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स्मार्टफोन POCO X2 बिक्री के लिए बाजार में उपलब्ध, जानिए फीचर्स

स्मार्टफोन POCO X2 बिक्री के लिए बाजार में उपलब्ध, जानिए फीचर्स

जयपुर: हाल ही में स्मार्टफोन POCO X2 को भारत में लॉन्च किया गया था, लेकिन यह स्मार्टफोन उस समय बिक्री के लिए बाजार में उपलब्ध नहीं हुआ था. लेकिन अब खबर हैं कि यह स्मार्टफोन बिक्री के लिए 18 फ़रवरी से बाजार में उपलब्ध हो गया है. स्मार्टफोन निर्माता कंपनी POCO ने इस लॉन्च किया है. अगर आप भी इस स्मार्टफोन को खरीदने का प्लान बना रहे है तो आप POCO X2 को ICICI बैंक कार्ड से खरीदते हैं तो आपको EMI और 1,000 रुपए का डिस्काउंट दिया जा सकता है.

स्मार्टफोन की कीमत और फीचर्स:
चलिए अब आपको स्मार्टफोन की कीमत और फीचर्स के बारे में बताते है. तो आपको बता दें कि Poco X2 को भारतीय बाजार में 3 वेरिएंट में उतारा गया है. इसके 6 जीबी रैम और 64 जीबी इंटरनल स्टोरेज वेरिएंट की कीमत 15,999 रुपए रखी गई है. जबकि इसके दूसरे वेरिएंट 6 जीबी रैम + 128 जीबी इंटरनल स्टोरेज की कीमत 16,999 रुपए रखी है. इसके अलावा इसके तीसरे वेरिएंट 8जीबी रैम + 256 जीबी इंटरनल स्टोरेज की कीमत 19,999 रुपए है. 

4500 एमएएच की बैटरी:
पावर के लिए इसमें 4500 एमएएच की बैटरी दी गई है जो कि 25W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट से लैस है.इसमें गेम बूस्टिंग लिक्विड कूलिंग तकनीक का इस्तेमाल किया गया है जिसके कारण से यह फोन अधिक इस्तेमाल के बाद भी हीट नहीं होता. इसमें 3.5mm हेडफोन जैक और यूएसबी टाइप सी पोर्ट्स मिलते हैं.इस फोन में 6.7 इंच का फुल एचडी+ डिस्प्ले लगा है, जिसका 120hz रिफ्रेश रेट है, और यही है इस फोन की सबसे बड़ी खूबी. स्मार्टफोन का डिस्प्ले बेहद स्मूथ है जो यक़ीनन आपको इम्प्रेस कर देगा.

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नई लिस्ट में कुछ टॉप गेमिंग ऐप्स भी शामिल: 
सरकार के सूत्रों की माने तो 250 ऐसे चीनी ऐप्स हैं जिन्हें नेशनल सिक्योरिटी के वॉयलेशन को लेकर जांच की जा सकती है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस पर चीनी एप्स की हटाने की नई लिस्ट में कुछ टॉप गेमिंग ऐप्स भी शामिल हैं. ऐसे में मुमकिन है अगली लिस्ट आने के बाद भारत में कई पॉपुलर चीनी गेम्स भी बैन किए जा सकते हैं.

कुल 106 एप्स को भारत में प्रतिबंधित कर दिया गया: 
ऐसे में भारत सरकार ने कुल 106 एप्स को भारत में प्रतिबंधित कर दिया गया है. इस सूची में पबजी और अली एक्सप्रेस जैसे पॉपुलर ऐप्स शामिल हैं. सूत्रों के मुताबिक सरकार इन मोबाइल एप की जांच कर यह पता लगाएगी कि कहीं यह प्राइवेसी के नियमों का उल्लंघन तो नहीं कर रहे हैं. इसके अलावा कई चीनी इंटरनेट कंपनियों पर भी प्रतिबंध लगाया जा सकता है. 

