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VIDEO: श्वेता तिवाड़ी हत्याकांड- दूसरी शादी करना चाहता था पति रोहित तिवाड़ी, जानिए रोंगटे खड़े करने वाला पूरा घटनाक्रम

जयपुर: राजधानी के चर्चित श्वेता तिवारी व उसके 21 महिने के बेटे श्रीयम हत्याकांड मामले में पुलिस कमिश्नर आनंद श्रीवास्तव ने प्रेस कांफ्रेंस कर खुलासा किया है. पुलिस के अनुसार हत्या का मास्टरमाइंड पति रोहित तिवाड़ी दूसरी शादी करना चाहता था. शादी में बच्चा बाधा ना बने इसी के चलते मासूम बच्चे की भी कॉन्ट्रैक्ट किलिंग द्वारा हत्या करवा दी. रोहित ने 5 जनवरी को ही श्वेता के परिजनों को फोन कर कहा था कि इसे मेरे घर से ले जाओ. 

मृतका के पहले भी लिखा था नोट:
पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि यह महिला करीब पिछले डेढ़ साल से इस फ्लैट में रह रही थी. इस दौरान फ्लैट में कितने लोग आए उन सबकी जानकारी खंगाली गई. साथ ही कहा गया कि जहां से मृतका के पति के पास में फिरौती के मैसेज आ रहे थे उस नबंर के आधार पर पूरी टीम ने मामले का विश्लेषण किया गया. पुलिस के अनुसार 2011 में जब मृतका की शादी रोहित से हुई तब से ही इन दोनों के संबंध अच्छे नहीं थे. इसके बाद धीरे-धीरे इनके संबंध और खराब हो गए. इन सब के बीच मृतका ने एक बार ऐसा भी नोट लिखा था कि अगर मेरी जान चली जाती है तो इसका जिम्मेदार मेरा पति होगा. अभी सात तारीख को यह घटना हुई इससे पहले 5 तारीख को भी मृतका के पति ने उसके साथ मारपीट की थी. इस बात की शिकायत पीड़िता ने अपने पीहर और पड़ोसियों से की थी.

VIDEO: श्वेता तिवाड़ी मर्डर मिस्ट्री का हुआ पर्दाफाश, पति रोहित तिवाड़ी ही निकला हत्याकांड का मास्टरमांइड

दूसरी शादी के लिए श्वेता को रास्ते से हटाने का विचार आया:
पुलिस कमिश्नर ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि इन बातों को ध्यान में रखते हुए ही पुलिस ने मृतका के पति से भी सख्ती से पूछताछ की. हमारी पूरी टीम के ग्राउंडलेवल पर काम करने से जानकारी मिली की इस पूरी जघन्य घटना का सूत्रधार मृतका का पति रोहित तिवारी ही है. रोहित तिवारी जयपुर से पहले उदयपुर में पोस्टेड था. तब उसकी आगरा निवासी हरिसिंह नाम के व्यक्ति से दोस्ती हुई. जिसके बाद उसकी मुलाकात हरि के साले सौरभ चौधरी से हुई. इसके बाद सौरभ चौधरी की पिछले कुछ समय से रोहित तिवारी से मुलाकात होती रहती थी. इसी बीच जब रोहित और श्वेता के बीच विवाद बढ़ने पर रोहित के मन में उसको रास्ते से हटाने का विचार आया. उसके बाद मृतका के पति रोहित तिवारी ने अपनी पत्नी श्वेता तिवारी व 21 महीने के बेटे श्रीयम को मारने के लिए सौरभ चौधरी को सुपारी दी थी. 

