977 से 1980 तक राज्यसभा के उपसभापति और 1983 से 1989 तक केन्द्र में विभिन्न विभागों के मंत्री रहे.

कई अंतरराष्‍ट्रीय सम्मेलनों में भारत का प्रतिनिधित्व किया:
स्व. मिर्धा दसवीं लोकसभा में (1991 से 1996) सदस्य रहे. इस दौरान संयुक्त संसदीय समिति के सभापति रहे. स्व. मिर्धा केन्द्रीय ललित कला अकादमी के दो बार (1976 से 1980 तथा 1990 से 1995) अध्यक्ष मनोनीत किये गये. स्व. मिर्धा ने कई अंतरराष्‍ट्रीय सम्मेलनों में भारत का प्रतिनिधित्व किया. स्व. मिर्धा भारतीय युवा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रहे थे. 

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