मुंबई शेयर बाजार में तेजी का रुख बरकरार, सेंसेक्स ने रचा इतिहास, पहली बार 50,000 के ऊपर बंद

शेयर बाजार में तेजी का रुख बरकरार, सेंसेक्स ने रचा इतिहास, पहली बार 50,000 के ऊपर बंद

शेयर बाजार में तेजी का रुख बरकरार, सेंसेक्स ने रचा इतिहास, पहली बार 50,000 के ऊपर बंद

मुंबईः बजट प्रस्तावों को लेकर निवेशकों में उत्साह बना हुआ है. इससे शेयर बाजारों में तेजी बुधवार के तीसरे दिन भी जारी रही और बीएसई सेंसेक्स 458 अंक की बढ़त के साथ पहली बार 50,000 अंक के ऊपर बंद हुआ. वैश्विक बाजारों से मिले सकरात्मक संकेतों से भी बाजार को बल मिला. बैंक, वित्त और दवा कंपनियों के शेयर आकर्षण में रहे. सटोरियों ने सीमेंट और दैनिक उपयोग का सामान बनाने वाली (एफएमसीजी) कंपनियों के शेयरों में मुनाफावसूली की गई.

सेंसेक्स में 458 और निफ्टी 142 अंकों की उछालः
तीस शेयरों पर आधारित सेंसेक्स 458.03 अंक यानी 0.92 प्रतिशत की बढ़त के साथ 50,255.75 अंक पर बंद हुआ यह नया कीर्तिमान है. कारोबार के दौरान यह 50,526.39 अंक की सर्वकालिक ऊंचाई तक चाला गया था. इसी प्रकार, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज क निफ्टी 142.10 अंक यानी 0.97 प्रतिशत उछलकर 14,789.95 के रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुआ. कारोबार के दौरान यह 14,868.85 के अबतक के उच्चतम स्तर तक गया.

इंडरइंड बैंक के शेयरों को सर्वाधिक लाभः
सेंसेक्स में शामिल शेयरों में सर्वाधिक लाभ में इंडरइंड बैंक रहा. इसमें 7.65 प्रतिशत की तेजी आई. इसके अलावा पावरग्रिड, डॉ. रेड्डीज, सन फार्मा, एनटीपीसी और एक्सिस बैंक में भी अच्छी तेजी रही. दूसरी तरफ नुकसान में रहने वाले शेयरों में अल्ट्राटेक सीमेंट, मारुति, आईटीसी, कोटक बैंक, एशियन पेंट्स, नेस्ले और टीसीएस शामिल हैं. इनमें 0.90 प्रतिशत तक की गिरावट आई.

बजट में साहसिक उपायों की घोषणा से निवेशकों का भरोसा बढ़ाः
रिलायंस सिक्योरिटीज के रणनीतिक मामलों के प्रमुख विनोद मोदी ने कहा कि घरेलू शेयर बाजारों पर तेजड़िये हावी रहे और दोनों सूचकांक रिकॉर्ड बनाते हुए नई ऊंचाई पर बंद हुए. उन्होंने कहा कि बजट में साहसिक उपायों की घोषणा से भरोसा बढ़ा है, इससे निवेशक आकर्षित हो रहे हैं. अनुकूल वैश्विक संकेत से भी बाजार को समर्थन मिला. इस तेजी के साथ भारतीय बाजार का बाजार पूंजीकरण 2,00,000 अरब रुपए के स्तर से ऊपर निकलने के करीब है.

एफपीआई प्रवाह जारी रहने की संभावनाः
मोदी ने कहा कि निवेश गतिविधियों को बढ़ाने लिए पूंजी व्यय में अच्छी-खासी वृद्धि के साथ कई सुधारों की घोषणा की गई है. कंपनियों के तिमाही परिणाम की जो स्थिति है, वह अगली तिमाही में भी बने रहने की उम्मीद है. पुन: अमेरिका में प्रोत्साहन पैकेज, वैश्विक स्तर पर केंद्रीय बैंकों का उदार मौद्रिक नीति रुख और डॉलर की विनिमय दर में गिरावट को देखते हुए एफपीआई प्रवाह जारी रहने की संभावना है. उन्होंने कहा कि निकट भविष्य में मौद्रिक नीति रुख पर बाजार की नजर होगी. इस बात की काफी संभावना है कि यह अनुकूल रहेगा.

कोविड-19 से राहत के लिए राशि की घोषणा से वैश्विक बाजारों तेजीः
भारतीय रिजर्व बैंक पांच फरवरी को मौद्रिक नीति समीक्षा की घोषणा करेगा. वैश्विक बाजारों में कोविड-19 से राहत के लिए 1900 अरब डॉलर का राहत पैकेज जारी होने की उम्मीद से तेजी रही.

यूरोप के प्रमुख बाजारों में शुरूआती कारोबार में तेजी का रुखः
एशिया के अन्य बाजारों में हांगकांग का हैंगसेंग, दक्षिण कोरिया का कोस्पी और जापान का निक्की लाभ में रहे जबकि शंघाई कंपोजिट इंडेक्स नुकसान में रहा. यूरोप के प्रमुख बाजारों में शुरूआती कारोबार में तेजी का रुख रहा. इस बीच, वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.36 प्रतिशत की बढ़त के साथ 58.01 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया. अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया एक पैसे की हल्की बढ़त के साथ 72.95 पर बंद हुआ. इधर, शेयर बाजार के पास उपलब्ध आंकड़े के अनुसार विदेशी संस्थागत निवेशकों ने मंगलवार को शुद्ध रूप से 6,181.56 करोड़ रुपए मूल्य के शेयर खरीदे.
सोर्स भाषा

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