अखबार में क्राइम की खबर पढ़कर बनाया प्लान:
पुलिस ने खुलासा करते हुए बताया कि आरोपी रोहित ने 22 दिसंबर को अखबार में क्राइम की खबर पढ़कर इस घटना को अंजाम देने के लिए खुद को तैयार करना शुरू कर दिया था. इसी दौरान उसके दिमाग में बच्चे को भी खत्म करके नई जिंदगी शुरू करने का विचार भी आया. जब इस बारे में वह पूरी तरह से तैयार हो गया तो उसने यह पूरी बात हरिसिंह को बताई. इस पर हरिसिंह ने इस मालमे में सौरभ की मदद लेने को कहा. उसके बाद आरोपी रोहित ने इसको लेकर सौरभ से बात की. फिर इस हत्या की विस्तार से योजना तैयार की गई. उसी दिन यह तय होता है कि तुम्हें हत्या इस प्रकार से करनी है बाद में यह लगे की यह हत्या फिरौती को लिए की गई है. इसी के चलेत बच्चे की लाश को श्वेता से दूर ले जाकर फेंका गया. साथ ही यह सब पहचान को छुपाकर पुलिस को गुमराह करने के लिए किया गया. लेकिन पुलिस ने इस पूरी कहानी को कड़ी से कड़ी जोड़कर इसका खुलासा किया. 

श्वेता तिवाड़ी हत्याकांड: रोहित तिवाड़ी के ऑफिस के सीसीटीवी कैमरे मिले खराब

मूसली से किया भरपूर प्रहार:
प्रेस वार्ता में पुलिस कमिश्नर ने बताया कि 3 जनवरी को बनाए प्लान के अनुसार 7 तारीख को इस घटना को अंजाम देना तय किया, और जिस दिन इस घटना को अंजाम देना है उस दिन रोहित तिवारी की लोकेशन हर सूरत में उसके ऑफिश में ही आनी चाहिए. इसी बीच घटना वाले दिन सौरभ करीब 2 बजे के आसपास अपने चेहरे को थोड़ा से कवर करके फ्लैट में आता है और पहले से जानकारी होने के चलते वह वहां बैठकर चाय पिता है आपस में बातचीत करता है. उसके बाद वह किचन से मूसली को छूपाकर लाता है और उससे उस महिला के सिर पर भरपूर प्रहार करता है. इसके बाद वह महिला कही जिंदा ना बच जाए उसपर लगातार चार से पांच वार करता है. उसके बाद जब महिला एक दम शिथिल पड़ जाती है तो उसके बाद वह यही चीज दूसरे कमरे में जाकर बच्चे के साथ करता है. पहले उसका गला दबाता है फिर उसके बाद बच्चे को भी उसी मूसली से मार देता है. उसके बाद वह करीब 20 से 25 मिनट वहां रूकता है उसके बाद चाकू से महिला का गला भी काट देता है. जब वह पूरी तरह से संतुष्ट हो जाता है कि महिला और बच्चा मर गए तो वह बच्चे को एक टावल में लपेटकर उस बिल्डिंग के बगल में जंगल से इलाके में उसे चुपचाप फेंक देता है. उसके बाद वह कैमरे से बचने की कोशिश करते हुए बाहर निकल जाता है. बाद में साथ में वह मृतका के मोबाइल को भी ले जाता है. उसके बाद मृतका के फोन से सिम निकालकर नए फोन में सिम रखकर फिरौती का खेल शुरू करता है. 

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कोरोना संक्रमितों को हेल्पलाइन नंबर 181 पर आधे घंटे में मिलेगी चिकित्सकीय सुविधा - डॉ रघु शर्मा

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जयपुर: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की पहल पर शुरू की गई हेल्पलाइन सेवा 181 कोरोना मरीजों के लिए बड़ी राहत साबित होगी. हेल्पलाइन सेवा के जरिए शासन सचिवालय में 24 घंटे संचालित होने वाला राज्य स्तरीय वॉर रुम महज 30 मिनट में कोरोना संक्रमितों को चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराने में मदद करेगा. यह कहना है चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा का. 

चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा ने हेल्पलाइन सेवा 181 के कामकाज की समीक्षा की: 
चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा ने हेल्पलाइन सेवा 181 के कामकाज की समीक्षा की. इस मौके पर शर्मा ने बताया कि इस वॉर और इससे संबंधित जिला स्तरीय वॉर रुम के जरिए अधिकतम 30 मिनट में कोरोना मरीज या उनके परिजनों की समस्त समस्याओं का समाधान किया जाएगा. उन्होंने बताया कि राज्य स्तरीय वॉर रुम में राज्य के सभी जिला वॉर रुम में तैनात कर्मचारियों व अधिकारियों के नामों की सूची और मोबाइल नंबर उपलब्ध रहेंगे. वहीं कोविड—19 से संबंधित सभी जांच केन्द्रों की सूचना, निजी व राजकीय कोविड डेडीकेटेड अस्पतालों की लिस्ट भी दूरभाष नंबर के साथ उपलब्ध रहेगी.

