जयपुर VIDEO: IAS संदीप वर्मा की मंत्री शांति धारीवाल की सत्ता को चुनौती, देखिए ये खास रिपोर्ट

VIDEO: IAS संदीप वर्मा की मंत्री शांति धारीवाल की सत्ता को चुनौती, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: सीनियर आईएएस और राजस्थान रोडवेज के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक संदीप वर्मा ने नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल की सत्ता को बड़ी चुनौती दे डाली है. रोडवेज सीएमडी संदीप वर्मा के अनुसार बतौर जेडीए अध्यक्ष धारीवाल के दिए आदेश के माध्यम से जेडीए एक्ट का उल्लंघन हो रहा है. क्या है पूरा मामला? जयपुर विकास प्राधिकरण के कार्यकारी समिति की बैठक हाल ही 21 फरवरी को हुई थी. राजस्थान रोडवेज के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक समिति के सदस्य हैं, लेकिन आमतौर पर कई सालों से रोडवेज के निचले अधिकारी ही बैठक शामिल होने आए हैं. लेकिन 21 फरवरी को हुई समिति की बैठक में रोडवेज के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक संदीप वर्मा पहुंच गए. 

इस बैठक में विभिन्न एजेंडों पर चर्चा के दौरान सीएमडी संदीप वर्मा ने JDA के वर्किंग सिस्टम पर कई सवाल खड़े किए. बैठक के बाद रोडवेज सीएमडी संदीप वर्मा ने बाकायदा जेडीए आयुक्त को पत्र भेजकर कहा कि पत्र में की गई टिप्पणियों को बैठक के मिनट्स में शामिल किया जाए. इस पत्र में रोडवेज सीएमडी संदीप वर्मा ने नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल की बतौर जेडीए अध्यक्ष जेडीए में चल रही उनकी सत्ता को चुनौती दे डाली है. आपको बताते हैं कि रोडवेज सीएमडी संदीप वर्मा ने मामले में क्या गंभीर टिप्पणियां की है.

वर्मा ने पत्र में कहा:
-JDA की कार्यकारी समिति व अन्य समितियों के धारीवाल नहीं है सदस्य
-इसके बावजूद JDA अध्यक्ष धारीवाल खुद बन गए हैं समितियों के अघोषित अध्यक्ष
-धारीवाल 15.4.19 को दिए अपने आदेश के माध्यम से कर रहे हैं प्रयास
-समितियों के मिनिट्स को जारी करने से पहले संशोधित करने का प्रयास 
-ऐसा करना जेडीए एक्ट की धाराओं का स्पष्ट उल्लंघन है
-जेडीए एक्ट की धारा 4 के तहत अध्यक्ष द्वारा किए जा सकते हैं संशोधित 
-समितियों के निर्णय जारी होने के बाद ही किए जा सकते हैं संशोधित
-निर्णय जारी होने से पहले ही उसमें संशोधन करना अनुचित है
-इस पत्र में वर्मा ने जेडीए आयुक्त को दी है सलाह
-इस कथित अनुचित प्रक्रिया पर तुरंत प्रभाव से रोक लगाने और 
इस बारे में जेडीए अध्यक्ष धारीवाल को सूचना देने की दी है सलाह
-यही नहीं वर्मा ने धारीवाल की ओर से टेंडर अप्रूवल पर भी उठाए सवाल
-वर्मा ने पत्र में कहा, टेंडर अप्रूवल की फाइलें भेजी जा रही हैं धारीवाल को 
-बिना कार्यकारी समिति के फैसले के सीधे मंजूरी के लिए भेजी जा रही हैं
-जेडीए एक्ट की धारा 4 के तहत जेडीए अध्यक्ष को नहीं है अधिकार 
-कार्यकारी समिति की स्वीकृति के बिना टेंडर अप्रूवल या डिसएप्रूवल करने का नहीं है अधिकार

जिस आदेश का रोडवेज सीएमडी संदीप वर्मा ने अपने पत्र में हवाला दिया है वह मंत्री शांति धारीवाल ने 15 अप्रैल 2019 को जारी किया था. इसके माध्यम से जेडीए को हिदायत दी गई थी कि जेडीए की सभी समितियों की बैठकों के मिनिट्स जारी होने के 3 दिन में बैठकों के निर्णय की प्रति उन्हें भेजी जाए और तब तक इन निर्णयों को क्रियान्वित नहीं किया जाए. रोडवेज सीएमडी संदीप वर्मा ने अपने पत्र में कार्यकारी समिति की हुई बैठक में कई एजेंडों में कानून व नियमों की अनदेखी की बात कही है.

पत्र में यूं बताई नियमों की अनदेखी:
-बैठक में कई एजेंडे बिड डॉक्यूमेंट और टेंडर अप्रूवल के थे 
-इनमें से आधे दर्जन एजेंडों में JDA की कार्यवाही को वर्मा ने कानून व नियमों का उल्लंघन बताया है
-वर्मा के अनुसार इनमें राजस्थान ट्रांसपेरेंसी इन पब्लिक प्रोक्योरमेंट (RTPP) एक्ट और इसके नियमों की पालना नहीं की गई
-राजभवन में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत 8 करोड रुपए की लागत से विकास व सौन्दर्यन के काम होने हैं 
-JDA की ओर से यह काम किया जाएगा 
-कार्यकारी समिति की बैठक में यह एजेंडा भी रखा गया था 
-इसको लेकर वर्मा का मानना है कि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में आम जनता से जुड़े कार्य प्राथमिकता से करने चाहिए
-राजभवन में किए जा रहे कार्य का आम जनता को कोई स्पष्ट फायदा नहीं लगता है

जिस कार्यकारी समिति की बैठक में रोडवेज सीएमडी संदीप वर्मा शामिल हुए थे, वरिष्ठता के नाते उस बैठक की अध्यक्षता भी उन्होंने ही की थी.  उन्होंने जेडीए आयुक्त गौरव गोयल को पत्र लिखकर उनकी टिप्पणियां बैठक के मिनिट्स में शामिल करने को कहा है. अब ऐसे में सवाल उठता है कि क्या जेडीए वर्मा की टिप्पणियां बैठक के मिनिट्स में शामिल कर पाएगा?

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