close ads


सिरोही: ACB की टीम ने किसान से तीन हजार की रिश्वत लेते पटवारी को दबोचा, लग्जरी होटल में जी रहा था ऐशो-आराम की जिंदगी

सिरोही: ACB की टीम ने किसान से तीन हजार की रिश्वत लेते पटवारी को दबोचा,  लग्जरी होटल में जी रहा था ऐशो-आराम की जिंदगी

सिरोही: जिले भीमाणा में एसीबी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भीमाणा पटवारी गिरधारीदान चारण को तीन हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों ट्रेप किया गया. एसीबी के एएसपी नारायणसिंह पुरोहित ने बताया कि भीमाणा पटवार सर्कल के सांगवाड़ा निवासी मोतीराम पुत्र कानाराम भील पेशे से किसान है जिसने परिवाद पेश कर बताया कि पटवारी गिरधारीदान चारण ने कृषि कार्य व कृषि कनेक्शन के लिए उसकी जमीन की नकल व जमाबंदी देने के एवज 10 हजार रुपये की मांग की थी, जिसमे 7 हजार पहले दे चुका था. 

होटल में तीन हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों ट्रेप किया: 
वहीं तीन हजार और देने के लिए पटवारी उनपर दबाव बना रहा है जिसकी शिकायत पर एसीबी ने सत्यापन करवाया सत्यापन होने के बाद एसीबी के एएसपी नारायणसिंह पुरोहित के नेतृत्व में टीम भीमाणा के एक होटल पहुची जहां हाइवे पर स्थित प्रियंका होटल के रूम नम्बर 113 में पटवारी गिरधारीदान चारण को तीन हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों ट्रेप किया गया. 

होटल के कमरे से डेढ़ लाख रुपये नकद भी बरामद किए: 
वहीं एसीबी टीम द्वारा कमरे की तलाशी ली गई तो कमरे से डेढ़ लाख रुपये नकद भी बरामद किए गए. एसीबी की टीम आरोपी गिरधारीदान से डेढ़ लाख की राशि के हिसाब के बारे में पूछताछ कर रही है. वहीं आरोपी के मूल गांव जो जैसलमेर जिले में स्थित है उसकी भी जानकारी लेकर वहां पर भी सर्च की कार्रवाई की जाएगी. 

पिछले लंबे समय से एक लग्जरी होटल में रह रहा था:
पटवारी के एशो-आराम का अंदाजा सिर्फ इस बात से लगाया जा सकता है कि पटवारी गिरधारीदान चारण जो कि सरकार का एक अदना सा कर्मचारी होते हुए भी सरकारी आवास पर न रहकर पिछले लंबे समय से एक लग्जरी होटल के रूम 113 में रह रहा है, जिसका प्रतिदिन का किराया करीब 1500 से 2000 रुपये है. एक पटवारी अगर प्रतिदिन अपने रहने के लिए अगर दो हजार रुपये खर्च करता है तो आप अंदाजा लगा सकते है कि उसकी ऊपरी कमाई कितनी होगी? 

पिंडवाड़ा पटवार संघ उपशाखा के अभी हाल ही में अध्यक्ष चुने गए: 
आपको बता दें कि आरोपी पटवारी गिरधारीदान पिंडवाड़ा पटवार संघ उपशाखा के अभी हाल ही में अध्यक्ष चुने गए और अध्यक्ष चुनते ही इन्होंने पिंडवाड़ा तहसीलदार कल्पेश जैन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था जिसके चलते पिछले काफी दिनों से सुर्खियों में थे. और आज एसीबी द्वारा कार्रवाई के बाद लोगों द्वारा अलग-अलग ढंग के कयास लगाए जा रहे हैं.

और पढ़ें