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ये ऐप्स चीन के साथ कथित तौर पर डेटा शेयर कर रहे:
मिली जानकारी के अनुसार ये ऐप्स चीन के साथ कथित तौर पर डेटा शेयर कर रहे हैं और इस वजह से सरकारी एजेंसियां इनका रिव्यू कर रही हैं. फिलहाल सरकार की तरफ से नए ऐप्स बैन को लेकर कोई स्टेटमेंट जारी नहीं किया गया है.

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नई दिल्ली: ट्विटर के लिए बुधवार की रात पूरी तरह से भयावह रही जब नामी गिरामी लोगों ने इसमे सेंध लगने की शिकायत की. बराक ओबामा, एमेजन सीईओ जेफ बेजोस, वारेन बफेट, बिल गेट्स और एलन मस्क समेत दुनिया के कई दिग्गजों के ट्विटर अकाउंट को हैक कर लिया गया, जिसके बाद कई घंटों तक ट्विटर ने ब्लू टिक वाले सभी अकाउंट को बंद कर दिया. ट्विटर के इतिहास में ये अब तक की सबसे बड़ी सुरक्षा में सेंध मानी जा रही है.

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ट्वीट कर बिटक्वाइन के रूप में पैसा मांगा जा रहा था:
अकाउंट हैक करने के बाद सभी अकाउंट्स से ट्वीट कर बिटक्वाइन के रूप में पैसा मांगा जा रहा था, हालांकि अभी फौरी तौर पर इस मुश्किल को दूर कर लिया गया है. हालांकि ट्विटर ने कहा है कि यह उसके लिए एक कठिन दिन है और वह इस समस्या को जल्द ही सुधारने के लिए काम कर रही है.

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बिल गेट्स के अकाउंट से किए गए ट्वीट में कहा गया कि हर कोई मुझसे समाज को वापस लौटाने के लिए कहता रहा है, अब वो समय आ गया है. आप मुझे एक हज़ार डॉलर भेजिए मैं आपको दो हज़ार डॉलर वापस भेजूंगा. कई अन्य लोगों ने भी इसी से मिलती जुलती शिकायत की.

कुछ ही मिनट बाद डिलीट हो गए:
इन मशहूर हस्तियों के अकाउंट से पोस्ट किए गए यह ट्वीट कुछ ही मिनट बाद डिलीट हो गए. परंतु इसके बाद तो जैसे एक लहर सी चल पड़ी और कई अन्य प्रमुख लोगों के अकाउंट धड़ाधड़ हैक होने लगे. 

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बिटक्वाइन क्या है?
आपको बता दें कि रुपये और डॉलर बिटक्वाइन एक डिजिटल करेंसी है, जिसे डिजिटिल बैंक में ही रखा जा सकता है. अभी इसे कुछ ही देशों में लागू किया गया है और हर जगह एक बिटक्वाइन की कीमत काफी अधिक है. इन्वेस्टमेंट के हिसाब से लोगों को ये काफी लुभावना लगता है.
 

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नई दिल्ली: रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ग्रुप के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने रिलायंस जियो 5जी तकनीक का ऐलान किया है. रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की 43वीं आमसभा को संबोधित करते हुए मुकेश अंबानी ने कहा कि इस तकनीक को पूरी तरह से भारत में ही तैयार किया गया है. ग्रुप के चेयरमैन ने कहा कि यह तकनीक पीएम नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत अभियान को समर्पित है. 

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50 करोड़ उपभोक्ताओं तक बनाई अपनी पहुंच:
इसके साथ ही मुकेश अंबानी ने सर्च इंजन गूगल की ओर से रिलायंस जियो की पैरेंट कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स में 33,737 करोड़ रुपए के निवेश की भी घोषणा की.उन्होंने कहा कि गूगल ने जियो प्लेटफॉर्म्स में 7.7 प्रतिशत हिस्सेदारी के बदले यह निवेश किया है. रिलायंस जियो ने 50 करोड़ उपभोक्ताओं तक अपनी पहुंच बनाई है. 

