मुंबई वाहन, ऊर्जा कंपनियों के शेयरों में उछाल से सेंसेक्स और निफ्टी मामूली लाभ के साथ बंद

वाहन, ऊर्जा कंपनियों के शेयरों में उछाल से सेंसेक्स और निफ्टी मामूली लाभ के साथ बंद

वाहन, ऊर्जा कंपनियों के शेयरों में उछाल से सेंसेक्स और निफ्टी मामूली लाभ के साथ बंद

मुंबई: यूरोपीय बाजारों के मजबूत रुझान और वाहन, आईटी, ऊर्जा तथा एफएमसीजी कंपनियों के शेयरों में तेजी से सोमवार को सेंसेक्स और निफ्टी मामूली बढ़त के साथ बंद हुए. काफी हद तक सीमित दायरे में रहे कारोबारी सत्र में सेंसेक्स 85.88 अंक यानी 0.14 प्रतिशत की बढ़त के साथ 61,308.91 अंक पर बंद हुआ. सेंसेक्स में शामिल 30 शेयरों में से 19 लाभ में रहे जबकि 11 में नुकसान रहा.

वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 52.35 अंक यानी 0.29 प्रतिशत बढ़कर 18,308.10 अंक पर बंद हुआ. निफ्टी सपाट स्तर पर खुला और शुरुआती कारोबार में गिरने के बाद दोपहर के सत्र में उबरने में सफल रहा. सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में अल्ट्राटेक सीमेंट करीब तीन प्रतिशत की तेजी के साथ सर्वाधिक लाभ में रही. इस सीमेंट कंपनी ने तीसरी तिमाही में अपने शुद्ध लाभ में करीब आठ प्रतिशत की बढ़त दिखाई है. इसके अलावा अल्ट्राटेक ने अपने आधुनिकीकरण पर 965 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना भी घोषित की है.

इसके अलावा महिंद्रा एंड महिंद्रा 2.19 प्रतिशत, मारुति सुजुकी 2.08 प्रतिशत, टाटा स्टील 1.35 प्रतिशत, टीसीएस 1.26 प्रतिशत, एलएंडटी 1.2 प्रतिशत, एसबीआई 1.14 प्रतिशत और एचयूएल 1.04 प्रतिशत की बढ़त दर्ज करने में सफल रहीं. दूसरी तरफ एचसीएल टेक, एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक, टेक महिंद्रा, पावरग्रिड और सन फार्मा के शेयरों में 5.89 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई. जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि कई कंपनियों के वित्तीय नतीजों से प्रभावित होने वाले सप्ताह में घरेलू बाजार सूचकांक टिकाऊ उपभोक्ता उत्पादों, ऊर्जा एवं वाहन कंपनियों के दम पर हल्की बढ़त लेने में सफल रहे.

 

नायर ने कहा कि एशियाई बाजारों में चीन के जीडीपी के दिसंबर तिमाही के आंकड़े आने के बाद काफी हद तक मिलाजुला रुख रहा. कोविड महामारी से जुड़ी पाबंदियों और संपत्ति से जुड़ी चिंताओं के बीच मांग पर असर पड़ने से चीन की अर्थव्यवस्था दिसंबर तिमाही में चार प्रतिशत बढ़ी है. नायर ने कहा कि वैश्विक स्तर पर कोविड संक्रमण बढ़ने से निवेशकों की धारणा पर असर बना हुआ है.

आनंद राठी शेयर्स एंड स्टॉक ब्रोकर्स फर्म के इक्विटी शोध (बुनियादी) प्रमुख नरेंद्र सोलंकी ने कहा कि भारतीय बाजार एशियाई बाजारों के मिश्रित रुख के बीच थोड़े सकारात्मक स्तर पर खुले. दोपहर के सत्र में बाजारों को इससे थोड़ी मजबूती मिली कि विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों का तीन महीने से जारी बिकवाली का रुझान हाल में बदला है. हालांकि वित्तीय, आईटी एवं स्वास्थ्य देखभाल कंपनियों के कमजोर प्रदर्शन की वजह से लाभ एक दायरे तक ही सीमित रहा.

बीएसई मिडकैप 0.23 प्रतिशत चढ़ गया, जबकि स्मालकैप में 0.61 प्रतिशत का लाभ रहा. क्षेत्रवार प्रदर्शन के मामले में बीएसई ऑटो में 1.98 प्रतिशत, बीएसई यूटिलिटी में 1.51 प्रतिशत, बीएसई पावर में 1.41 प्रतिशत, बीएसई रियल्टी में 1.37 प्रतिशत और बीएसई कंज्यूमर गुड्स में 1.02 प्रतिशत तक की बढ़त रही. वहीं बीएसई हेल्थकेयर में 0.76 प्रतिशत, बीएसई बैंकेक्स में 0.33 प्रतिशत और बीएसई फाइनेंस में 0.18 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई.

एलकेपी सिक्योरिटीज के शोध प्रमुख एस रंगनाथन ने कहा कि वाहन कंपनियों के शेयर वाहनों की कीमतों में की गई बढ़ोतरी और इलेक्ट्रिक वाहनों पर जोर दिए जाने से स्थिर बने रहे. बाजार काफी हद तक सकारात्मक ही रहा. कारोबार वाले 3,739 शेयरों में से 2,297 बढ़त के साथ बंद हुए जबकि 1,308 में गिरावट आई और 134 शेयर अपरिवर्तित बंद हुए. अन्य एशियाई बाजारों की बात करें तो शंघाई और तोक्यो में बाजार बढ़त के साथ बंद हुए जबकि हांगकांग और सियोल में ये नुकसान में रहे. यूरोपीय शेयर बाजार दोपहर के सत्र में लाभ के साथ कारोबार कर रहे थे. अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 10 पैसे की गिरावट के साथ 74.25 रुपये प्रति डॉलर के भाव पर बंद हुआ. इस बीच, अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.26 प्रतिशत की गिरावट 85.84 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर रहा. (भाषा) 

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