VIDEO: कोरोना संकट में CM के संवेदनशील फैसले, गहलोत ने दी अनुकंपा नियुक्ति के लिए शिथिलता

VIDEO: कोरोना संकट में CM के संवेदनशील फैसले, गहलोत ने दी अनुकंपा नियुक्ति के लिए शिथिलता

जयपुर: कोरोना संकट की घड़ी में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने संवेदनशीलता से फैसला करते हुए मृतक राज्य कर्मचारियों के आश्रितों के लिए नियमों में शिथिलता दी है. इससे इन मृतक राज्य कर्मचारियों के आश्रित परिवारों को बड़ा संबल मिलेगा. 

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आवेदकों के लिए नियुक्ति की राह आसान की: 
मुख्यमंत्री गहलोत ने मृतक आश्रितों को नौकरी के लिए लंबित प्रकरणों में मानवीय आधार पर निर्णय लेते हुए आवेदकों के लिए नियुक्ति की राह आसान की है. CM गहलोत ने महत्वपूर्ण फ़ाइल पर मुहर लगाते हुए 71 आश्रितों को नियुक्ति देने के लिए अनुकंपा नियुक्ति नियमों में शिथिलता दी है. गहलोत ने आयु सीमा, देरी से आवेदन करने, प्रशासनिक विभाग में पद रिक्त नहीं होने पर अन्य विभाग में नियुक्ति चाहने सहित अन्य कारणों से लंबित प्रकरणों में मानवीय आधार पर निर्णय लेते हुए आवेदकों के लिए नियुक्ति की राह आसान की है. 

2208 आश्रितों को अनुकंपा नियुक्तियां प्रदान की जा चुकी: 
मृतक आश्रितों को नौकरी देने के मामले में गहलोत सरकार ने बीते करीब डेढ़ साल में कई अहम फैसले किये. अब तक 72 विभागों में मृतक राज्य कर्मचारियों के 2208 आश्रितों को अनुकंपा नियुक्तियां प्रदान की जा चुकी हैं. इनमें प्रमुख रूप से माध्यमिक शिक्षा में 749, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में 252, पुलिस में 177, जलदाय विभाग में 116, वन विभाग में 106, पशुपालन विभाग में 80, सार्वजनिक निर्माण विभाग में 78 तथा जल संसाधन विभाग में 68 नियुक्तियां दी जा चुकी हैं. 

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मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए आवेदकों को शिथिलता दी:
मुख्यमंत्री गहलोत डेढ़ साल में अनुकम्पा नियुक्ति के विभिन्न कारणों से लंबित 489 प्रकरणों में सहानुभूतिपूर्वक विचार कर शिथिलता प्रदान कर चुके हैं. मृतक कर्मचारियों की पुत्रवधु को नौकरी देने में भी गहलोत ने अहम फैसला किया है. न्यूनतम एवं अधिकतम आयु सीमा के दायरे में आने, देरी से आवेदन करने, नियमों की जानकारी नहीं होने, प्रथम आवेदक के नियुक्ति आदेश जारी होने के बाद दूसरे आवेदक को नियुक्ति प्रदान करने, अनुकंपा नियमों के तहत परिवार की परिभाषा में पुत्रवधू के पात्र नहीं होने आदि ऐसे मामले हैं जिनमें मुख्यमंत्री ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए आवेदकों को शिथिलता दी. अब तक चार प्रकरण ऐसे हैं जिनमें सीएम गहलोत ने अनुकंपात्मक नियुक्ति नियमों के तहत परिवार की परिभाषा में पात्र नहीं होने के बावजूद विषम पारिवारिक परिस्थितियों के आधार पर पुत्रवधू को नियमों में शिथिलता देते हुए नियुक्ति देना मंजूर किया है. कोरोना संकट के बीच CM गहलोत के इन फैसलों ने कई परिवारों को आर्थिक व सामाजिक संबल दिया है. 

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