जिले के प्रमुख डेडिकेटेड अस्पताल में 24 घंटे संचालित किए जाएंगे:
चिकित्सा मंत्री ने बताया कि जिला स्तरीय वॉर रुम जिला कलक्टर की अध्यक्षता में जिले के प्रमुख डेडिकेटेड अस्पताल में 24 घंटे संचालित किए जाएंगे. उक्त जिला स्तरीय वॉर रुम एक प्रशासनिक अधिकारी, दो चिकित्सक और अन्य कार्मिकों के साथ तीन पारियों में संचालित किए जाएंगे. इन वॉर रुम में कोविड डेडिकेटेड सभी अस्पतालों में उपलब्ध बैड्स की रियल टाइम सूचना व एम्बूलेंस संबंधी जानकारी उपलब्ध रहेगी. उन्होंने बताया कि वॉर रूम की निगरानी के लिए एक दूरभाष नंबर व नेट कनेक्टिविटी के साथ कंम्प्यूटर और सीसीटीवी कैमरे भी स्थापित किए जा रहे हैं. उन्होंने बताया कि सभी वॉर रुम में कोविड डैडिकैटेड अस्पतालों में सभी प्रकार के बैड की सूचना उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं.  

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यूं काम करेगा वॉर रूम: 

- आइसोलेशन वाले मरीज या उनके परिजन राज्य स्तरीय वॉर रूम में 181 पर संपर्क अपनी परेशानी बता सकते हैं.

- इसके बाद यहां तैनात कार्मिक उक्त जानकारी को संबंधित जिला स्तरीय वॉर रुम को उपलब्ध कराने के साथ राजस्थान सम्पर्क पोर्टल पर भी उपलब्ध कराएगा और जल्द से जल्द समस्या के निदान के लिए प्रतिबद्ध होगा. 

- सभी जिला स्तरीय वॉर रूम को निर्देशित किया गया है कि अधिकतम 30 मिनट के भीतर मरीज या परिजन की समस्या को हल किया जाए. 

- बिना लक्षण वाले मरीज यदि किसी चिकित्सकीय सलाह की मांग करते हैं तो हैल्प डेस्क पर मौजूद चिकित्सक उसकी मदद करेगा. 

- दवा की मांग होने पर मुख्यमंत्री नि:शुल्क दवा योजना के तहत दवा उपलब्ध कराई जाएगी. 

- जबकि लक्षण वाले मरीजों को आग्रह करने पर कोविड डैडिकेटेड अस्पतालों में भर्ती कराने के लिए एम्बूलेंस की व्यवस्था कराई जाएगी. 

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि जिला स्तरीय वॉर रुम को जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वे गंभीर मरीजों के लिए आईसीयू, वेंटिलेटर व अन्य चिकित्सकीय सुविधाओं को जल्द से जल्द उपलब्ध कराएं और सरकारी रैफरल परिवहन सुविधा द्वारा कोविड अस्पताल में पहुंचा कर भर्ती कराए. मरीज या उनके परिजन की समस्या का निवारण करने के बाद जिला स्तरीय वॉर रुम में तैनात कार्मिक उक्त जानकारी राज्य स्तरीय वॉर रूम में देगा और राजस्थान संपर्क पोर्टल पर भी दर्ज करेगा और आधे घंटे में जिला स्तरीय वॉर रूम के कार्यवाही नहीं करने पर राज्य स्तरीय वॉर रूम आवश्यक कार्यवाही के लिए उसके निर्देशित कर इसकी सूचना अतिरिक्त जिला कलक्टर को देकर तत्काल समस्या समाधान के लिए कहेगा. 

