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Corona Virus Updates: 650 सालों में पहली बार धार्मिक नगरी में छाई विरानी, रामदेवरा में सड़कों पर पसरा सन्नाटा 

Corona Virus Updates: 650 सालों में पहली बार धार्मिक नगरी में छाई विरानी, रामदेवरा में सड़कों पर पसरा सन्नाटा 

रामदेवरा: विश्व प्रसिद्ध धार्मिक नगरी रामदेवरा में सीएम अशोक गहलोत के एक दिन पूर्व सड़कों पर निजी वाहनों की रोक के दिए गए निर्देशों का बड़ा असर देखने को मिला. मंगलवार सुबह से रामदेवरा की मन्दिर रोड,पर्चा बावड़ी सड़क,मुख्य बाजार,पोकरण रोड़, रेलवे स्टेशन सड़क,सदर बाजार आदि पर सिर्फ सिर्फ विरानी छाई दिखी. 

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रामदेवरा में दिखी विरानी:
फर्स्ट इंडिया ने मंगलवार सुबह रामदेवरा की सभी सड़कों का लिया जायज़ा. सभी सड़कों पर लोक देवता बाबा रामदेव के समाधि लेने के बाद से आज तक कभी इतनी वीरानी रामदेवरा नहीं दिखी, जितनी कोरोना वायरस के प्रकोप के चलते दिखी. सीएम अशोक गहलोत के सोमवार को दिए निजी वाहनों के सड़कों पर नही चलने के निर्देश के बाद रामदेवरा की सभी वाहनों की आवाजाही बिल्कुल भी नज़र नही आई. 

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लॉक डाउन का पूरी तरह पालन:
वहीं आम जरूरत की दुकानों में भी केवल सब्जी ,किराना और मेडिकल की दुकानें खुली थी. यहां भी लोग नज़र नहीं आये. सभी रामदेवरा के लोग घरों में रहकर धारा 144 और लॉक डाउन का पूरी तरह पालन कर कोरोना के संघर्ष में सरकार का साथ दे रहें हैं. विश्व प्रसिद्ध बाबा रामदेव की नगरी में पूरे साल लाखों श्रद्धालुओं की रेलमपेल के बीच यहां पर स्थित चाय, प्रसाद,खाने की होटलें, डेयरियां सुबह 2 बजे खुल जाती थी. वही होटलों ,धर्मशालाओं की बात करें तो इनकी संख्या 500 हैं. यहां भी विरानी हैं. सभी सरकारी आदेश की पालना कर कोरोना संघर्ष में अपनी भागीदारी निभा रहे हैं.

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रामदेवरा(जैसलमेर): विरमदेवरा गांव में एक कृषि कुंए (ट्यूबवेल) पर कार्य करते वक्त करंट लगने से एक ही परिवार के तीन लोगों की मौके पर मौत हो गई. जिसमें एक महिला व दो पुरुष शामिल हैं. घटना सूचना मिलते ही रामदेवरा पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों शवों को अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया. आज तीनों शवों का पोस्टमार्टम होगा. 

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पूरे रामदेवरा में फैली सनसनी:  
बिजली के करंट से एक ही परिवार के तीन सदस्यों की दर्दनाक मौत होने ग्रामीण भी गहरे सदमे हैं. करंट से हुई घटना से पूरे रामदेवरा में सनसनी फैल गई. दर्दनाक हादसे में विरमदेवरा गांव निवासी हरचंद राम पुत्र जुगता राम, इन्द्रा राम पुत्र जुगता राम व मधु पत्नी इन्द्रा राम की हादसे में मौके पर ही करंट से दर्दनाक मौत हुई.  

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60 दिन से रामदेवरा में फंसे श्रद्धालुओं का दल कर रहा गुजरात जाने की गुहार

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रामदेवरा(जैसलमेर): बाबा रामदेव की समाधि के दर्शन व 21 दिन के अनुष्ठान करने के लिए आए गुजरात के श्रद्धालुओं का एक दल लॉक डाउन लगने से पहले ही यहां पर फंस गया था जो अभी तक 60 दिनों के पश्चात भी यहीं पर है. ऐसे में 20 दिन इन्होंने अपनी जमा पूंजी खर्च डाली शेष 40 दिन बमुश्किल किसी तरह इधर-उधर से मांग कर खाने-पीने का जुगाड़ किया. अब प्रशासनिक अधिकारियों से गुहार लगाकर अपने गृह नगर जाने की मांग कर रहे हैं. लेकिन प्रशासन से तीन बार इन श्रद्धालुओं के द्वारा गुहार लगाये जाने के बावजूद अभी तक इनको इनके गृह राज्य में जाने की अनुमति नहीं मिली है. 

