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जबरदस्त सुधार के साथ सेंसेक्स में 1300 अंक का उछाल, निफ्टी में बढ़ोतरी

जबरदस्त सुधार के साथ सेंसेक्स में 1300 अंक का उछाल, निफ्टी में बढ़ोतरी

नई दिल्ली: कॉरपोरेट टैक्स में कटौती का असर आज भी शेयर बाजार में देखने को मिला है. सेंसेक्स करीब 1300 अंकों की बढ़ोतरी के साथ  39,312.94 पर खुला है, वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज निफ्टी 276.60 अंक बढ़कर 11550.80 तक पहुंच गया है. विश्लेषकों के अनुसार सरकार द्वारा कॉर्पोरेट टैक्स घटाने और शेयर बाजार में टैक्स संबंधी राहतों के ऐलानों का असर जारी है. इन ऐलानों के बाद शुक्रवार को भी बाजार में रिकॉर्ड उछाल आया था. 

सेंसेक्स में 700 और निफ्टी में 250 अंक की बढ़त बनी हुई है: 
हालांकि वहीं उछाल में थोड़ी देर के बाद कमी भी देखने को मिली. लेकिन, सेंसेक्स में 700 और निफ्टी में 250 अंक की बढ़त बनी हुई है. इसी के साथ सेंसेक्स करीब 38,703 अंकों पर तथा निफ्टी 11,491.10 पर पहुंच गया है.

कॉरपोरेट टैक्स में कटौती के बाद जबरदस्त उछाल: 
बता दें कि वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने जैसे ही कॉरपोरेट टैक्स में कटौती का ऐलान किया घरेलू बाजार में शुक्रवार को जबरदस्त उछाल देखने को मिला था. बाजार में एक दशक बाद की सबसे बड़ी एक दिनी तेजी देखी गई. घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने शुक्रवार को दिनभर के कारोबारी सत्र के दौरान 3,000 करोड़ रुपये का निवेश किया. जानकारो के मुताबिक शेयर बाजार में इस ऐलान का असर अगले कुछ हफ्तों तक रहेगा. 

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अब विप्रो और फोर्टम मिलकर देखेगीं मार्केट, 5 साल का एग्रीमेंट किया साइन

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नयी दिल्ली: विप्रो लि. को फोर्टम से ऐप्लिकेशन प्रबंधन (एएमएस) तथा सेवा एकीकरण एवं प्रबंधन (एसआईएम) का पांच साल का अनुबंध  साइन किया है. आपको बता दे कि फिनलैंड मुख्यालय वाली फोर्टम दुनिया की प्रमुख स्वच्छ ऊर्जा कंपनियों में से है. 

विप्रो ने मंगलवार को बयान में कहा कि पांच साल के अनुबंध के तहत वह 18 देशों में 11,500 प्रयोगकर्ताओं के लिए फोर्टम के ऐप्लिकेशन पोर्टफोलियो का प्रबंधन करेगी.  इसके अलावा वह कारोबार की दृष्टि से महत्वपूर्ण ऐप के लिए चौबीसों घंटे समर्थन उपलब्ध कराएगी. 

सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की प्रमुख कंपनी ने कहा कि वह अपने कृत्रिम मेधा (एआई) तथा ऑटोमेशन मंच विप्रो होल्म्स के जरिये प्रोसेस ऑटोमेशन से अंतिम प्रयोगकर्ताओं के लिए अनुभव को बेहतर बनाएगी. इस करार के वित्तीय पक्ष का खुलासा नहीं किया गया है. 

घोषणा के बाद फोर्टम के उपाध्यक्ष  तुओमास सलोसारी ने कहा है कि हमने विप्रो के लचीले और दक्ष समाधान उपलब्ध कराने के अनुभव और क्षमता को देखते हुए उसे अपना भागीदारी चुना है. कोरोना त्रासदी के बीच ये जोड़ कितना कारगर होगा ये तो वक्त ही बताएगा. (सोर्स-भाषा)

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सरोवर होटल्स चेन के MD अजय के. बकाया की घोषणा, 2021 तक होगा 15 नए होटल्स का इजाफा

सरोवर होटल्स चेन के MD अजय के. बकाया की घोषणा, 2021 तक होगा 15 नए होटल्स का इजाफा

नई दिल्ली: आतिथ्य क्षेत्र की कंपनी सरोवर होटल्स एंड रिजॉर्ट्स की 2021 अंक तक करीब 15 नई संपत्तियां (होटल) जोड़ने की योजना बनाई गई है.  सरोवर होटल एंड रिजॉर्ट्स के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि विस्तार योजना के तहत कंपनी मुख्य रूप से दूसरी और तीसरी श्रेणी के शहरों में नई संपत्तियां जोड़ेगी.कंपनी फिलहाल भारत और अफ्रीका के 55 गंतव्यों में 93 होटलों का प्रबंधन करती है. इन होटलों में कमरों की संख्या 6,900 है. 