आरयूएचएस जयपुर में बैड्स की संख्या 500 से बढ़ाकर 900 करने के लिए निर्देश: 
डॉ शर्मा ने अब राज्य के प्रमुख कोविड डेडिकैटेड हॉस्पिटल आरयूएचएस जयपुर में बैड्स की संख्या 500 से बढ़ाकर 900 करने के लिए निर्देश दिए है. जयपुर के मेट्रो मास अस्पताल को भी कोविड सेंटर के रुप में विकसित करने की योजना है. वहीं ईएसआई अस्पताल, रेलवे अस्पताल में भी बैड्स लिए गए है और मरीजों को भर्ती किया जा रहा है.  

कोरोना संक्रमितों की रिकवरी रेट 83 फीसदी पार:
चिकित्सा मंत्री ने बताया कि राज्य में कोरोना संक्रमितों की रिकवरी रेट 83 फीसदी को पार कर गई है जबकि मृत्यु दर 1.16 फीसदी है. यह दर्शाता है कि राजस्थान सरकार कोरोना महामारी से आमजन को बचाने के लिए लगातार अपनी सेवाओं को मजबूत कर रही है. उन्होंने कहा कि सभी कोविड सेंटर में आक्सीजन सिलेंडरों की पर्याप्त व्यवस्था है. इसके लिए लगातार आक्सीजन सिलेंडरों को प्रोक्योर किया जा रहा है जिससे कि किसी भी मरीज को आक्सीजन की कमी का सामना नहीं करना पड़े. कोविड डेडिकैटेड अस्पतालों में आक्सीजन की पर्याप्त व्यवस्था के लिए जनरेशन प्लांट स्थापित करने का काम भी किया जा रहा है.  

PCC चीफ गोविंद डोटासरा का बयान, कहा- तीनों कानून किसानों की जमीनों पर पूंजीपतियों के कब्जा करवाने का षड्यंत्र

जयपुर: भारत सरकार के कृषि विधेयकों के विरोध में पीसीसी चीफ गोविन्द सिंह डोटासरा के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को जिला कलेक्टर को राज्यपाल के नाम ज्ञापन दिया. डोटासरा के साथ परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास, राजस्व मंत्री हरीश चौधरी सहित अन्य कांग्रेस नेता मौजूद रहे. इस अवसर पर पीसीसी चीफ डोटासरा ने कहा कि तीनों केंद्रीय कानूनों के खिलाफ कलेक्टर को ज्ञापन दिया. तीनों कानून किसान विरोधी है, यह किसानों की जमीनों पर पूंजीपतियों के कब्जा करवाने का षड्यंत्र हैं. सुषमा स्वराज के बयान का उल्लेख करते हुए डोटासरा ने कहा कि बीजेपी की सोच किसानों के बारे में बदल गई है. डोटासरा ने कहा कि केंद्र तीनों कानूनों को वापस ले. ये कानून बिना किसी से सलाह के लाए गए, कांग्रेस ने पहले भी विरोध किया था आगे भी विरोध करेगी. 

भारत में किसान को 15 हजार रुपए से कम सब्सिडी मिलती है:
राजस्व मंत्री हरीश चौधरी ने कहा कि केंद्र सरकार की सोच शहर और कॉरपोरेट को मजबूत करने की है. भारत में किसान को 15 हजार रुपए से कम सब्सिडी मिलती है. अमेरिका में हर किसान को 44 लाख रुपए की सब्सिडी मिलती है. हम अंतिम दम तक लड़ेंगे. परिवहन मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास ने कहा कि केंद्र सरकार तानाशाही पर उतर आई है. तीन बिलों के खिलाफ किसान सड़कों पर आ गया है. किसान किसी की गुलामी बर्दाश्त नहीं करेगा. मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास ने कहा कि जुल्म और आतंक के जोर पर आप बिल पास करवा सकते हैं, लेकिन आप किसान का दिल नहीं जीत सकते, मोदी सरकार तानाशाही पर उतर आई है. 

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धारा 144 का उल्लंघन नजर आया:
राज्य सरकार ने कोरोना संक्रमण के चलते राजधानी जयपुर सहित 11 जिला मुख्यालय पर धारा 144 लगा रखी है जिसमें नियमानुसार 5 से अधिक व्यक्ति एक जगह इकट्ठे नहीं हो सकते. लेकिन जयपुर कलेक्ट्रेट में ज्ञापन देने के समय इसका उल्लंघन साफ नजर आया. ज्ञापन देने वालों में तीनों मंत्रियों के अलावा विधायक कृष्णा पूनिया, पुष्पेंद्र भारद्वाज, मुमताज मसीह व मनोज मुद्गल सहित अन्य कांग्रेसी नेता भी मौजूद थे. 

