अब मैदान पर खेलते नहीं दिखेंगे ऑस्ट्रेलिया के ऑलराउंडर शेन वॉटसन 

अब मैदान पर खेलते नहीं दिखेंगे ऑस्ट्रेलिया के ऑलराउंडर शेन वॉटसन 

अब मैदान पर खेलते नहीं दिखेंगे ऑस्ट्रेलिया के ऑलराउंडर शेन वॉटसन 

सिडनीः ऑस्ट्रेलिया के चोटी के ऑलराउंडर शेन वॉटसन ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में अपनी टीम चेन्नई सुपर किंग्स के बाहर होने के बाद मंगलवार को प्रतिस्पर्धी क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा की.

 2016 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से लिया था संन्यासः
वॉटसन ने कहा कि उन्होंने अपने 20 साल के करियर के प्रत्येक पल का भरपूर आनंद लिया और उन्होंने जो सपना देखा था उसे साकार करने के लिये वह स्वयं को भाग्यशाली मानते हैं. यह 39 वर्षीय खिलाड़ी 2016 में ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुका था और उन्होंने पिछले साल ऑस्ट्रेलियाई बिग बैश लीग को अलविदा कह दिया था.

वॉटसन ने कहा-इस अध्याय का समापन करना मुश्किल 
वॉटसन ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा कि इसकी शुरुआत बचपन में तब हुई थी जब मैंने एक टेस्ट मैच देखते हुए अपनी मां से कहा था कि मैं ऑस्ट्रेलिया की तरफ से खेलना चाहता हूं. अब जबकि मैं आधिकारिक तौर पर सभी तरह की क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा कर रहा हूं तब मैं खुद को भाग्यशाली मान रहा हूं कि मैंने अपना सपना पूरा किया. उन्होंने कहा कि इस अध्याय का समापन करना मुश्किल बनता जा रहा है लेकिन मैं कोशिश कर रहा हूं. मैं वास्तव में आभारी हूं कि मैंने यह अद्भुत सपना जिया. अब अगली रोमांचक यात्रा की तैयारी है.

अपनी मां, पिताजी, बहन निकोल और पत्नी का किया आभार व्यक्तः
वॉटसन ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में 59 टेस्ट, 190 वनडे और 58 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले. टी20 प्रारूप में उनकी काफी मांग थी और वह आईपीएल में शुरू से नियमित रूप से खेलते रहे. आईपीएल में उन्होंने 145 मैचों में 3874 रन बनाये जिसमें चार शतक और 21 अर्धशतक शतक शामिल हैं. उन्होंने इसके अलावा 92 विकेट भी लिये. उन्होंने कहा कि वास्तव में लगता है कि यह सही समय है. मैं जानता हूं कि मैंने क्रिकेट में अपना आखिरी मैच, अपने प्रिय चेन्नई सुपर किंग्स की तरफ से आखिरी मैच खेल लिया है. अपने लंबे करियर में इतनी चोटों के बावजूद 39 वर्ष की उम्र में अलविदा कहने पर मैं वास्तव में खुद को भाग्यशाली मानता हूं. उन्होंने अपने करियर में अहम भूमिका निभाने वाले लोगों विशेषकर अपनी मां, पिताजी, बहन निकोल और अपनी पत्नी का आभार व्यक्त किया. उन्होंने अपने सभी कोच, मेंटोर, टीम के साथियों और प्रशंसकों का भी आभार जताया.

दो अलग-अलग आईपीएल विजेता टीमों की तरफ से खेलाः 
वॉटसन ने इस साल आईपीएल में चेन्नई की तरफ से 299 रन बनाये. चेन्नई की टीम इस टूर्नामेंट में पहली बार प्लेऑफ के लिये क्वालीफाई करने में नाकाम रही. यह ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर उन कुछेक खिलाड़ियों में शामिल हैं जिन्होंने दो अलग अलग टीमों की तरफ से आईपीएल जीता. उन्होंने राजस्थान रॉयल्स की आईपीएल के पहले टूर्नामेंट में खिताबी जीत में अहम भूमिका निभायी थी. तब उन्होंने 472 रन बनाने के अलावा 17 विकेट भी लिये थे. चेन्नई की तरफ से उन्होंने 2018 में मुंबई इंडियन्स के खिलाफ फाइनल में शतक जमाकर अपनी टीम को खिताब दिलाया था. वॉटसन ने उस सत्र में 555 रन बनाने के अलावा छह विकेट भी लिये थे.
सोर्स भाषा
 

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