लखनऊ UP: शाह आलम आजमगढ़ संसदीय क्षेत्र से बसपा के उम्मीदवार घोषित, अखिलेश यादव के सांसद पद से इस्तीफे के कारण रिक्त हुई सीट

UP: शाह आलम आजमगढ़ संसदीय क्षेत्र से बसपा के उम्मीदवार घोषित, अखिलेश यादव के सांसद पद से इस्तीफे के कारण रिक्त हुई सीट

UP: शाह आलम आजमगढ़ संसदीय क्षेत्र से बसपा के उम्मीदवार घोषित, अखिलेश यादव के सांसद पद से इस्तीफे के कारण रिक्त हुई सीट

लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी (BSP) अध्यक्ष मायावती ने रविवार को पूर्व विधायक शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली को आजमगढ़ संसदीय क्षेत्र में होने वाले उपचुनाव के लिए पार्टी का उम्मीदवार घोषित किया है. यह सीट सपा प्रमुख अखिलेश यादव के सांसद पद से इस्तीफे के कारण रिक्त हुई है. बसपा प्रमुख ने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पद पर भीम राजभर को बरकरार रखते हुए राज्य कोऑर्डिनेटर (समन्वयक) पद का दायित्व पार्टी के तीन वरिष्ठ नेताओं को सौंपा है. रविवार को यहां आयोजित पार्टी पदाधिकारियों की समीक्षा बैठक में बसपा प्रमुख मायावती ने विधानसभा चुनाव से ठीक पहले बसपा छोड़कर एआईएमआईएम से चुनाव लड़ने वाले पूर्व विधायक शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली को आजमगढ़ संसदीय क्षेत्र में होने वाले उपचुनाव के लिए पार्टी का उम्मीदवार बनाने का फैसला किया. 

उन्होंने कहा कि पार्टी विपरीत हालात में भी सभी भटके हुए लोगों को जोड़ने के लिए अपनी सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय की नीतियों पर अब भी कायम व प्रयासरत है. इसी के मद्देनजर आजमगढ़ लोकसभा उप चुनाव में शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली को चुनाव लड़ाने का फैसला लिया है. उल्लेखनीय है कि विधानसभा चुनाव में मैनपुरी के करहल विधानसभा क्षेत्र से निर्वाचित होने के बाद समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने 22 मार्च को सांसद पद से इस्तीफा दे दिया. यादव लोकसभा में आजमगढ़ संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे थे. संकेत मिल रहे हैं कि उपचुनाव की प्रक्रिया बहुत जल्‍द शुरू होगी. जमाली ने असदुद्दीन ओवैसी के नेतृत्व वाले आल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के उम्मीदवार के तौर पर मुबारकपुर से चुनाव लड़ा लेकिन सपा के अखिलेश यादव (सपा प्रमुख नहीं) ने उन्हें पराजित कर दिया. जमाली वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव के खिलाफ बसपा से चुनाव लड़ चुके हैं. बैठक में बसपा प्रमुख ने कहा कि संगठन में कुछ आवश्यक तब्दीली की गई है लेकिन आप लोगों को बता दूं कि बसपा के प्रदेश अध्यक्ष भीम राजभर को नहीं बदला जाएगाा.

भीम राजभर ही प्रदेश अध्यक्ष बने रहेंगे. गौरतलब है कि भीम राजभर विधानसभा चुनाव में मऊ विधानसभा क्षेत्र से बसपा के उम्मीदवार थे लेकिन समाजवादी पार्टी गठबंधन से सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के उम्मीदवार और बाहुबली पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी ने उन्हें पराजित कर तीसरे नंबर पर कर दिया. इसके बाद राजनीतिक हलकों में संकेत मिल रहे थे कि भीम राजभर को पद से हटाया जा सकता है. मायावती ने कहा कि देश के अन्‍य राज्‍यों की तरह उत्‍तर प्रदेश राज्‍य का भी पार्टी के तीन वरिष्ठ लोगों को यहां प्रदेश समन्वयक (स्टेट कोऑर्डिनेटर) बना दिया गया है, जो प्रदेश के सभी 18 मंडलों में जाकर उनके दिशा निर्देशों का पालन कराएंगे. उन्‍होंने तीनों पदाधिकारियों के नाम की घोषणा की जिसमें राज्यसभा के पूर्व सदस्य मुनकाद अली (मेरठ), राजकुमार गौतम (बुलंदशहर) तथा विधानपरिषद के पूर्व सदस्य डॉक्टर विजय प्रताप को जिम्मेदारी दी गई है. उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य पार्टी को मजबूत करना है और इसके लिए उन्होंने अपने भतीजे आकाश आनंद को पार्टी का राष्ट्रीय समन्वयक बनाया है. सोर्स- भाषा

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