जयपुर सहित छह नगर निगमों के चुनाव स्थगित करवाने हाईकोर्ट पहुंची राज्य सरकार

जयपुर सहित छह नगर निगमों के चुनाव स्थगित करवाने हाईकोर्ट पहुंची राज्य सरकार

जयपुर: जयपुर, जोधपुर और कोटा में 2-2 नगर निगम के गठन के बाद से लगातार चुनाव टले हैं. कोरोना के बढ़ते संक्रमण के चलते अब राज्य सरकार 31 मार्च 2021 तक इन नगर निगम चुनाव कराने के लिये समय चाहती है. कुल छह नगर निगम के चुनाव स्थगित करवाने के लिए राज्य सरकार ने एक बार फिर से राजस्थान हाईकोर्ट में प्रार्थना पत्र दायर किया है. जिसमें चुनाव 31 मार्च 2021 तक करवाने की अनुमति मांगी है. राज्य सरकार की ओर से पेश किये गये प्रार्थना पत्र की प्रति चुनाव आयोग के अधिवक्ता को भी दे दी है. सरकार के प्रार्थना पत्र पर इसी सप्ताह सुनवाई होने की संभावना है.

31 अक्टूबर तक चुनाव करवाने की अनुमति दी थी: 
गौरतलब है कि 22 जुलाई को राज्य सरकार के प्रार्थना पत्र पर ही हाईकोर्ट ने 31 अक्टूबर तक चुनाव करवाने की अनुमति दी थी. राज्य सरकार ने जुलाई में हाईकोर्ट से 31 दिसंबर तक चुनाव करवाने की छूट मांगी थी. लेकिन राज्य निर्वाचन विभाग ने इस पर आपत्ति करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने पंचायत चुनाव 15 अक्टूबर तक करवाने का आदेश दिया है ऐसे इनको भी अक्टूबर में करवाया जा सकता था. इसी वजह से हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को तीनों जिले के छहों निगम चुनाव करवाने के लिए 31 अक्टूबर तक का समय दिया था. अब एक बार फिर कोविड—19 संक्रमण का हवाला देते हुए राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में प्रार्थना पत्र दायर किया है. जिसमें कहा है कि प्रदेश में संक्रमण लगातार फैल रहा है. ऐसे में नगर निगम चुनाव के दौरान ईवीएम मशीनों के उपयोग व भीड़ के इकट्‌ठा होने के संभावना है.  

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कब कब टले चुनाव: 
नगर निगम के चुनाव नवंबर 2019 से लंबित है. राज्य सरकार ने द बार एसोसिएशन के महासचिव सतीश कुमार शर्मा की जनहित याचिका में सुनवाई के दौरान छह माह में चुनाव करवाने का आश्वसन हाईकोर्ट में दिया था. इसी वजह से अप्रैल में चुनाव करवाए जाने थे लेकिन राज्य सरकार ने 18 मार्च को प्रार्थना पत्र दायर कर अदालत से छह सप्ताह का समय लिया था. जिसकी मियाद 31 मई तक पूरी होने से पहले ही सरकार फिर से कोर्ट पहुंच गई. कोर्ट ने राज्य सरकार के प्रार्थना पत्र पर अदालत ने 31 अगस्त तक चुनाव करवाने की छूट दी थी. इसके बाद 22 जुलाई को राज्य सरकार के प्रार्थना पत्र पर एक बार फिर चुनाव 31 अक्टूबर तक टाले गए थे.  

