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शनि जयंती आज, जानें न्याय के देवता शनि देव के जन्म की कहानी

शनि जयंती आज, जानें न्याय के देवता शनि देव के जन्म की कहानी

जयपुर: ज्‍येष्‍ठ मास की अमावस्‍या यानी आज देशभर में शनि जयंती मनाई जा रही है. ज्योतिषशास्त्र के अनुसार शनि न्यायधीश या कहें दंडाधिकारी की उपाधि से नवाजा गया है. शनिदेव के पास हमारे सभी कर्मों का लेखाजोखा रहता है. वह हर व्‍यक्ति को उसके कर्मों का फल देते हैं. धार्मिक परंपराओं में बताया गया है कि इस दिन शनिदेव का जन्‍म हुआ था. इस अमावस्‍या को ही महिलाएं अपने पति की दीर्घायु का व्रत रखती  हैं और बड़ अमावस्‍या का त्‍योहार मनाती हैं. 

अक्सर शनि का नाम सुनते ही डर लगने लगता है, शनि के प्रकोप का खौफ खा जाते हैं. कुल मिलाकर शनि को क्रूर ग्रह माना जाता है लेकिन असल में ऐसा है नहीं. शनिदेव अच्छे का परिणाम अच्छा और बूरे का बूरा देने वाले ग्रह हैं. अगर कोई शनिदेव के कोप का शिकार है तो रूठे हुए शनिदेव को मनाया भी जा सकता है. शनि जयंती का दिन तो इस काम के लिये सबसे उचित माना जाता है. 

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शनिदेव के जन्‍म की क‍था: 
स्‍कंदपुराण में शनिदेव के जन्‍म की कथा के बारे में विस्‍तार से बताया गया है. राजा दक्ष की कन्या संज्ञा का विवाह सूर्यदेवता के साथ हुआ. सूर्यदेवता का तेज बहुत अधिक था जिसे लेकर संज्ञा परेशान रहती.  वह सोचा करती कि किसी तरह तपादि से सूर्यदेव की अग्नि को कम करना होगा. जैसे तैसे दिन बीतते गये संज्ञा के गर्भ से वैवस्वत मनु, यमराज और यमुना तीन संतानों ने जन्म लिया. संज्ञा अब भी सूर्यदेव के तेज से घबराती थी फिर एक दिन उन्होंने निर्णय लिया कि वे तपस्या कर सूर्यदेव के तेज को कम करेंगी लेकिन बच्चों के पालन और सूर्यदेव को इसकी भनक न लगे इसके लिये उन्होंने एक युक्ति निकाली उन्होंने अपने तप से अपनी हमशक्ल को पैदा किया जिसका नाम संवर्णा रखा और बच्‍चों की देखरेख का जिम्‍मा उसको सौंपकर खुद अपने पिता के घर चली गई.  पिता के साथ न देने पर संज्ञा घोड़ी का रूप लेकर वन में जाकर तपस्‍या करने लगी. वहीं छाया रूप होने के कारण सवर्णा को भी सूर्य के तेज से कोई परेशानी नहीं हुई. सूर्य और संवर्णा के मिलन से फिर 3 संतानें हुईं-मनु, शनिदेव भद्रा.

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सूर्य देव ने कहा यह मेरा पुत्र नहीं हो सकता: 
एक अन्य कथा के अनुसार शनिदेव छाया के पुत्र होने के कारण वर्ण में काले थे.  जब शनिदेव का जन्म हुआ तो रंग को देखकर सूर्यदेव ने छाया पर संदेह किया और उन्हें अपमानित करते हुए कह दिया कि यह मेरा पुत्र नहीं हो सकता. मां के तप की शक्ति शनिदेव में भी आ गई थी उन्होंने क्रोधित होकर अपने पिता सूर्यदेव को देखा तो सूर्यदेव बिल्कुल काले हो गये, उनके घोड़ों की चाल रूक गयी. परेशान होकर सूर्यदेव को भगवान शिव की शरण लेनी पड़ी इसके बाद भगवान शिव ने सूर्यदेव को उनकी गलती का अहसास करवाया. सूर्यदेव अपने किये का पश्चाताप करने लगे और अपनी गलती के लिये क्षमा याचना कि इस पर उन्हें फिर से अपना असली रूप वापस मिला. लेकिन पिता पुत्र का संबंध जो एक बार खराब हुआ फिर न सुधरा आज भी शनिदेव को अपने पिता सूर्य का विद्रोही माना जाता है. 


