मुंबई सेंसेक्स 651 अंक के उछाल के साथ फिर 60,000 अंक के पार, निफ्टी ने लांघा 18,000 अंक का स्तर

सेंसेक्स 651 अंक के उछाल के साथ फिर 60,000 अंक के पार, निफ्टी ने लांघा 18,000 अंक का स्तर

सेंसेक्स 651 अंक के उछाल के साथ फिर 60,000 अंक के पार, निफ्टी ने लांघा 18,000 अंक का स्तर

मुंबई: शेयर बाजार में लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में तेजी रही और बीएसई सेंसेक्स सोमवार को 650 अंक से अधिक चढ़कर 60,000 अंक के स्तर को फिर पार कर गया. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी मजबूत होकर 18,000 अंक के ऊपर बंद हुआ. तीसरी तिमाही के वित्तीय नतीजों से पहले सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) और वित्तीय कंपनियों के शेयरों में लिवाली से बाजार में तेजी आयी. बाजार में शुरुआती कारोबार सकारात्मक स्तर पर शुरू हुआ और तीस शेयरों पर आधारित सेंसेक्स एक समय दिन के उच्चतम स्तर 60,427.36 अंक तक चला गया. अंत में यह 650.98 अंक यानी 1.09 प्रतिशत की तेजी के साथ 60,395.63 अंक पर बंद हुआ. इसी प्रकार नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 190.60 अंक यानी 1.07 प्रतिशत की बढ़त के साथ 18,003.30 अंक पर बंद हुआ.

सेंसेक्स के शेयरों में टाइटन, मारुति सुजुकी, एसबीआई, एलएंडटी, एचडीएफसी और कोटक बैंक प्रमुख रूप से लाभ में रहे. इनमें 3.29 प्रतिशत तक की तेजी आई. दूसरी तरफ नुकसान उठाने वाले शेयरों में विप्रो, नेस्ले इंडिया, एशियन पेंट्स और पावरग्रिड शामिल हैं. इनमें 2.47 प्रतिशत तक की गिरावट रही.सेंसेक्स के 30 शेयरों में 20 लाभ में रहे.विश्लेषकों के अनुसार, इस सप्ताह से कंपनियों के तीसरी तिमाही के वित्तीय परिणाम आने शुरू हो जाएंगे. आईटी कंपनियों और एचडीएफसी बैंक के परिणाम महत्वपूर्ण माने जाने वाले क्रमश: प्रौद्योगिकी और बैंकिंग क्षेत्र की स्थिति को स्पष्ट करेंगे.

जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि कमजोर वैश्विक रुख और कोविड मामलों में वृद्धि के बीच कंपनियों के तिमाही वित्तीय परिणाम बेहतर रहने की उम्मीद में घरेलू बाजारों में मजबूती रही. सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने तेजी की अगुवाई की. इसका कारण एक रिपोर्ट में एफपीआई (विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक) सीमा में वृद्धि का संकेत है. बिक्री आंकड़ा बेहतर रहने तथा आगामी बजट में क्षेत्र के हित कदम उठाये जाने की उम्मीद में रियल्टी क्षेत्रों का भी प्रदर्शन बेहतर रहा.

उन्होंने कहा कि वैश्विक बाजारों में रुख नकारात्मक रहा. इसका कारण यूरो क्षेत्र में मुद्रास्फीति के रिकॉर्ड पांच प्रतिशत के स्तर पर पहुंचने से निवेशकों में चिंता बढ़ी है. उन्हें अब इस सप्ताह जारी होने वाले अमेरिका की महंगाई दर के आंकड़ों का इंतजार है. ऐसी आशंका है कि अमेरिका में भी महंगाई दर ऊंची रहेगी.एलकेपी सिक्योरिटीज के शोध प्रमुख एस रंगनाथन ने कहा कि बैंकों में फंसे कर्ज के एवज में प्रावधान का आंकड़ा बेहतर होने के साथ कर्ज की स्थिति अच्छी रहने की उम्मीद में वित्तीय कंपनियों के शेयरों में तेजी रही. प्रावधान का आंकड़ा बेहतर रहने का मतलब है कि बैंकों के तिमाही परिणाम अच्छे रहेंगे.

एशिया के अन्य बाजारों में हांगकांग का हैंगसेंग, चीन में शंघाई कंपोजिट लाभ में, जबकि जापान में निक्की और दक्षिण कोरिया में कॉस्पी नुकसान में रहे.यूरोप के प्रमुख बाजारों में दोपहर के कारोबार में गिरावट का रुख रहा.इस बीच, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर 29 पैसे मजबूत होकर 74.05 पर पहुंच गयी.शेयर बाजारों के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक शुक्रवार को शुद्ध लिवाल रहे और उन्होंने 496.27 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर खरीदे.(भाषा)

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