जयपुर Single Use Plastic Ban: देशभर में आज से सिंगल-यूज प्लास्टिक बैन, जानें इससे जुड़े कुछ अहम तथ्य

Single Use Plastic Ban: देशभर में आज से सिंगल-यूज प्लास्टिक बैन, जानें इससे जुड़े कुछ अहम तथ्य

जयपुर: एक जुलाई यानी आज से देशभर में प्लास्टिक से बने दर्जनों उत्पादों पर प्रतिबंध (Single Use Plastic Ban) लग गया है. अब प्रदेश के पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने भी एक अधिसूचना जारी कर 8 विभागों के अधिकारियों को इस तरह की सामग्री जप्त करने के लिए अधिकृत किया है और जुर्माना राशि भी तय कर दी है. पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले इन उत्पादों डिस्पोजेबल ग्लास लेकर ईयर बड और प्लास्टिक से बने झंडे-बैनर तक शामिल हैं. केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इनके उत्पादन, भंडारण, वितरण और इस्तेमाल से जुड़े सभी पक्षों को नोटिस जारी किया है. 

पिछले वर्ष अगस्त में केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक को लेकर अधिसूचना जारी की थी. इसमें एक जुलाई से इस तरह के तमाम उत्पादों पर पाबंदी लगाने को कहा गया था. सीपीसीबी के नोटिस के मुताबिक एक जुलाई से गुब्बारे में लगने वाली प्लास्टिक स्टिक, प्लास्टिक के झंडे, कैंडी स्टिक, आइसक्रीम स्टिक, सजावट में काम आने वाले थर्माकोल बैन किए जाएंगे. अन्य उत्पादों में प्लास्टिक कप, प्लेट, गिलास, कांटा, चम्मच, चाकू, स्ट्रॉ, मिठाई के डिब्बों पर लगाई जाने वाली प्लास्टिक, निमंत्रण पत्र, 100 माइक्रोन से कम मोटाई वाले पीवीसी बैनर शामिल हैं. सीपीसीबी ने सभी उत्पादकों, स्टॉकिस्ट, दुकानदारों, ई-कॉमर्स कंपनियों, स्ट्रीट वेंडर, मॉल, मार्केट, शॉपिंग सेंटर, सिनेमा हॉल, टूरिस्ट लोकेशन, स्कूल-कॉलेज, ऑफिस कॉम्प्लेक्स, अस्पताल और अन्य संस्थानों को इन चीजों के वितरण, बिक्री और इस्तेमाल पर रोक लगाने को कहा है. 

पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के प्रमुख सचिव शिखर अग्रवाल ने अधिसूचना के बारे में बताया कि 1 जुलाई से प्रतिबंधित होने वाले सिंगल यूज प्लास्टिक के लिए राज्य सरकार ने 8 विभागों के अधिकारियों को इस तरह की वस्तुओं को जप्त करने के लिए अधिकृत किया है. स्वायत्त शासन विभाग के आयुक्त या कार्यकारी अधिकारी, परिवहन विभाग के जिला परिवहन अधिकारी, रीको के सीएमडी, क्षेत्रीय प्रबंधक, राजस्व विभाग के उपखंड अधिकारी और तहसीलदार, प्रदूषण नियंत्रण मंडल के क्षेत्रीय अधिकारी, गृह विभाग के सभी थाना अधिकारी, पंचायत राज विभाग के खंड विकास अधिकारी और वन विभाग के क्षेत्रीय वन अधिकारी अधिकृत किए गए हैं. 

सरकार ने सिंगल यूज प्लास्टिक से बने 19 आइटम्स को पर्यावरण संरक्षण एक्ट के तहत प्रतिबंधित किया:
इस प्रतिबंध के लागू होने के बाद उल्लंघन करने पर व्यक्तिगत हित धारक से ₹1000 और छोटे थोक निर्माताओं से ₹5000 जुर्माना वसूला जाएगा. केंद्र सरकार ने 1 जुलाई यानी आज से सिंगल यूज प्लास्टिक को बनाने, आयात, निर्यात और बिक्री पर पूरी तरह से पाबंदी लगाने का ऐलान कर दिया है. इससे पर्यावरण को सबसे ज्यादा नुकसान होता है. सिंगल यूज प्लास्टिक यानी प्लास्टिक से बनी ऐसी चीजें, जिसका हम सिर्फ एक ही बार इस्तेमाल कर फेंक देते हैं और इससे पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है. सरकार ने सिंगल यूज प्लास्टिक से बने 19 आइटम्स को पर्यावरण संरक्षण एक्ट के तहत प्रतिबंधित किया गया है. हालांकि, चिप्स के पैकेट और पान मसाले के पाउच पर पाबंदी को लेकर अभी स्पष्टता नहीं है. अगर कोई भी निर्माता इन उत्पादों का निर्माण करता है, तो उसे पर्यावरण एक्ट की धारा 15 के तहत 7 साल तक की कैद और 1 लाख रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान है. 