 

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जयपुर: राजस्थान में जयपुर हेरिटेज, जोधपुर उत्तर और कोटा उत्तर नगर निगमों में आज प्रथम चरण के चुनाव के लिए मतदान ने अब रफ्तार पकड़ ली है. जैसे-जैसे अब टाइन निकलता जा रहा मतदाओं में भी उत्साह देखते ही बन रहा है. प्रदेश की 3 नगर निगमों में हो रहे चुनाव में दोपहर 1 बजे तक कुल 38.75% मतदान हुआ है. इसमें दोपहर 1 बजे तक सबसे ज्यादा 42.63 फीसदी मतदान जोधपुर उत्तर में हुआ है. इसके बाद कोटा उत्तर में 38.91 और जयपुर हेरिटेज में 37.08% मतदान हुआ है. 

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बता दें कि पहले चरण में 250 वार्डों के 2761 मतदान केंद्रों पर 16 लाख 54 हजार 547 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे. इसमें जयपुर हैरिटेज के 100 वार्डों के 9 लाख 32 हजार 908 मतदाताओं में 4 लाख 91 हजार 633 पुरुष, 4 लाख 41 हजार 260 महिला व 15 अन्य, जोधपुर उत्तर के 80 वार्डों के 3 लाख 88 हजार 847 मतदाताओं में से 1 लाख 99 हजार 505 पुरुष, 1 लाख 89 हजार 339 महिला व 3 अन्य और कोटा उत्तर के 70 वार्डों के 3 लाख 32 हजार 792 मतदाताओं में से 1 लाख 70 हजार 959 पुरुष, 1 लाख 61 हजार 831 महिला व 2 अन्य मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगे.

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पहले चरण में 3 हजार 393 ईवीएम मशीनों के द्वारा चुनाव करवाए जाएंगे. सभी निकायों में लगभग 30 प्रतिशत मशीनें रिजर्व में रखी गई हैं. चुनाव कार्य से जुड़ी सूचनाओं और लोगों की शिकायतों पर कार्यवाही के लिए आयोग ने मुख्यालय और जिलास्तर पर चुनाव नियंत्रण कक्ष स्थापित किये हैं.

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बलिया: उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के गड़वार थाना क्षेत्र में पिछले दिनों एक पिता को बच्चे का जन्‍मदिन का उत्सव मनाना भारी पड़ गया है. असल में बच्चे के जन्मदिन में हर्ष फायरिंग कर दी थी जिसके बाद भाजपा नेता भानु दुबे को लेने के देने पड़ गए क्योंकि ये गोली भोजपुरी गायक और अभिनेता गोलू राजा को लग गई और दुबे के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज हो गया है. थानाध्यक्ष अनिल तिवारी ने बताया कि भाजपा नेता भानु दुबे को उसके गांव के समीप एक तिराहे से गिरफ्तार किया गया है.

उल्‍लेखनीय है कि गड़वार थाना क्षेत्र के महाकरपुर गांव में 26 अक्‍टूबर की रात भाजपा नेता भानु दुबे के बेटे की जन्मदिन पार्टी में पड़ोसी राज्‍य बिहार के मशहूर लोकगीत गायक व अभिनेता गोलू राजा और गायिका निशा उपाध्याय गीत प्रस्तुत कर रहे थे, तभी वहां हर्ष फायरिंग शुरू हो गई और इस दौरान एक गोली गायक की बांह को चीरते हुए सीने में लग गई जिसके बाद गोलू को उपचार के लिए वाराणसी में भर्ती कराया गया है. बताया जा रहा है कि अब उनकी हालत स्थिर है. 

थानाध्‍यक्ष ने जानकारी देते हुए बताया है  कि इस मामले में उप निरीक्षक लाल साहब गौतम की शिकायत पर हत्‍या के प्रयास समेत कई गंभीर धाराओं में भानु दुबे के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. थानाध्‍यक्ष ने बताया कि पुलिस जन्मदिन की पार्टी में गोली चलाने वाले की तलाश कर रही है. जिसका फिलहाल कोई अता-पता नहीं है. (सोर्स-भाषा)

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सारलोरलक्स ओपन से बाहर हुए अजय जयराम और शुभंकर डे

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सारब्रकेन, जर्मनी:  हाल ही में बैडमिंटन मैच के ठीक पहले भारत के अजय जयराम और शुभंकर डे कोरोना पॉजिटिव पाये गए है जिसके चलते उन्हें क्वारेंटाइन कर दिया गया है. बताया जा रहा है कि गत चैम्पियन लक्ष्य सेन के पिता और कोच के संपर्क में आने के कारण उन्हें सारलोरलक्स ओपन बैडमिंटन से बाहर का रास्ता देखना पड़ा है और कोरोना के चलते प्रथकवास में भी रहना होगा. 

