गहलोत मंत्रिमंडल विस्तार पर गंभीर संशय, विस्तार से पहले सरकार को हासिल करना होगा विश्वासमत!

गहलोत मंत्रिमंडल विस्तार पर गंभीर संशय, विस्तार से पहले सरकार को हासिल करना होगा विश्वासमत!

जयपुर: राजस्थान में लगातार चल रहे सियासी उठापटक के बीच गहलोत मंत्रिमंडल विस्तार पर अभी गंभीर संशय बरकरार है. जानकार सूत्रों ने इसको लेकर संकेत दिए हैं. मंत्रिमंडल विस्तार से पहले सरकार को विश्वासमत हासिल करना होगा. इसके लिए विधानसभा में अपना बहुमत सिद्ध करना होगा. ऐसे में अब संभवत: इसके बाद ही मंत्रिमंडल में फेरबदल हो सकता है. 

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गवर्नर के औपचारिक फैसले का इंतजार: 
इसके लिए मंगलवार को गुलाबचंद कटारिया-सतीश पूनिया-राजेंद्र राठौड़ और हनुमान बेनीवाल ने एक स्वर में मांग की थी. गहलोत सरकार को पहले ही बहुमत साबित करना चाहिए और इसके बाद ही मंत्रिमंडल फेरबदल-विस्तार करें. कल पायलट समर्थक विधायकों ने भी ऐसी ही मांग की थी. अब हर किसी को गवर्नर कलराज मिश्र के औपचारिक फैसले का इंतजार है. 

गहलोत नाराज विधायकों को साधने में जुट गए: 
दूसरी ओर सचिन पायलट को उप मुख्यमंत्री पद से बर्खास्त करने के बाद अब अशोक गहलोत नाराज विधायकों को साधने में जुट गए हैं. सूत्रों के अनुसार, नए घटनाक्रम में अशोक गहलोत अब 16 जुलाई को मंत्रिमंडल का विस्तार कर सकते हैं. इसमें उन विधायकों को जगह मिल सकती है, जो नाराज हैं. 

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मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि मैंने सभी के काम किए:  
मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि मैंने सभी के काम किए है, जो मांगा सभी को देने की कोशिश की है. उसके बाद भी बीजेपी के साथ हॉर्स ट्रेडिंग की बात आई. पार्टी तोड़ने के लिए दो तिहाई बहुमत की जरूरत होती है. जो गए हैं, उन पर बहुत बड़ा प्रेशर है, जो फैसला जनता द्वारा दिया गया है, वह हमारे लिए शिरोधार्य है. 


 

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