जियो ग्लास भी हुआ लॉन्च:
इसके अलावा 5 करोड़ दफ्तरों तक भी रिलायंस पहुंचा है. इसके अलावा मुकेश अंबानी की बेटी ईशा अंबानी ने रिलायंस के रिटेल प्लेटफॉर्म जियो मार्ट के फ्यूचर प्लान के बारे में जानकारी दी. यही नहीं ईशा अंबानी और आकाश अंबानी ने जियो ग्लास भी लॉन्च किया. यह एक प्रकार का चश्मा है, जिसे पहनकर आप किसी भी मीटिंग में थ्रीडी व्यूजुअल के साथ जुड़ सकते हैं.

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बैन के बाद टिकटॉक ने दी सफाई- नहीं शेयर की जानकारी, चीन को भी नहीं दिया डेटा

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नई दिल्ली: भारत और चीन विवाद के चलते सोमवार को मोदी सरकार ने देश में टिकटॉक समेत 59 ऐप्स पर पाबंदी लगा दी है. इस बैन के बाद वीडियो मेकिंग ऐप टिक टॉक इंडिया ने एक बयान जारी करते हुए सफाई दी है. कहा है कि किसी भी यूजर की जानकारी दूसरे देश, यहां तक कि चीन को भी नहीं दी गई है.

TikTok, UC Browser सहित 59 चीनी ऐप्स बैन, यहां देखें पूरी लिस्ट  

किसी भी भारतीय यूजर की जानकारी साझा नहीं की:  
टिकटॉक के हवाले से समाचार एजेंसी पीटीआई ने लिखा है कि सरकार के आदेश का पालन किया जा रहा है, लेकिन उनकी तरफ से किसी भी भारतीय यूजर की जानकारी किसी भी दूसरे देश साझा नहीं की गई है, यहां तक की चीन के साथ भी नहीं. वहीं ट्विटर पर एक पोस्ट के जरिए टिक टॉक इंडिया के हैड निखिल गांधी ने कहा है कि हम भारत सरकार के आदेश को मान रहे हैं. इसके लिए हम सरकारी एजेंसियों से मुलाकात भी करेंगे और अपनी सफाई पेश करेंगे. 

टिक टॉक भारत के कानून का सम्मान करता है:
उन्होंने आगे कहा कि टिक टॉक भारत के कानून का सम्मान करता है. टिक टॉक ने भारत के लोगों का डाटा चीनी सरकार सहित किसी भी विदेशी सरकार को नहीं भेजा है. अगर हमे ऐसा करने के लिए कहा भी जाता तो भी हम ऐसा नहीं करते. इससे पहले कल ही मोदी सरकार ने टिकटॉक समेत 59 ऐप पर पाबंदी लगाई है. सरकार के इस फैसले को लद्दाख में तनाव के बीच चीन के लिए कड़े संदेश के तौर पर देखा जा रहा है.

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14 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध टिक टॉक पर लाखों-करोड़ों यूजर्स:
वहीं टिक टॉक ने यह भी दावा किया है कि 14 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध टिक टॉक पर लाखों-करोड़ों यूजर्स हैं, जिनमें आर्टिस्ट, स्टोरी टेलर, टीचर हैं जो अपनी रोजमर्रा की रोजी रोटी के लिए इस पर निर्भर हैं. इसके साथ ही यह भी कहा कि इनमें से बहुत सारे लोग तो ऐसे भी हैं जो पहली बार इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहे हैं. सरकार के बैन के बाद गूगल ने टिक टॉक समेत सभी बैन किए गए ऐप्स को प्ले स्टोर से हटा दिया है. 


 

TikTok, UC Browser सहित 59 चीनी ऐप्स बैन, यहां देखें पूरी लिस्ट

नई दिल्ली: पूर्वी लद्दाख में चीन संग सीमा विवाद के चलते भारत सरकार ने चीन के खिलाफ आर्थिक कार्रवाई शुरू कर दी है. सोमवार को आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्रालय ने भारत में प्रचलित टिकटॉक (TikTok) और यूसी ब्राउजर (UC Browser) समेत चीन के 59 एप पर प्रतिबंध लगा दिया. सरकार ने इन ऐप्स को सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक बताया है. 