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धर्मशाला में गुजराती श्रद्धालुओं का दल शरण लिए हुए: 
गुजरात के हिम्मतनगर जिले के बनासकांठा के रहने वाले गौतम दास बापू उनके साथ चार अन्य जने बाबा रामदेव की समाधि के दर्शन व अपने अनुष्ठान करने के लिए 3 मार्च को रामदेवरा आये थे. इनका 21 दिन का अनुष्ठान 25 मार्च को पूरा हुआ था. तब उन्हें इस बात का पता नहीं था कि ऐसा कुछ लॉक डाउन लगने वाला है. अचानक कोरोना वायरस के सक्रमण के चलते पूरे देश में लॉक डाउन लगा दिया गया तब से रामदेवरा स्थित कुमावत धर्मशाला में ये गुजराती श्रद्धालुओं का दल शरण लिए हुए हैं. उनके पास खाने-पीने का भी सामान नहीं है ना ही कभी सरकार की तरफ से पिछले 60 दिन में इनको कोई सरकारी सहायता मिली. शुरुआत के 20 दिन इनके पास रुपये थे. उससे इन्होने अपना खर्च चलाया था. गत 40 दिनों से ये लोगों के सामने हाथ फैलाने को मजबूर हो रहे हैं. ऐसे में रामदेवरा की बाबो भली करे स्वयंसेवी संस्था की तरफ से प्रतिदिन गरीबों को वितरित किए जाने वाले खाने को मांग कर ये दल अपना जीवन जीने को मजबूर है.  श्रद्धालुओं का दल सुबह शाम के समय खाना मांग कर खा रहे हैं. किसी तरह पिछले 40 दिनों से अपना गुजर-बसर कर विपरीत हालात में अपने आप को जीवित रखे हुए हैं.

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सभी श्रद्धालुओं की उम्र 60 वर्ष के करीब:
गुजरात के हिम्मतनगर में आश्रम के मठाधीश संत गौतम दास ने बताया कि वे तीन चार बार उपखंड अधिकारी के कार्यालय में जाकर अरदास लगा चुके हैं कि उन्हें यहां से जाने की अनुमति दी जाए लेकिन प्रशासन की तरफ से उनकी अरदास को अनसुनी कर दिया गया. दूसरे परदेश में जान पहचान का कोई भी व्यक्ति नहीं है ऐसे में पिछले 60 दिनों से धर्मशाला के बंद कमरे में रहते रहते सभी की तबीयत भी खराब होने लगी है. उनके पास पर्याप्त रुपये भी नही है. प्रशासन की तरफ से आज दिन तक उन लोगों की कोई सुध भी नहीं ली जा रही है. ऐसे में सभी गुजराती श्रद्धालुओं ने पब्लिक एप के माध्यम से जिला प्रशासन तक अपनी आवाज पहुंचा कर शीघ्र से शीघ्र यहां से उन्हें गुजरात जाने की अनुमति देने की मांग की है. पब्लिक एप से बात करते हुए सभी गुजराती श्रद्धालुओं की आंखों से अश्रु धारा बह निकली. किस तरह विपरीत हालात में उन्होंने ये दिन निकाले है. हजारों श्रमिक लोग सहित अन्य सभी यहां से जा चुके हैं वे लोग अभी भी 60 दिनों से यहां पर फंसे हुए मांग मांग कर खाने को मजबूर है. सभी श्रद्धालुओं की उम्र 60 वर्ष के करीब है. ऐसे में प्रदेश में बैठे श्रद्धालुओं के परिजन भी इनकी घर वापसी को लेकर बैचेन हैं. 

बाबा रामदेव का 668 वां जन्मोत्सव, लॉकडाउन की वजह से नहीं होगा कोई कार्यक्रम 

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रामदेवरा: जन-जन के आराध्य लोक देवता बाबा रामदेव का 668 वां जन्मोत्सव रविवार को है. तंवर समाज की भाट बही के मुताबिक बाबा रामदेव का जन्म चैत्र शुक्ला पंचमी को हुआ हैं. इस मौके हर रोज कि तरह रविवार को सिर्फ बाबा रामदेव समाधि का अभिषेक कर पूजा अर्चना के साथ आरती की गई. कोरोना और लॉक डाउन के चलते कोई आयोजन नहीं हैं. बाबा रामदेव समाधि के दर्शन श्रद्धालुओं के लिए गत 22 मार्च 2020 से कोरोना वायरस के चलते बन्द हैं. 