उन्नीस वर्ष के लक्ष्य पहले ही नाम वापिस ले चुके हैं जिनके पिता डी के सेन पॉजिटिव पाये गए थे.उनमें फिलहाल कोई लक्षण नहीं पाये गए हैं. विश्व बैडमिंटन महासंघ ने एक बयान में कहा  कि बीडब्ल्यूएफ इसकी पुष्टि करता है कि सरलोरलक्स ओपन 2020 से तीन खिलाड़ियों ने एहतियात के तौर पर नाम वापिस ले लिया है चूंकि वे कोरोना पॉजिटिव पाये गए उनकी टीम के एक सदस्य के संपर्क में थे. 

इसमें कहा गया कि ये तीन खिलाड़ी लक्ष्य सेन, अजय जयराम और शुभंकर डे टूर्नामेंट में आगे भाग नहीं लेंगे. तीनों खिलाड़ियों और टीम को पृथकवास में रखा गया है. टूर्नामेंट से पहले लक्ष्य, जयराम और डे नेगेटिव पाये गए थे. मगर मैच के ठीक पहले कोरोना ने अपना शिकार बना लिया है. फिलहाल सभी को उनके ठीक होने का इंतजार है. (सोर्स-भाषा)

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मुख्य सचिव प्रकरण में लेटेस्ट अपडेट! गहलोत सरकार ने केन्द्र को भेजा था प्रस्ताव

जयपुर: राजस्थान के मुख्य सचिव प्रकरण में लेटेस्ट अपडेट सामने आई है. गहलोत सरकार ने केंद्र को राजीव स्वरूप के 6 माह के एक्सटेंशन का प्रस्ताव भेजा था लेकिन संभवत: कल दिल्ली से 6 माह के बजाय 3 माह का एक्सटेंशन प्रस्ताव भेजने का फोन आया है. ऐसे में इस 'डवलपमेंट' से एक बार फिर आस जगी है. अपनी लड़ाई लगभग हार चुके राजीव के लिए यह एक नई आस है. 

अभी भी ऊषा शर्मा-वीनू गुप्ता-निरंजन आर्य के नामों की चर्चा:  
दूसरी ओर अभी भी ऊषा शर्मा, वीनू गुप्ता और निरंजन आर्य के नामों की चर्चा चल रही है. ऐसे में यदि ऊषा शर्मा को मौका मिलता है तो ये वरिष्ठता का सम्मान होगा और वरिष्ठता के साथ-साथ "सीपी फैक्टर" भी खुश होगा. यदि डीबी गुप्ता के बाद वीनू को ये पद मिला तो ये उनकी "लॉ प्रोफाइल एंड साइलेंट परफॉर्मेंस" की "विक्ट्री" होगी. वहीं यदि निरंजन आर्य सीएस बने तो वे राज्य के पहले "नरेगा" सीएस होंगे. इसके साथ ही पिछड़ी जाति का कोई अफसर पहली बार सीएस बनेगा. 

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नीलकमल दरबारी की भी आई थी सिफारिश: 
ऐसे में अब हर किसी की निगाहें PMO और सीएम गहलोत के फैसले पर टिकी हुई है. इसी बीच नीलकमल दरबारी की भी गांधी परिवार से निकट रिश्तों के कारण सिफारिश आई थी. लेकिन अंतत: गहलोत सरकार में बात नहीं बनी. क्योंकि नीलकमल के पति एक मामले में सुरेश कलमाड़ी के साथ जेल जा चुके हैं. वैसे नीलकमल की शादी में खुद राजीव गांधी भी शामिल हुए थे.  

निरंजन बने सीएस तो इसका जाएगा जबरदस्त राजनीतिक मैसेज:
वहीं यदि सचमुच निरंजन सीएस बने तो इसका जबरदस्त राजनीतिक मैसेज जाएगा. इसके साथ ही SC-ST, पिछड़ा वर्ग को गहलोत द्वारा आगे लाने का मैसेज भी जाएगा. इसके साथ ही DGP के पद पर पहले ही एक जाट अफसर की नियुक्ति हो रही है. इस प्रकार जाट और पिछड़े वर्ग की सोशल इंजीनियरिंग बनेगी. 
 

पूर्व सांसद अनु टंडन ने दिया कांग्रेस से इस्तीफा, ट्विट कर दी जानकारी

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नई दिल्ली: कांग्रेस पार्टी की पूर्व सासंद अनु टंडन ने हाल ही में पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है.अनु ने ट्विटर पर जारी एक बयान में अपना त्यागपत्र कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को भेजने की जानकारी दी है. उन्नाव से पूर्व लोकसभा सदस्य ने यह दावा भी किया कि प्रदेश कांग्रेस के नेतृत्व से उन्हें कोई सहयोग नहीं मिल रहा था और कुछ लोगों द्वारा झूठा प्रचार चलाया जा रहा था तथा केंद्रीय नेतृत्व ने इस पर अंकुश लगाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है.

