रेवदर, सिरोही कलयुग में वानरों के लिए नावसेतु: 15 दिन से टापू पर फंसे बंदरों के लिए ग्रामीणों ने अपनी जुगाड़ तकनीक से किया रेस्क्यू, 10 नावों को जोड़कर बनाया सेतु

कलयुग में वानरों के लिए नावसेतु: 15 दिन से टापू पर फंसे बंदरों के लिए ग्रामीणों ने अपनी जुगाड़ तकनीक से किया रेस्क्यू, 10 नावों को जोड़कर बनाया सेतु

कलयुग में वानरों के लिए नावसेतु: 15 दिन से टापू पर फंसे बंदरों के लिए ग्रामीणों ने अपनी जुगाड़ तकनीक से किया रेस्क्यू, 10 नावों को जोड़कर बनाया सेतु

रेवदर(सिरोही): रामचरित के अनुसार भगवान राम ने रावण की लंका में जाने के और समुद्र को पार करने के लिए वानर सेना के सहयोग से एक सेतु का निर्माण कराया था. अब कलयुग में 15 दिन से 20 से ज्यादा बंदरों का एक काफिला टोकरा बांध के बीचोबीच स्थित एक टापू पर फंसा हुआ था. ऐसा में लग रहा था कि इन बंदरों को अब राम का ही इंतजार है ताकि उनको वह निकाल सकें. 

दरअसल, बंदरों का यह काफिला रेवदर तहसील के टोकरा बांध की पहाड़ी पर क्षेत्र के एक टापू पर फंसे हुए हैं. टापू के चारों तरफ पानी भरा हुआ है. इसलिए टापू पर फंसे यह बंदर किसी तरह अपनी प्यास तो यहां पर भरे पानी से मिटा ली. लेकिन उनको खाने को कुछ नहीं मिल पा रहा है. लेकिन सूचना पर ग्रामीणों ने अपनी जुगाड़ तकनीक से रेस्क्यू कर लिया. ग्रामीणों ने इसके लिए मछुआरों की 10 नावों को जोड़कर नाव सेतु बनाया और छह घंटे की मशक्कत कर बंदरों को टापू से बाहर निकाल लिया. उडवारिया ग्राम पंचायत के टोकरा गांव में रेस्क्यू चलाया गया.

एक-एक करके सभी नावों को रस्सी से बांधकर पुल बनाया:
टोकरा ग्रामदानी सभा के अध्यक्ष जगाराम देवासी की पहल पर टोकरा बांध के दूसरे हिस्से में पड़ी मछुआरे के नावों को ग्रामीण ट्रैक्टर में भरकर टापू के सबसे नजदीकी हिस्से में लाए. फिर एक-एक करके सभी नावों को रस्सी से बांधकर पुल बनाया. जिसके बाद समाजसेवी महेंद्र सिंह परमार नावों के पुल से टापू पर पहुंचा और पहाड़ी के चारों तरफ से बंदरों को भगाना शुरू किया. सफलता नहीं मिली तो फटाखे छोडे़, जिसकी आवाज से बंदर नाव सेतु से भगाते हुए बाहर निकल आए. नाव सेतु पर कूदते हुए एक बंदर पानी में गिरे तो वहाँ मौजूद ग्रामीणों ने पानी में उतरकर सुरक्षित बाहर निकाला. ये सेतु तब तक बना रहेगा जब तक कि बाकी बंदर आ जाए.

...सिरोही के रेवदर से 1st इंडिया के लिए किशोर पुरोहित की रिपोर्ट

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