सेरोगेट मदर भी मातृत्व अवकाश की हकदार, हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को जारी किये नोटिस

Nizam Kantaliya Published Date 2019/08/22 06:50

जयपुर: राजस्थान हाईकोर्ट ने आईवीएफ तकनीकी से सेरोगेसी मां बनने वाली एक शिक्षिका को मातृत्व अवकाश प्रदान नहीं करने को लेकर बड़ी राहत दी है. शिक्षिका को अवकाश प्रदान नहीं करने पर राज्य सरकार को नोटिस जारी कर पुछा है कि सेरोगेट मदर को मातृत्व अवकाश क्यों नहीं दिया जा सकता.  

विभाग ने नहीं दिया अवकाश:
दरअसल बांसवाड़ा के मुंंगाना घाटोल के सीनियर सैकण्डरी स्कूल की प्राचार्य प्रियंका डामोर के ने सरोगेसी के जरिए 11 दिसंबर 2018 को एक बच्चा प्राप्त किया. अहमदाबाद के एक अस्पताल द्वारा इस मामले में सर्टिफिकेट भी दिया गया. इस संपूर्ण प्रकिया के दौरान याचिकाकर्ता 177 दिनों के अवकाश पर रही. मातृत्व अवकाश स्वीकृति के लिए उसके द्वारा जब विभाग को प्रार्थना पत्र पेश किया गया, तो विभाग ने यह कहते हुए अस्वीकार कर दिया कि सेरोगेट मदर को मातृत्व अवकाश नहीं दिया जा सकता. इसके साथ ही विभाग की ओर से मातृत्व अवकाश की राशि याचिकाकर्ता से वसुल किये जाने का भी आदेश जारी कर दिया. 

हाईकोर्ट ने जारी किए निर्देश:
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता आर पी सैनी ने पैरवी करते हुए हाईकोर्ट में कहा कि सेरोगेट मदर भी मातृत्व अवकाश की हकदार है. बहस सुनने के बाद जस्टिस पी एस भाटी ने प्रमुख शिक्षा सचिव, निदेशक माध्यमिक शिक्षा और जिला शिक्षा अधिकारी बाड़मेर को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है. 
 

First India News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे!
हर पल अपडेट रहने के लिए अभी डाउनलोड करें First India News Mobile Application
लेटेस्ट वीडियो के लिए हमारे YOUTUBE चैनल को विजिट करें

और पढ़ें

Most Related Stories

Stories You May be Interested in