राज्यपाल कलराज मिश्र बोले, आत्मनिर्भर भारत के लिए युवाओं को आत्मविश्वासी बनाना होगा

राज्यपाल कलराज मिश्र बोले, आत्मनिर्भर भारत के लिए युवाओं को आत्मविश्वासी बनाना होगा

जयपुर: जन चेतना मंच द्वारा स्वर्गीय सुंदर सिंह भंडारी जन्म शताब्दी वर्ष के मौके पर ऑनलाइन व्याख्यानमाला का आयोजन किया गया. राज्यपाल कलराज मिश्र ने व्याख्यानमाला को वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से संबोधित किया. राज्यपाल ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत वर्तमान परिप्रेक्ष्य में बहुत जरूरी है. आर्थिक दृष्टिकोण से सशक्त भारत की कल्पना को साकार करने के लिए सभी को प्रयास करने होंगे. उद्यमिता विकास के लिए युवाओं में आत्मविश्वास जगाना होगा. इससे भारत आत्मनिर्भर बनेगा, संपन्न बनेगा.

आत्मविश्वास की कमी से नौकरी के लिए भटक रहे हैं युवा:
राज्यपाल ने कहा कि आत्मविश्वास की कमी से युवा नौकरी के लिए भटक रहे हैं. जबकि हमारे पास गांव में ही धंधे आरंभ करने के लिए संसाधन हैं. गांव में रहकर ही लोग जीवन यापन कर सकते हैं, देश की सेवा कर सकते हैं. देश और प्रदेश में चल रही योजनाओं की जानकारी युवाओं को मिलेगी तो वे योजनाओं का लाभ उठाकर स्वरोजगार को अपना सकेंगे. इस मौके पर राज्यपाल नेस्वर्गीय भंडारी के सादगी पूर्ण जीवन की सराहना की और कहा कि वे नेक दिल इंसान थे. देश की भावी पीढ़ी को आज उनके समर्पण और त्याग को समझने की जरूरत है.

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नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने भी किया संबोधित:
ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा उनके जीवन से सीखी जा सकती है. वे सभी कार्यकर्ताओं के पत्र का जवाब पोस्ट कार्ड से देते थे और खर्चा बचाने के लिए बस और ट्रेन में सफर करने में कोई संकोच नहीं करते थे. राज्यपाल ने कहा कि स्वर्गीय भंडारी से मेरा निकट का संबंध था. उनसे मुझे बहुत कुछ सीखने को मिला. वे दलित और वंचितों की मदद करने की पहल करते थे. समारोह को राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने भी संबोधित किया. कटारिया ने कहा कि उन्होंने समाज में मानव जीवन को नई दिशा देने की पहल की. गरीबों की मदद करने में भंडारी ने अग्रणी भूमिका निभाई. समारोह को बजरंग लाल, निंबाराम, हेमंत शर्मा और आईएम सेतिया ने भी संबोधित किया.

...फर्स्ट इंडिया के लिए काशीराम चौधरी की रिपोर्ट

मुख्यमंत्री गहलोत बोले, सभी जिलों में कोरोना के इलाज की समुचित व्यवस्था, राज्य-स्तरीय हेल्पलाइन 181 होगी शुरू

मुख्यमंत्री गहलोत बोले, सभी जिलों में कोरोना के इलाज की समुचित व्यवस्था, राज्य-स्तरीय हेल्पलाइन 181 होगी शुरू

जयपुर: प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेशवासियों को आश्वस्त किया है कि राज्य के सभी जिलों में कोरोना के इलाज की समुचित व्यवस्था की गई है. किसी भी जिले में ऑक्सीजन बेड, आईसीयू बेड तथा वेन्टिलेटर जैसे जीवन रक्षक उपकरणों की कमी नहीं है. इस संबंध में कतिपय भ्रामक सूचनाएं फैलाई गई हैं, जो दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने कहा कि प्रदेश में कोरोना के मरीजों के इलाज में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी.

सोमवार से राज्य-स्तरीय हेल्पलाइन 181 शुरू होगी:
प्रदेश में कोरोना वायरस से प्रभावित किसी भी व्यक्ति या उसके परिजन को किसी भी परेशानी सलाह या कोरोना से संबंधित जानकारी देने के लिए राज्य-स्तरीय हेल्पलाइन 181 भी सोमवार 21 सितम्बर से शुरू होगी. कोई भी व्यक्ति 181 नम्बर डायल करके कोरोना से संबंधित समस्या के समाधान तथा सलाह लेने के लिये सम्पर्क कर सकेगा. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इस हेल्पलाइन के लिए पर्याप्त टेलीफोन लाइन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. 

