दिल्ली हिंसा को लेकर संजय राउत का बयान, कहा-ट्रैक्टर परेड के दौरान हिंसा ने किसानों के आंदोलन को दागदार किया

दिल्ली हिंसा को लेकर संजय राउत का बयान, कहा-ट्रैक्टर परेड के दौरान हिंसा ने किसानों के आंदोलन को दागदार किया

मुंबई: शिवसेना सासंद संजय राउत ने मंगलवार को दिल्ली के ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा की आलोचना करते हुए कहा कि यह राष्ट्रीय शर्म की बात है जिसने नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन को दागदार बना दिया है. सांसद ने यह भी कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में जो भी हुआ उसके लिए केन्द्र को भी जिम्मेदारी लेनी होगी.

केन्द्र सरकार पर आरोप, कहा-अड़ियल रवैये के कारण दिल्ली में बिगड़े हालातः 
संजय राउत ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि केन्द्र सरकार के अड़ियल रवैये के कारण दिल्ली में हालात बिगड़े हैं और राष्ट्रीय राजधानी में कानून-व्यवस्था ध्वस्त होने के मुद्दे पर उन्हें आत्मावलोकन करने की जरुरत है. राउत ने कहा कि अगर केन्द्र में किसी और पार्टी की सरकार होती तो अभी तक इस्तीफे की मांग होनी शुरू हो गई होती.

प्रदर्शनकारियों और पुलिस में हुई झड़पः
गणतंत्र दिवस पर आयोजित किसानों के ट्रैक्टर परेड का लक्ष्य कृषि कानूनों को वापस लेने और फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी की मांग करना था. दिल्ली पुलिस ने राजपथ पर समारोह समाप्त होने के बाद तय रास्ते से ट्रैक्टर परेड निकालने की अनुमति भी दी थी, लेकिन हजारों की संख्या में किसान समय से पहले विभिन्न सीमाओं पर लगे अवरोधकों को तोड़ते हुए दिल्ली में प्रवेश कर गए. कई जगह पुलिस के साथ उनकी झड़प हुई और पुलिस को लाठी चार्ज और आंसू गैस के गोलों का सहारा लेना पड़ा. किसानों का एक समूह लाल किला भी पहुंच गया और वहां गुंबद पर तथा ध्वजारोहण स्तंभ पर झंडे लगा दिए. इस स्तंभ पर केवल राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया जाता है.

राउत का भाजपा पर तंज, सत्तारूढ़ पार्टी अब किससे मांगेंगी इस्तीफाः
भाजपा का नाम लिए बगैर राउत ने कहा कि सत्तारूढ़ पार्टी अब किसका इस्तीफा मांगेगी. चुटकी लेते हुए उन्होंने कहा कि हिंसा के लिए क्या अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी या महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का इस्तीफा मांगेगी.

हिंसा की जिम्मेदारी से प्रदर्शनकारी और सरकार दोनोंः
संजय राउत ने कहा कि दिल्ली में जो हुआ, मैं जो देख रहा हूं, मैं उसे राष्ट्रीय शर्म कहूंगा. राज्यसभा सदस्य ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी की सड़कों पर हिंसा की जिम्मेदारी से प्रदर्शनकारी और सरकार दोनों हीं नहीं बच सकते हैं. शिवसेना नेता ने कहा कि किसानों ने अभी तक दिल्ली की सीमाओं पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया. उन्होंने आश्चर्य जताया कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि प्रदर्शनकारियों ने अपना आपा खो दिया.
सोर्स भाषा

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