महाराष्ट्र घमासान: राष्ट्रपति शासन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची शिवसेना 

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/11/12 15:11

मुंबई: महाराष्ट्र में पिछले कई दिनों से जारी सियासी घमासान अब राष्ट्रपति शासन की तरफ जाता दिखाई दे रहा है. 24 अक्टूबर के बाद से अब तक राज्य में कोई भी पार्टी बहुमत साबित नहीं कर पाई है, जिसके चलते प्रदेश में सरकार गठन नहीं हो पाया है. वहीं आज राज्यपाल ने राष्ट्रपति शासन की सिफारिश की, जिसको मोदी कैबिनेट ने भी मंजूरी दे दी है. इसी बीच इसके खिलाफ शिवसेना ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. 

दरअसल शिवसेना ने सुप्रीम कोर्ट में दायर अपनी याचिका में मांग की है कि राज्यपाल के उस आदेश को रद्द किया जाए, जिसमें उन्होंने शिवसेना को समर्थन पत्र जमा करने के लिए तीन दिनों का समय देने से इनकार किया था. साथ ही शिवसेना ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट गर्वनर को आदेश दे कि शिवसेना को समर्थन जुटाने के किये पर्याप्त समय दिया जाए. शिवसेना की ओर से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल और देवदत्त कामत सुप्रीम कोर्ट में पैरवी कर रहे हैं.

बता दें कि बीजेपी और शिवसेना दोनों को राज्यपाल सरकार बनाने के लिए बुला चुके हैं और उनके चांस खत्म हो गए हैं. वहीं आज एनसीपी की बारी है. 

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