सरोवर होटल्स एंड रिजॉर्ट्स के प्रबंध निदेशक अजय के. बकाया ने कहा कि 2021 की रणनीतिक विस्तार योजना के तहत हम दूसरी और तीसरी श्रेणी के शहरों में 15 नए होटल जोड़ेंगे. ये होटल पानीपत, मोरबी, डलहौजी, कटरा, डिब्रूगढ़, लातूर, मसूरी, धमतरी, उदयपुर और जालंधर आदि शहरों में जोड़े जाएंगे. उन्होंने कहा कि ये नए होटल सरोवर प्रीमियर, सरोवर पोर्टिकों और गोल्डन ट्यूलिप ब्रांड के तहत खोले जाएंगे. 

इस अवधि में अंतरराष्ट्रीय विस्तार के बारे में बकाया ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय विस्तार की योजना के तहत सरोवर अपने पोर्टिका ब्रांड का विस्तार करेगी. इसके तहत तंजानिया के दार-उस-सलाम में होटल खोला जाएगा. उन्होंने कहा कि आगे भी कंपनी प्रबंधन अनुबंध मॉडल के हिसाब से काम करेगा.हम फ्रेंचाइजी मॉडल के जरिये गोल्डन ट्यूलिप ब्रांड के भी तेजी से विस्तार की तैयारी कर रहे हैं.

कोविड-19 के प्रभाव के बारे में उन्होंने कहा कि इसका उद्योग पर काफी असर पड़ा है. अभी इसका पूरा अनुमान नहीं लगाया जा सकता. उन्होंने कहा कि मौजूदा स्थिति के हिसाब से यदि दिसंबर, 2020 तक होटलों की बुकिंग 50 प्रतिशत भी पहुंचती है, तो ज्यादातर होटल मालिकों के लिए अच्छी स्थिति होगी. (सोर्स-भाषा)

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2022 तक 10,000 करोड़ रुपये के कारोबार का लक्ष्य लेकर मार्केट में उतरेगी Parle Agro

2022 तक 10,000 करोड़ रुपये के कारोबार का लक्ष्य लेकर मार्केट में  उतरेगी Parle Agro

नई दिल्ली: फेमस कंपनी पारले एग्रो ने 2022 तक 10,000 करोड़ रुपये के कारोबार का लक्ष्य रखा है. बेवरेजेज क्षेत्र की कंपनी के लोकप्रिय ब्रांड में फ्रूटी और एप्पी फिज जैसे बड़े प्रॉडक्ट्स शामिल हैं. कंपनी की एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि अपने इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए हम एक नया संयंत्र लगाएंगे तथा एक या अधिक नए प्रमुख उत्पाद पेश करेंगे मगर ये उत्पाद क्या होगें ये हमारे ग्राहको के लिए सरप्राइज होगा. 

आपको बता दे की कंपनी ने 2019 में 6,500 करोड़ रुपये का कारोबार किया था. चालू साल में कंपनी को कारोबार में 10 प्रतिशत वृद्धि की उम्मीद है.  कंपनी ने हाल में नया उत्पाद बी-फिज पेश किया है, जो कि जौ के स्वाद वाला फ्रूट जूस आधारित पेय है. पारले एग्रो की संयुक्त प्रबंध निदेशक एवं मुख्य विपणन अधिकारी (सीएमओ) नादिया चौहान ने कहा है कि सामान्य रूप से एक कंपनी के रूप में हम बड़ी संख्या में नए उत्पाद पेश नहीं करते हैं. हम चुनिंदा नए उत्पाद ही पेश करते हैं और उन्हें आगे बढ़ाने पर ध्यान देते हैं. 2022 तक हम संभवत: एक और नई श्रेणी में उतरेंगे. 

विस्तार के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि हम सिर्फ मौजूदा कारखानों का ही विस्तार नहीं करते है.  हम नए गंतव्यों पर नई कारखाना परियोजनाओं के जरिये भी विस्ताार करते हैं.  मौजूदा वृद्धि के हिसाब से हम सामान्य रूप से हर साल एक नया कारखाना लगाते हैं. चौहान ने कहा कि समूची एप्पी फिज और बी-फिज श्रेणी में कंपनी ने अधिकतम वृद्धि हासिल की है और विस्तार किया है.