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राज्य एवं जिला स्तर तक वॉर रूम भी स्थापित:
इस हेल्पलाइन पर आने वाली कोरोना वायरस से संबंधित सूचनाओं तथा लोगों द्वारा बताई गई समस्याओं के समाधान के लिए किए जाएंगे. कोरोना के मरीजों और उनके परिजनों की सहायता के लिए ये वॉर रूम 24x7 काम करेंगे. जिलों में अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट स्तर के अधिकारी वॉर रूम के प्रभारी होंगे.

हेल्थ प्रोटोकॉल की कड़ाई से पालना करवाने के निर्देश:
सीएम गहलोत ने महामारी के संक्रमण से बचने के लिए सभी सार्वजनिक स्थलों पर मास्क पहनने और उचित दूरी रखने सहित हेल्थ प्रोटोकॉल की कड़ाई से पालना करवाने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि लोगों को बाजारों, कार्यालयों, सार्वजनिक परिवहन, पर्यटन स्थलों आदि सभी जगह पर ’नो मास्क, नो एन्ट्री’ के संकल्प की पालना करनी चाहिए.

कोरोना महामारी: राजस्थान में 11 जिला मुख्यालयों पर धारा-144 लागू, 5 से अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर रोक

 कोरोना महामारी: राजस्थान में 11 जिला मुख्यालयों पर धारा-144 लागू, 5 से अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर रोक

जयपुर: प्रदेश में कोरोना महामारी के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए 11 जिलों में  राज्य सरकार ने जिला मुख्यालयों में सार्वजनिक स्थलों पर धारा-144 लागू कर 5 से अधिक व्यक्तियों के समूह में इकट्ठा होने पर रोक लगाने का निर्णय किया है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में शनिवार रात एक उच्च स्तरीय बैठक में यह निर्णय लिया. 

इन जिलों में रहेगा प्रतिबंध:
कोविड-19 संक्रमण की गंभीर स्थिति के मद्देनजर जयपुर, जोधपुर, कोटा, अजमेर, अलवर, भीलवाड़ा, बीकानेर, उदयपुर, सीकर, पाली और नागौर जिलों के मुख्यालय वाले शहरों में सार्वजनिक स्थलों पर धारा-144 के तहत 5 से अधिक व्यक्तियों के एक साथ इक्कठा होने पर प्रतिबंध रहेगा. सार्वजनिक जगहों पर 5 व्यक्ति भी मास्क पहनने और सामाजिक दूरी के नियम की पालना करेंगे. संबंधित जिले के कलेक्टर इस संबंध में आदेश जारी करेंगे. 

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सामाजिक-धार्मिक आयोजन पर रोक:
सीएम गहलोत ने शनिवार को मुख्यमंत्री निवास पर प्रदेश में कोविड-19 महामारी की स्थिति और उससे बचाव के उपायों पर अधिकारियों के साथ बैठक में पूरे प्रदेश में किसी भी सामाजिक-धार्मिक आयोजन पर रोक को भी 31 अक्टूबर तक यथावत जारी रखने का निर्णय लिया है. केवल अंतिम संस्कार में 20 और विवाह-शादी के आयोजन में 50 व्यक्तियों के शामिल होने की छूट पूर्ववत रहेगी, लेकिन इसके लिए स्थानीय उपखण्ड अधिकारी को पूर्व सूचना देनी होगी.

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सभी जिलों में कोरोना के इलाज की समुचित व्यवस्था:
सीएम गहलोत ने प्रदेशवासियों को आश्वस्त किया है कि राज्य के सभी जिलों में कोरोना के इलाज की समुचित व्यवस्था की गई है. किसी भी जिले में ऑक्सीजन बेड, आईसीयू बेड तथा वेन्टिलेटर जैसे जीवन रक्षक उपकरणों की कमी नहीं है. इस संबंध में कतिपय भ्रामक सूचनाएं फैलाई गई हैं, जो दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने कहा कि प्रदेश में कोरोना के मरीजों के इलाज में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी.

सामूहिक आत्महत्या प्रकरण: पुलिस को ​मौके से मिला सुसाइड नोट, मृतक यशवंत ने लिखा था सुसाइड नोट...