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भारत की संप्रभुता, अखंडता और सुरक्षा के लिए खतरनाक: 
सरकार की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि उपलब्ध सूचना के अनुसार, ये ऐप्स उन गतिविधियों में लगे हुए हैं, जो भारत की संप्रभुता, अखंडता और सुरक्षा के लिए खतरनाक हैं. सरकार ने कहा कि इन चाइनीज ऐप्स के सर्वर भारत से बाहर मौजूद हैं. इनके जरिए यूजर्स का डेटा चुराया जा रहा था. इनसे देश की सुरक्षा और एकता को भी खतरा था. इसी वजह से इन्हें बैन करने का फैसला लिया गया है. 

इन 59 चाइनीज एप पर लगाया गया प्रतिबंध: 
1. टिकटॉक (TikTok) 2. शेयर इट (Shareit) 3. केवई (Kwai) 4. यूसी ब्राउजर (UC Browser) 5. बैडू मैप (Baidu map) 6. शीईन (Shein) 7. क्लैश ऑफ किंग (Clash of Kings) 8. डीयू बैटरी सेवर (DU battery saver) 9.  हेलो (Helo) 10. लाइक (Likee) 11.  यूकैम मेकअप ( YouCam makeup) 12. एमआई कम्युनिटी ( Mi Community) 13.  सीएम ब्राउजर (CM Browers) 14.  वायरस क्लीनर (Virus Cleaner) 15. एपीयूएस ब्राउजर (APUS Browser) 16.  रोमवी (ROMWE) 17.  क्लब फैक्ट्री (Club Factory) 18. न्यूज डॉग (Newsdog) 19.  ब्यूटी प्लस (Beutry Plus) 20.  वीचैट (WeChat) 21. यूसी न्यूज (UC News)  22. क्यू क्यू मेल (QQ Mail) 23. वीबो (Weibo)  24. एक्सएंडर (Xender) 25. क्यू क्यू म्यूजिक (QQ Music) 26. क्यू क्यू न्यूजफीड (QQ Newsfeed) 27.  बीगो लाइव (Bigo Live) 28.  सेल्फी सिटी (SelfieCity) 29.  मेल मास्टर (Mail Master)30. पैरलर स्पेस (Parallel Space) 31. एमआई वीडियो कॉल-शियॉमी (Mi Video Call – Xiaomi) 32. वीसाइन (WeSync) 33.  ईएस फाइल एक्सप्लोरर (ES File Explorer) 34. वीवा वीडियो (Viva Video),  35. मीईटू (Meitu) 36.  वीगो वीडियो ( Vigo Video) 37.  न्यू वीडियो स्टेटस (New Video Status) 38. डीयू रिकॉर्डर (DU Recorder) 39. वॉलट हाइड (Vault- Hide) 40. कैचे क्लीयर डीयू ऐप स्टूडियो (Cache Cleaner DU App studio) 41.  डीयू क्लीनर (DU Cleaner) 42. डीयू ब्राउजर (DU Browser) 43. हगो प्ले विद न्यू फ्रेंड्स (Hago Play With New Friends) 44. कैम स्कैनर (Cam Scanner) 45.  क्लीन मास्टर चीता मोबाइल (Clean Master – Cheetah Mobile) 46. वंडर कैमरा (Wonder Camera) 47.  फोटो वंडर (Photo Wonder) 48. क्यू क्यू प्लेयर (QQ Player) 49. वी मीट (We Meet) 50.  स्वीट सेल्फी (Sweet Selfie) 51.  बैडू ट्रांसलेट (Baidu Translate) 52. वी मेट (Vmate) 53. क्यू क्यू इंटरनेशनल (QQ International) 54. क्यू क्यू सिक्योरिटी सेंटर (QQ Security Center) 55.  क्यू क्यू लॉन्चर (QQ Launcher) 56. यू वीडियो (U Video) 57.वी फ्लाई स्टेटस वीडियो ( V fly Status Video) 58.  मोबाइल लिजेंड्स (Mobile Legends) 59. डीयू प्राइवेसी ( DU Privacy)

ये 10 एप्स भारत में थे काफी पॉपुलर: 
TikTok, Shareit, UC Browser, DU battery saver, Helo, Likee, WeChat, UC News, BigoLive और Vigo Video वो 10 एप्स हैं जो भारत में काफी पॉपुलर थे. 