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667वां जन्मोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया:
गत वर्ष पहली बार 10 अप्रैल 2019 शुक्ल पंचमी को बाबा रामदेव का 667वां जन्मोत्सव  हर्षोल्लास के साथ मनाया गया था. बाबा रामदेव जन्मोत्सव समिति का गठन किया गया था. उल्लेखनीय है कि जन-जन के आराध्य लोक देवता बाबा रामदेव का जन्म दिवस तंवर समाज की अधिकृत भाट बही वंशावली के मुताबिक चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी को होना उल्लेखनीय है. ऐसे में गत वर्ष पहली बार चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी 10 अप्रैल 2019 को बाबा रामदेव का जन्म उत्सव समारोह धूमधाम के साथ मनाया गया. 

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रामदेवरा में बाबा रामदेव मन्दिर हुआ बंद, जनता कर्फ्यू से पहले पसरा सन्नाटा

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रामदेवरा(जैसलमेर): रामदेवरा में अल सुबह 3 बजे खुलने वाली प्रसाद व अभिषेक की अधिकांश दुकानें शनिवार को सूरज निकलने के बाद भी बन्द रही. यात्रियों से गुलजार रहने वाली मुख्य सड़कों पर सुबह से वीरानी छाई हुई है. दूर दूर तक यात्रियों की कोई चहल पहल नहीं. स्थानीय लोग भी घरों में दुबके हैं. ये नज़ारा शनिवार को रामदेवरा में सुबह नज़र आया. 

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दुकानें बन्द और सड़क पर सन्नाटा पसरा हुआ: 
फर्स्ट इंडिया न्यूज ने शनिवार को सुबह रेलवे स्टेशन रोड का दौरा किया. अमूमन ये सड़क 24 घण्टे अतिव्यस्त रहती हैं. रेलों से आने व जाने वाले यात्रियों की भारी भीड़ के चलते इस सड़क पर रौनक रहती हैं. शनिवार को दुकानें बन्द और सड़क पर सन्नाटा पसरा हुआ है.

ऐतिहात के तौर पर 21मार्च से 31 मार्च तक बन्द: 
कोरोना वायरस से बचाव के लिये ऐतिहात के तौर पर 21मार्च से 31 मार्च तक बन्द किये गये बाबा रामदेव मन्दिर के बाद शुक्रवार की शाम,शनिवार सुबह रामदेवरा आई सभी रेलों में रामदेवरा के आये कुछ यात्री मन्दिर के आगे जोड़ कर वापस लौट गये. रामदेवरा में 500 के करीब प्रसाद,अभिषेक, परचून की दुकानों के साथ ही 400 धर्मशालाओ व दो दर्जन होटलो के चलते प्रतिवर्ष करोड़ों का व्यवसाय यात्रियों की आवक से होता हैं. 

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मन्दिर में अभिषेक व आरती पूर्व कार्यक्रम की तरह:
650 साल में बाबा रामदेव मन्दिर कोरोना वायरस के चलते लगातार दस दिन 31 मार्च तक श्रद्धालुओं के लिये बन्द रहेगा. लेकिन मन्दिर में अभिषेक व आरती पूर्व कार्यक्रम की तरह होती रहेगी. समाधि समिति के लिये निर्णय के बाद से श्रद्धालुओं ने रामदेवरा आने के अपने कार्यक्रम रद्द करने शुरू कर दिये हैं. 
 

सात समंदर पार से आई कुरजां की कलरव से गूंज रही रामदेवरा नगरी

सात समंदर पार से आई कुरजां की कलरव से गूंज रही रामदेवरा नगरी

रामदेवरा(जैसलमेर): सात समंदर पार से आई कुरजां का कलरव रामदेवरा में न सिर्फ स्थानीय लोगों को बल्कि देश भर से रामदेवरा आने वाले लोगों को भी अपनी ओर आकर्षित कर रहा है. सुबह 6 बजे कुरजाओं का आगमन रामदेवरा के जैन मंदिर के पास मैदान में हो जाता हैं. कुरजांओं कि ये कलरव सुबह 11 बजे तक लगातार रहती हैं. स्थानीय लोगों के द्वारा कुरजांओं को दाना डालने पर कुरजांओं के द्वारा सामूहिक रूप से दाना चुगा जाता हैं. कुरजांओं के कलरव के बीच स्थानीय लोगों के साथ देशभर से आये यात्रियों के दारा कुरजांओं के साथ सेल्फी ली जाती हैं. 