आपको बता दे की कंपनी फिलहाल आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में नई विनिर्माण इकाई लगाने के लिए परिस्थितियों का आकलन कर रही है और इतना ही नहीं कंपनी इससे पहले  उत्तराखंड के सितारगंज तथा कर्नाटक के मैसूर में पहले ही नई विनिर्माण इकाइयां लगा चुकी है. फिलहाल नया उत्पाद क्या हो सकता है इसकी कोई जानकारी नहीं है.  (सोर्स-भाषा)

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कर्ज लेने के लिए अब किसानों को नहीं होगी परेशानी, महिंद्रा एंड महिंद्रा ने इस बैंक से किया MOU

कर्ज लेने के लिए अब किसानों को नहीं होगी परेशानी, महिंद्रा एंड महिंद्रा ने इस बैंक से किया MOU

नयी दिल्लीः  सरकारी बैंक, बैंक आफ बड़ौदा (बीओबी) ने शुक्रवार को कहा कि कृषि क्षेत्र में वित्तपोषण को बढ़ावा देने के मकसद से उसने टैक्टर के कर्ज उपलब्ध कराने के वास्ते महिन्द्रा एंड महिन्द्रा के साथ करार किया है. बीओबी अपने 5,000 से अधिक ग्रामीण और अर्ध-शहरी शाखा नेटवर्क के माध्यम से महिंद्रा एंड महिंद्रा के ग्राहकों को ट्रैक्टर ऋण की सुविधा प्रदान करेगा.

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एमओयू कृषि व्यवसाय को देगा बढ़ावाः
बीओबी के कार्यकारी निदेशक विक्रमादित्य सिंह खिंची ने कहा कि समझौता ज्ञापन (एमओयू) कृषि व्यवसाय को बढ़ावा देगा और किसानों को ट्रैक्टर खरीदने में परेशानी मुक्त ऋण सुविधा प्रदान करेगा. उन्होंने कहा कि ट्रैक्टर वित्तपोषण योजना पहली बार प्रायोगिक तौर पर एक वर्ष के लिए उ.प्र. क्षेत्र में शुरू की गई थी और यह सफल रही. उन्होंने कहा कि अब इसे बैंक के 11 क्षेत्रों में विस्तारित किया जा रहा है. इसके अलावा, उन्होंने कहा, बैंक कृषि वित्त पोर्टफोलियो के विस्तार के लिए डेयरी क्षेत्र के स्वयं सहायता समूहों और किसान उत्पादक संगठनों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है.
सोर्स भाषा
 

समाचार एजेंसियों, डिजिटल मीडिया, न्यूज एग्रीगेटर्स 26 प्रतिशत एफडीआई नियम का अनुपालन करें: सरकार

समाचार एजेंसियों, डिजिटल मीडिया, न्यूज एग्रीगेटर्स 26 प्रतिशत एफडीआई नियम का अनुपालन करें: सरकार

नई दिल्ली: डिजिटल मीडिया या वेबसाइट पर सूचनाएं देने वाली कंपनियों या मीडिया समूहों को समाचार उपलब्ध कराने वाली समाचार एजेंसियों, समाचार संग्राहकों को 26 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) सीमा नियमों का पालन करने की जरूरत है. सरकार ने शुक्रवार को यह कहा है.

एफडीआई निवेश को 26 प्रतिशत तक करने की जरूरत:  
उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्द्धन विभाग (डीपीआईआईटी) ने कहा कि ‘‘इन कंपनियों को इस स्पष्टीकरण के जारी होने के एक साल के भीतर अपनी एफडीआई निवेश को केंद्र सरकार की अनुमति के साथ 26 प्रतिशत तक करने की जरूरत है.’’

पिछले साल अगस्त में मिली थी अनुमति:
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पिछले साल अगस्त में प्रिंट मीडिया की तरह ही डिजिटल मीडिया के माध्यम से समाचार या सूचनाएं अपलोडिंग या स्ट्रीमिंग के क्षेत्र में सरकारी मंजूरी मार्ग से 26 प्रतिशत एफडीआई निवेश की अनुमति दे दी थी.

इस नियम को लेकर स्पष्टीकरण की मांग की थी:
मीडिया उद्योग के एक वर्ग और विशेषज्ञों ने सरकार के इस इस नियम को लेकर स्पष्टीकरण की मांग की थी. उनका कहना था कि डिजिटल मीडिया में एफडीआई को 26 प्रतिशत पर सीमित रखने से सवाल खड़ा होता है इसे स्पष्ट करने की जरूरत है.

