RBI गवर्नर शक्तिकांत दास का खुलासा, कहा- रिजर्व बैंक ने क्रिप्टो करेंसी को लेकर अपनी चिंताओं से सरकार को अवगत कराया है

RBI गवर्नर शक्तिकांत दास का खुलासा, कहा- रिजर्व बैंक ने क्रिप्टो करेंसी को लेकर अपनी चिंताओं से सरकार को अवगत कराया है

RBI गवर्नर शक्तिकांत दास का खुलासा, कहा- रिजर्व बैंक ने क्रिप्टो करेंसी को लेकर अपनी चिंताओं से सरकार को अवगत कराया है

मुंबईः भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने हाल ही में कहा है कि केंद्रीय बैंक को बाजार में क्रिप्टो करेंसी के कारोबार को लेकर चिंताएं हैं और उसने इस बारे में सरकार को अवगत कराया है. उन्होंने यह भी कहा है कि इस मामले में केंद्रीय बैंक और वित्त मंत्रालय के बीच कोई मतभेद नहीं है तथा दोनों वित्तीय स्थिरता को लेकर प्रतिबद्ध हैं. हमें इस बारे में केंद्र की तरफ से अंतिम निर्णय का इंतजार करना चाहिए. 

टाइम्स नेटवर्क इंडिया एकोनॉमिक कॉनक्लेव में दी जानकारी

क्रिप्टो करेंसी के लेकर सरकार की तरफ से कुछ भ्रम पैदा करने वाले संकेत आने के बीच दास ने यह बात कही है. इस प्रकार की मुद्राओं में काफी उतार-चढ़ाव को देखते हुए इसे पूर्ण रूप से प्रतिबंधित करने का इरादा जताने के बाद, सरकार ने बिट कॉइन जैसी मुद्राओं को लेकर कुछ नरम रुख दिखाया है. टाइम्स नेटवर्क इंडिया एकोनॉमिक कॉनक्लेव में दास ने कहा है कि आरबीआई ने क्रिप्टो करेंसी को लेकर अपनी चिंताओं से सरकार को अवगत करा दिया है. 

आरबीआई और सरकार दोनों वित्तीय स्थिरता को लेकर प्रतिबद्ध

उन्होंने कहा है कि केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा अलग चीज है, जबकि बाजार में कारोबार किए जाने वाली क्रिप्टो करेंसी का मामला कुछ और है. आरबीआई और सरकार दोनों वित्तीय स्थिरता को लेकर प्रतिबद्ध हैं. हमने इस प्रकार की मुद्राओं को लेकर अपनी चिंताएं सरकार को बताई है. दास ने कहा है कि यह मामला अभी भी सरकार के विचाराधीन है और इस बारे में जल्दी ही निर्णय किया जाएगा. 

आरबीआई मुद्रा के डिजिटल संस्करण पर काम कर रहा

उन्होंने कहा है कि आरबीआई मुद्रा (फिएट मनी) के डिजिटल संस्करण पर काम कर रहा है. फिलहाल सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (सीबीडीसी) के वित्तीय स्थिरता पर प्रभाव का आकलन किया जा रहा है. उन्होंने यह भी कहा है कि इस मामले में केंद्रीय बैंक और वित्त मंत्रालय के बीच कोई मतभेद नहीं है तथा दोनों वित्तीय स्थिरता को लेकर प्रतिबद्ध हैं. हमें इस बारे में केंद्र की तरफ से अंतिम निर्णय का इंतजार करना चाहिए. 

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