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राजस्थान के मरुस्थलीय क्षेत्र में शीत प्रवास के लिए आते हैं:
दक्षिणी पूर्वी यूरोप, साइबेरिया, उत्तरी रूस, यूक्रेन व कजाकिस्तान से हजारों किलोमीटर का सफर तय कर कुरजां के समूह गुजरात व राजस्थान के मरुस्थलीय क्षेत्र में शीत प्रवास के लिए आते हैं. अक्टूबर से फरवरी तक कुरजांओं का समूह राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रों में शीतकालीन प्रवास करके वापस अपने गतंव्य स्थलों की तरफ उड़ा भरता हैं. इन 5 महीनों में कुरजांओं के समूहों का स्थानीय लोगों के साथ आत्मीयता के साथ जुड़ाव हो जाता हैं. 

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कुरजां की गजब की टाइमिंग के कायल है सभी:
हजारों किलोमीटर लम्बा सफर तय कर प्रवासी पक्षी कुरजां(डेमोसाइल क्रेन) एक बार फिर मारवाड़ की धरा पर पहुंच गई है. खासियत की बात यह है कि साइबेरिया से लेकर मारवाड़ तक का करीब छह हजार किलोमीटर लम्बा सफर तय करने वाले ये पक्षी न तो अपनी राह भटकते है और न ही इनके यहां पहुंचने का समय गड़बड़ाता है. कुछ बरस से ये पक्षी ठीक तीन सितम्बर को यहां पहुंचते है. इस बार भी ये ठीक तीन सितम्बर को जोधपुर जिले के खींचन गांव पहुंच गए. पक्षी विशेषज्ञ भी इनकी गजब की टाइमिंग के कायल है.

बाबा रामदेव का माघ मेला पूरे परवान पर, देशभर से रामदेवरा आये श्रद्धालु

बाबा रामदेव का माघ मेला पूरे परवान पर, देशभर से रामदेवरा आये श्रद्धालु

रामदेवरा(जैसलमेर): लोकदेवता बाबा रामदेव समाधि के दर्शन करने देश भर से हजारों श्रद्धालुओं ने शनिवार को रामदेवरा पहुंच कर बाबा रामदेव समाधि के दर्शन किये. रामदेवरा में इन दिनों 15 दिवसीय माघ मेला पूरे परवान के साथ चल रहा है. माघ मेले में लोकदेवता बाबा रामदेव की समाधि के दर्शन करने देश के कई हिस्सों से हजारों श्रद्धालुओं शनिवार को अपने परिवार के साथ रामदेवरा पहुंचे. 

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15 दिवसीय माघ मेला समापन की ओर:
वहीं राजस्थान के कई हिस्सों से पैदल यात्री भी डीजे के धुनों पर थिरकते हुए बाबा रामदेव समाधि के दर्शन करने रामदेवरा आये. शनिवार को रामदेवरा में लोक देवता बाबा रामदेव के जयकारे गूंजते रहे. वही बाबा रामदेव समाधि स्थल के साथ रामसरोवर तालाब, पर्चा बावड़ी, रुणिचा कुआ, पंच पिपली आदि स्थानों पर श्रद्धालुओं की भारी रेलमपेल रही. माघ मेला अपने समापन की ओर अग्रसर है.

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रामदेवरा में टिड्डी का टेरर जारी, किसानों में खौफ

रामदेवरा में टिड्डी का टेरर जारी, किसानों में खौफ

रामदेवरा(जैसलमेर): रामदेवरा के जालोखा क्षेत्र के खेतों मैं टिड्डी दल ने पडाव डालने खेतो में  पक्की तारामीरा की फसले टिड्डियां चट करने से किसानों का दिन का चैन व रातों की नींद हराम हो गई.  