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सरकार की मंजूरी से 26 प्रतिशत एफडीआई निवेश की अनुमति होगी:
विभाग ने कहा कि उसे विभिन्न हितधारकों से इस निर्णय पर स्पष्टीकरण देने का आग्रह मिला था. विभाग ने कहा कि भारत में पंजीकृत और काम कर रही कुछ विशेष श्रेणी की भारतीय मीडिया इकाइयों में सरकार की मंजूरी से 26 प्रतिशत एफडीआई निवेश की अनुमति होगी.

डिजिटल मीडिया इकाइयों शामिल:
इन श्रेणियों में वेबसाइट, ऐप, अन्य मंच पर समाचार और दैनिक जानकारी अपलोड और स्ट्रीम करने वाली इकाइयां, समाचार एजेंसियां जो कि प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तौर पर डिजिटल मीडिया इकाइयों को समाचार प्रेषित करती हैं और न्यूज एग्रीगेटर्स शामिल हैं.

कंपनी को कुछ और शर्तों का भी पालन करना होगा:
विभाग ने कहा है कि एफडीआई नीति का अनुपालन उस इकाई की जिम्मेदारी होगी जिसमें निवेश किया जाना है. ऐसी कंपनी को कुछ और शर्तों का भी पालन करना होगा. ऐसी कंपनी के निदेशक मंडल में अधिसंख्य निदेशक भारतीय नागरिक होने चाहिये और उसका मुख्य कार्यकारी अधिकारी भी भारतीय होना चाहिये.

फूड एवं पैकेजिंग कंपनी हल्दीराम का डेटा हुआ लिक, शिकायत दर्ज

फूड एवं पैकेजिंग कंपनी हल्दीराम का डेटा हुआ लिक, शिकायत दर्ज

नोएडा: देश की नामी फूड एवं पैकेजिंग कंपनी हल्दीराम पर साइबर हमले का मामला सामने आया है. इस मामले में कंपनी की तरफ से थाना सेक्टर 58 में शिकायत की गयी है. साइबर अपराधियो ने कंपनी के कई विभाग का डेटा डिलीट कर दिया है, जिसकी वजह से कंपनी को काफी नुकसान उठाना पड़ा रहा है. डेटा वापस करने के एवज में साइबर अपराधियों ने सात लाख रुपये की रंगदारी मांगी है.

पुलिस कमिश्नर आलोक सिंह के मीडिया प्रभारी अभिनेंद्र सिंह ने बताया कि फूड एवं पैकेजिंग कंपनी हल्दीराम का नोएडा के सेक्टर 62 के सी-ब्लॉक में कॉरपोरेट ऑफिस है. यहां से कंपनी का आईटी विभाग संचालित होता है. हल्दीराम कंपनी के डीजीएम आईटी अजीज खान ने पुलिस को बताया कि 12 और 13 जुलाई की रात में कंपनी पर वायरस अटैक किया गया था. यह अटैक कंपनी के सेक्टर 62 स्थित कॉरपोरेट ऑफिस के सर्वर पर हुआ था. इस अटैक के कारण कंपनी के मार्केटिंग बिजनेस से लेकर अन्य विभाग के डेटा गायब हो गए और कई विभागों का डेटा डिलीट भी कर दिया गया.

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शिकायत के मुताबिक कंपनी की कई महत्वपूर्ण फाइलें भी गायब हो गई. जब इसकी जानकारी कंपनी के उच्च अधिकारियों को हुई तो पहले आंतरिक जांच की गयी. इसके बाद कंपनी अधिकारियों और साइबर अटैक करने वाले अपराधियों के बीच चैट हुई, तो साइबर अपराधियों ने कंपनी से सात लाख रुपए की मांग की.