सामूहिक आत्महत्या प्रकरण: पुलिस को ​मौके से मिला सुसाइड नोट, मृतक यशवंत ने लिखा था सुसाइड नोट...

जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर में कर्ज के चलते एक ही परिवार के 4 लोगों ने सामूहिक खुदकुशी कर ली. माता-पिता और 2 बच्चों ने आत्महत्या कर ली. ये घटना जयपुर के कानोता थाना इलाके के जामडोली की है. पुलिस को मौके पर एक सुसाइड नोट मिला है. यह सुसाइड नोट यशवंत सोनी ने लिखा था, जिसमें लिखा है कि कर्ज नहीं चुकाने की वजह से हमें परेशान किया जा रहा है. उसमें 3 लोगों का ​जिक्र किया गया है.

पुलिस ने नामजद तीन व्यक्तियों को लिया हिरासत में:
पुलिस ने नामजद 3 लोगों को हिरासत में ले लिया है. पुलिस ने मृतकों के शव मोर्चरी में रखवाए है. फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है. बताया जा रहा है कि परिवार कर्ज से परेशान था. घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंच गई है. प्राथमिक तौर पर यह मामला खुदकुशी से जुड़ा माना जा रहा है.

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माता-पिता और दो बच्चों ने की सामूहिक आत्महत्या:
पुलिस ने बताया कि माता-पिता और दो बच्चों ने की सामूहिक आत्महत्या की है. पति यशवंत सोनी और पत्नी ममता सोनी, दो पुत्र भारत और अजित सोनी ने सामूहिक आत्महत्या की. परिवार के इन सदस्यों ने फंदा लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली. घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची. जांच के लिए फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया है. यह परिवार ज्वैलरी के कारोबार से जुड़ा हुआ था. 

कर्जे और आर्थिक तंगी की वजह से की आत्महत्या:
बताया जा रहा है कि कर्जे और आर्थिक तंगी की वजह से परिवार ने आत्महत्या की. यह जानकारी डीसीपी ईस्ट राहुल जैन ने दी. इस मामले में 3 लोगों को हिरासत में लिया है. बहरहाल, पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मामले में आगे की जांच की जा रही है. हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ की जा रही है. 

जयपुर में एक ही परिवार के 4 सदस्यों ने की आत्महत्या, कर्जे और आर्थिक तंगी से परेशान था परिवार 

जयपुर में एक ही परिवार के 4 सदस्यों ने की आत्महत्या, कर्जे और आर्थिक तंगी से परेशान था परिवार 

जयपुर: प्रदेश की राजधानी जयपुर से सनसनीखेज खबर सामने आई है. यहां पर कर्ज के चलते एक ही परिवार के 4 लोगों ने सामूहिक आत्महत्या कर ली है. माता-पिता और 2 बच्चों ने आत्महत्या कर ली. ये घटना जयपुर के कानोता थाना इलाके के जामडोली की है. बताया जा रहा है कि परिवार कर्ज से परेशान था. घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंच गई है. हालांकि मौके से किसी तरह का सुसाइड नोट मिला है या नहीं, पुलिस ने फिलहाल इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी है. पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है. प्राथमिक तौर पर यह मामला खुदकुशी से जुड़ा माना जा रहा है.

माता-पिता और दो बच्चों ने की सामूहिक आत्महत्या:
पुलिस ने बताया कि माता-पिता और दो बच्चों ने की सामूहिक आत्महत्या की है. पति यशवंत सोनी और पत्नी ममता सोनी, दो पुत्र भारत और अजित सोनी ने सामूहिक आत्महत्या की. परिवार के इन सदस्यों ने फंदा लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली. घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची. जांच के लिए फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया है. यह परिवार ज्वैलरी के कारोबार से जुड़ा हुआ था. 

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बताया जा रहा है कि कर्जे और आर्थिक तंगी की वजह से परिवार ने आत्महत्या की. यह जानकारी डीसीपी ईस्ट राहुल जैन ने दी. इस मामले में 3 लोगों को हिरासत में लिया है. बहरहाल, पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मामले में आगे की जांच की जा रही है. हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ की जा रही है. 

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