नए दलों के आने से किसानों की चिंताएं बढ़ती जा रही: 
रामदेवरा में गत करीब आठ माह से जिलेभर में चल रहा टिड्डियों का प्रकोप अब भी लगातार जारी है. हालांकि प्रशासन, कृषि विभाग व टिड्डी नियंत्रण विभाग की ओर से टिड्डी दलों पर नियंत्रण के दावे किए जा रहे है, लेकिन नए दलों के आने से किसानों की चिंताएं बढ़ती जा रही है. गत आठ-नौ माह पूर्व सबसे पहले रामदेवरा के पास टिड्डी दलों ने अपना पड़ाव डाला था. इसके बाद छिड़काव होने से राहत मिल गई थी. शनिवार व रविवार को पुन: नए टिड्डी दल रामदेवरा क्षेत्र में पहुंचे. रामदेवरा के जाजकी, सूजासर, एकां, सरणायत के आसपास लाखों की तादाद में टिड्डी दलों ने अपना पड़ाव डाला है. यहां खेतों में टिड्डी दलों की ओर से फसलों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है. जिससे किसानों की चिंताएं बढ़ गई है.

टिड्डी दल हवा के रुख के साथ यहां पहुंच रहे:
किसानों ने बताया कि इस संबंध में प्रशासन व कृषि विभाग को सूचना दी गई, लेकिन देर शाम तक भी कोई अधिकारी या कर्मचारी यहां नहीं पहुंचा था. नए टिड्डी दल आने की आशंका टिड्डी दल हवा के रुख के साथ यहां पहुंच रहे है. इन दिनों हवा का रुख उत्तर से दक्षिण की तरफ चल रहा है. ऐसे में बीकानेर, नोखा व सीमावर्ती क्षेत्र से टिड्डी दल पोकरण क्षेत्र में प्रवेश कर रहे है. किसानों ने बताया कि उन्हें दूरभाष पर जानकारी मिली कि नोखा की तरफ से हवा के रुख के साथ लाखों की तादाद में नए टिड्डी दल क्षेत्र में प्रवेश कर रहे हैं. जिससे किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है. 

टिड्डियों के भारी दल के पड़ाव ने किसानों की उड़ाई नींद, नहीं मिल पाई राहत

 टिड्डियों के भारी दल के पड़ाव ने किसानों की उड़ाई नींद, नहीं मिल पाई राहत

रामदेवरा(जैसलमेर): क्षेत्र में एक बार फिर को टिड्डियों के भारी दल के पड़ाव ने किसानों को चिंता में डाल दिया है. टिड्डियो के दल क्षेत्र ने फसलों, वनस्पति, पेड़ पौधों को नुकसान पहुंचा रहे हैं. गौरतलब है कि गत कुछ महीनों से क्षेत्र में टिड्डी दलों का आतंक था. लेकिन कुछ समय से थोड़ी शांति के बाद एक बार फिर टिड्डियों के रामदेवरा क्षेत्र में आने क्षेत्र के किसानों की नींद उड़ गई. 

किसानों की पकी हुई फसले टिड्डियों की चपेट में आ गई:
जानकारी के अनुसार रामदेवरा क्षेत्र के सुजासर व एका गांव में टिड्डियों के भारी दल ने धावा बोल दिया. जिससे किसानों की पकी हुई फसले टिड्डियों की चपेट में आ गई. टिड्डियों के प्रकोप के चलते शनिवार को पूरे दिन किसान टिड्डियों को उड़ाने की कोशिश में तरह तरह के जतन करते रहे. लेकिन किसानों को टिड्डियों से नामात्र भी राहत नही मिल पाई. 

टिड्डियों के हमले ने किसानों की उम्मीद को किया धुमिल: 
टिड्डियों के दल की ओर से क्षेत्र में पेड़ पौधों, वनस्पति व फसलों को नुकसान पहुंचाया. क्षेत्र में बारिश के बाद किसानों को अच्छी उपज की आस थी, लेकिन टिड्डियो के दलों से उनकी उम्मीद धुमिल होती नजर आ रही है. क्षेत्र के सुजासर व एका गांव सहित आसपास क्षेत्र के खेतों में टिड्डियो के दल किसानों के लिए सिरदर्द बन गया है. 

टिड्डियो पर नियंत्रण भी भगवान भरोसे:
क्षेत्र में गत कुछ माह पहले टिड्डी दल के पड़ाव के समय विभाग व प्रशासन की तरफ से टिड्डियों पर नियंत्रण के प्रयास किये गये. लेकिन शनिवार को एक बार फिर टिड्डियो के भयंकर प्रकोप के चलते किसान परेशान हो गया है. 

...राजेन्द्र सोनी,सवांददाता, रामदेवरा


 

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