उन्होंने कहा कि इन बिंदुओं पर मेरी बात कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा से भी हुई था, लेकिन ऐसा कोई विकल्प या रास्ता नहीं निकल पाया, जो सबके हित में हो.  पिछले कुछ महीनों में कांग्रेस के उत्तर प्रदेश के कुछ वरिष्ठ नेताओं से भी मेरी बातचीत हुई है, लेकिन वो भी इन हालात में असहाय एवं विकल्पहीन लगे है, जिसके चलते उन्होनें ये बड़ा फैसला ले लिया है. 

अनु ने अपने अगले राजनीतिक कदम का खुलासा नहीं करते हुए कहा कि वह अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं से परामर्श के बाद कोई कदम उठाएंगी. उल्लेखनीय है कि अनु 2009 में उन्नाव से कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा चुनाव जीती थीं, हालांकि, 2014 और 2019 के लोकसभा चुनावों में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था. फिलहाल कोई घोषणा नहीं की गई है कि वे भविष्य में कौनसी पार्टी ज्वाइन करेंगी. (सोर्स-भाषा)

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बीच मैच में भिड़े मौरिस और पंड्या, दोनों को पड़ी जोरदार फटकार

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अबुधाबी:  हाल ही में आईपीएल मैच के दौरान रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर के हरफनमौला क्रिस मौरिस और मुंबई इंडियंस के हार्दिक पंड्या भीड़ गए जिसके बाद दोनों को ही जोरदार फटकार पड़ी है. आपको बता दे की मामला आईपीएल मैच के दौरान तीखी बहस के लिये फटकार का है. जिसमें हार्दिक छक्का लगाकर मौरिस की ओर इशारा कर रहे थे तो, कुछ ही देर में हार्दिक की विकेट लेकर मौरिस उनकी ओर इशारा करते नजर आए जिसके बाद मामला बढ़ गया और दोनों को ही इस सिलसिले में डांट खानी पड़ी. 

यह घटना मुंबई की पारी के 19वें ओवर की है जब पंड्या ने मौरिस की गेंद पर छक्का लगाकर उनकी ओर इशारा किया तो मौरिस ने पांचवीं गेंद पर उन्हें आउट करके इशारा वापिस इशारा किया जिसके बाद मुंबई ने वह मैच पांच विकेट से जीता लिया था. आईपीएल की रिलीज के अनुसार दोनों ने आचार संहिता के उल्लंघन की बात स्वीकार की है और आचार संहिता के उल्लंघन के लेवल एक के अपराध में मैच रैफरी का फैसला अंतिम और सर्वमान्य है. (सोर्स-भाषा)

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गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री केशुभाई पटेल का निधन, 92 साल की उम्र में ली अंतिम सांस

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अहमदाबाद: गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्य के दिग्गज नेता केशुभाई पटेल का आज निधन हो गया है. गुरुवार सुबह सांस लेने में तकलीफ होने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली. केशुभाई पटेल की उम्र 92 साल थी. केशुभाई पटेल ने साल 2014 में राजनीति से सन्यास की घोषणा की थी. बीते महीने केशुभाई कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे. केशुभाई हाल ही में सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष बनाए गए थे.

दो बार गुजरात का सीएम पद संभाला था: 
केशु भाई पटेल ने दो बार गुजरात का सीएम पद संभाला था. उन्होंने पहली बार साल 1995 में गुजरात का सीएम पद संभाला था. इसके बाद वह 1998 से साल 2001 तक दूसरी बार मुख्यमंत्री पद पर काबिज हुए. वह छह बार राज्य में विधानसभा चुनाव जीते. केशु भाई पटेल ने साल 2012 में बीजेपी छोड़ दी थी और अपनी नई पार्टी 'गुजरात परिवर्तन पार्टी' बनाई थी.

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जनसंघ के संस्थापक सदस्यों में से एक थे:
1960 के करीब अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत जनसंघ से करने वाले पटेल इसके संस्थापक सदस्यों में से एक थे. साल 1975 में जनसंघ-कांग्रेस ओ की गठबंधन वाली सरकार चुनी गई थी. इमरजेंसी के बाद लोकसभा पहुंचे पटेल ने इस्तीफा देकर साल 1978 से 1980 तक बाबूभाई पटेल की सरकार में कृषि मंत्री थे.

सांस लेने में तकलीफ के बाद जब उन्हें अस्पताल ले जाया गया:
केशुभाई पटेल के बेटे के मुताबिक, कोरोना को मात देने के बाद भी उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती जा रही थी. लेकिन गुरुवार सुबह सांस लेने में तकलीफ के बाद जब उन्हें अस्पताल ले जाया गया, तब इलाज में उन्होंने कोई रिस्पॉन्ड नहीं किया था.