जानकारी के मुताबिक कोविड-19 संक्रमण काल में जुलाई महीने में दुनिया भर की कई कंपनियों पर वायरस अटैक हुआ था. इसी दौरान देश की बड़ी फूड एंड पैकेजिंग कंपनी हल्दीराम भी इसका शिकार हो गयी. साइबर जगत के विशेषज्ञों के मुताबिक दुनिया भर में फैले एक समूह ने इन कंपनियों पर वायरस अटैक किया था. इस मामले में कंपनी के डीजीएम आईटी अजीज खान की शिकायत पर पुलिस मामले की जांच कर रही है फिलहाल मामले की जांच पड़ताल जारी है. (सोर्स-भाषा)
 

प्रधानमंत्री मोदी की पहल आत्मनिर्भर भारत, मेक इन इंडिया के साथ है इजरायल: इजरायली राजदूत 

प्रधानमंत्री मोदी की पहल आत्मनिर्भर भारत, मेक इन इंडिया के साथ है इजरायल: इजरायली राजदूत 

नयी दिल्ली: भारत सरकार द्वारा इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के लिए एक इजरायली कंपनी का चयन करने की तारीफ करते हुए इजरायल के राजदूत रॉन माल्का ने कहा कि उनका देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ पहल के साथ है. इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना तथा प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने विनिर्माण आधारित प्रोत्साहन योजना (पीएलआई) के तहत 16 योग्य आवेदकों को मंजूरी दी है. बड़े स्तर इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए पीएलआई के तहत पांच साल के लिए चुनिंदा कंपनियों को भारत में विनिर्मित होने वाले सामानों पर कुछ शर्तों के साथ चार प्रतिशत से छह प्रतिशत तक प्रोत्साहन राशि दी जाती है. 

मोदी सरकार के फैसले का स्वागत: 
सरकार के ताजा फैसले का स्वागत करते हुए माल्का ने ट्वीट किया कि खुशी है कि इजराइल की एक कंपनी नियोलिंक, जो यूटीएल-नियोलिंक का हिस्सा है, उसे भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के लिए भारत सरकार द्वारा चुना गया है. ये भारतीय प्रधानमंत्री के मेक इन इंडिया, निर्यात और आत्मनिर्भर भारत पहल में सक्रिय भागीदारी करने वाली इजरायली कंपनियों की सूची में एक और महत्वपूर्ण वृद्धि है. उन्होंने इस कंपनी के चयन पर पीटीआई-भाषा से कहा कि इससे पता चलता है कि उनका देश भारत की योजनाओं के साथ किस कदर जुड़ा हुआ है. उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच गठजोड़ न सिर्फ सरकारों के बीच, बल्कि व्यापारों के बीच भी है.
सोर्स भाषा 

तनिष्क ग्रुप ने विज्ञापन पर माफीनामा किया जारी, हिंदू समुदाय के लोगों से मांगी लिखित माफी

तनिष्क ग्रुप ने विज्ञापन पर माफीनामा किया जारी, हिंदू समुदाय के लोगों से मांगी  लिखित माफी

गांधीधाम:  विवादास्पद एड को लेकर चर्चा में आई मशहुर ज्वैलरी ग्रुप तनिष्क ने धार्मिक भावनाओं के ठेस पहुंचाने के आरोप के बाद इससे निपटने का अनोखा तरीका खोजा है. गुजरात के कच्छ जिले के गांधीनगर शहर में तनिष्क के एक शोरूम ने अपने गेट पर हाथ से लिखा एक माफीनामा चिपकाया है, जिसमें कंपनी के विवादास्पद विज्ञापन के लिए शोरूम ने हिंदू समुदाय के लोगों से माफी मांगी है. गुजराती भाषा में इस हस्तलिखित माफीनामे में टीवी विज्ञापन की आलोचना भी की गई है.

माफीनामे में लिखा गया हैं कि तनिष्क के शर्मनाक विज्ञापन के लिए हम कच्छ के हिंदू समुदाय के लोगों से माफी मांगते हैं. पुलिस ने बताया माफीनामा शोरूम के दरवाजे पर 12 अक्टूबर को चिपकाया गया था. अब इसे हटा लिया गया है. माफीनामे की तस्वीरें सोशल मीडिया में वायरल हो गईं हैं. शोरूम के प्रबंधक और स्थानीय पुलिस ने मीडिया में आई इन रिपोर्टों को खारिज किया कि तनिष्क के प्रचार से नाराज कुछ लोगों ने शोरूम पर हमला किया था.

जानकारी देेते हुए कच्छ-पूर्व के पुलिस अधीक्षक मयूर पाटिल ने कहा कि ऐसा कोई हमला नहीं हुआ है. गौरतलब है कि तनिष्क ने अपने आभूषण के विज्ञापन में दिखाया था कि एक मुस्लिम परिवार अपनी बहू की गोद भराई की तैयारियां कर रहा है,बहू हिंदू है. जिसके बाद विज्ञापन को ले कर काफी विवाद हुआ था जिसे देखते हुए कंपनी ने विज्ञापन वापस ले लिया था. फिलहाल मामला शांत हो चुका है. (सोर्स-भाषा )