सर्वे के मुताबिक देश में हर दिन 26 हजार टन प्लास्टिक कचरा निकलता है:
सिंगल यूज प्लास्टिक पर्यावरण के लिए बेहद खतरनाक इसलिए माने गए हैं क्योंकि ये न तो डिकंपोज होते हैं और न ही इन्हें जलाया या गलाया जा सकता है. इनके कण पर्यावरण को जहरीला करते हैं और इससे इंसान व जानवरों को खतरा होता है. इससे भूजलस्तर भी प्रभावित होता है क्योंकि इनका कचरा वर्षा जल को जमीन में जाने से रोकता है. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सर्वे के मुताबिक देश में हर दिन 26 हजार टन प्लास्टिक कचरा निकलता है. इसमें से सिर्फ 60% को ही इकट्ठा किया जाता है बाकी कचरा नदी-नालों में मिल जाता है या पड़ा रहता है. देश में हर साल 2.4 लाख टन सिंगल यूज प्लास्टिक पैदा होता है. इस हिसाब से हर व्यक्ति हर साल ग्राम सिंगल यूज प्लास्टिक कचरा पैदा करता है.सिंगल यूज वाले प्लास्टिक चीजों में प्लास्टिक स्टिक, गुब्बारे के लिए प्लास्टिक स्टिक, झंडे और कैंडी की प्लास्टिक स्टिक, आइसक्रीम की स्टिक, सजावट के लिए पॉलीस्टाइनिन थर्मोकॉल शामिल हैं. इसके अलावा प्लेट, कप, गिलास, कटलरी जैसे कांटे, चम्मच, चाकू, ट्रे, मिठाई बॉक्स, निमंत्रण कार्ड और सिगरेट के पैकेट पर लपेटे जाने वाली प्लास्टिक और 100 माइक्रोन से कम के पीवीसी बैनर शामिल हैं. 

फिलहाल देश में 50 माइक्रॉन से कम के पॉलीथीन बैग पर बैन:
फिलहाल देश में 50 माइक्रॉन से कम के पॉलीथीन बैग पर बैन है. नए नियमों के तहत 75 माइक्रोन से कम मोटाई के पॉलीथीन बैग और 120 माइक्रोन से कम के बैग पर प्रतिबंध लगाया जाएगा. प्रमुख सचिव श्रेया गुहा ने बताया कि पर्यावरण मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि 1 जुलाई 2022 से पॉलीस्टाइनिन और एक्सपैंडेड पॉलीस्टाइनिन सहित सिंगल यूज वाले प्लास्टिक के उत्पादन, आयात, स्टॉकिंग, वितरण, बिक्री और उपयोग पर प्रतिबंध रहेगा.कम्पोस्टेबल प्लास्टिक से बने कैरी बैग पर मोटाई का प्रावधान लागू नहीं होगा. कंपोस्टेबल प्लास्टिक कैरी बैग के निर्माताओं, विक्रेताओं या ब्रांड मालिकों को प्लास्टिक पैकेजिंग सामग्री सहित उन सामानों की मार्केटिंग/बिक्री या उपयोग करने से पहले प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से एक सर्टिफिकेट लेना होगा. औद्योगिक व गैर औद्योगिक क्षेत्रों में सिंगल यूज प्लास्टिक उत्पाद बनाने वाली इकाइयों का सर्वे कराया जा रहा है और उन्हें इनके निर्माण बंद कर वैकल्पिक वस्तुओं के निर्माण-व्यवसाय की जानकारी दी जा रही है. इसके बाद भी, इन प्रतिबंधित उत्पादों के निर्माण कार्य होने की स्थिति में ठोस कार्रवाई की जाएगी.

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