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भारत में 80 करोड़ से ज्यादा लोगों के पास स्मार्टफोन: 
मोबाइल एप इंडस्ट्री की बात करें तो भारत में 80 करोड़ से ज्यादा लोगों के पास स्मार्टफोन हैं. बीते साल दुनियाभर में सबसे ज्यादा एप भारत में इंस्टॉल किए गए थे. आंकड़ों के मुताबिक शुरुआती तीन महीने में ही 4.5 अरब से ज्यादा एप डाउनलोड किए गए, जिनमें सबसे ज्यादा टिकटॉक था. टिक टॉक की बात करें तो दुनियाभर में इसके दो अरब से ज्यादा यूजर हैं. इनमें सबसे ज्यादा करीब 30 फीसदी भारतीय हैं. इस एप की कुल कमाई का 10 फीसदी केवल भारत से होता है. 


 

ट्विटर ने नया फीचर VOICE Tweet करा लॉन्च, जानिए बेहद दिलचस्प ये फीचर कैसे करता है काम

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नई दिल्ली: ट्विटर लगातार अपने यूज़र्स के लिए बदलाव कर रहा है, अब हाल ही में कपनी ने बेहद दिलचस्प वॉयस फीचर अपने यूज़र्स के लिए लॉन्च करा है. इस नए फीचर की मदद से अब आप अपनी आवाज़ रिकॉर्ड करके ट्वीट कर सकेंगे, काफी दिनों की टेस्टिंग के बाद इसे कंपनी ने अपने यूज़र्स के लिए उपलबध कराया है. हालांकि ट्विटर ने जानकारी देते हुए बताया की अभी ये ऐप्प IOS यूजर्स ही यूज़ कर सकेंगे। ट्विटर ने ने अभी तक जानकारी नहीं दी है कि कब तक वॉयस फीचर को एंड्रॉयड यूजर्स के लिए जारी किया जाएगा. 

नया फीचर ऐसे होगा इस्तेमाल:
Voice Tweet यूज़ करने का तरीका बेहद आसान है और इसे वैसे ही ट्वीट करते हैं जैसे आप टेक्स्ट ट्वीट करते थे. कंपोज़ ट्वीट पर टेप करने के बाद आपको वेवलेंथ के साथ एक नया आइकन दिखाई देगा, उसपे टेप करते ही आप अपनी आवाज़ में रिकॉर्ड करके ट्वीट कर  सकेंगे।आपको बता दे यहां पर भी टाइम लिमिट है, यानी 140 सेकेंड के ऑडियो को ही रिकॉर्ड कर ट्वीट कर पाएंगे. TWITTER इसे जल्द ही आने वाले हफ्तों में IOS यूजर के लिए उपलब्ध कराएगा. 

Twitter लगातार बदलाव कर रहा है:
हाल ही में ट्विटर ने  "स्टोरीज़" फॉर्मेट को 'Fleets' नाम से टेस्ट करने के लिए भारत में Android और iOS यूज़र्स के लिए उपलब्ध कराया था. Instagram, Facebook और WhatsApp स्टोरीज़ की तरह ही फ्लीट्स भी 24 घंटे के बाद टाइमलाइन से आटोमेटिक रिमूव हो जाते हैं. 

चीन की चालाकी पर ट्विटर की कार्रवाई, चीनी समर्थन वाले 1.7 लाख अकाउंट किए सस्पेंड

चीन की चालाकी पर ट्विटर की कार्रवाई, चीनी समर्थन वाले 1.7 लाख अकाउंट किए सस्पेंड

नई दिल्ली: अपनी चालबाज़ी और साजिशो के लिए दुनियाभर में आलोचना झेल रहे चीन की एक और चालाकी सामने आयी है और इस पर कार्रवाई करते हुए ट्विटर ने 1.7 लाख अकाउंट को बंद कर दिया है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ये एकाउंट्स सीधे तौर पर चीन की नीतियों और कदमों को सही ठहरा कर उनका प्रचार प्रसार कर रहे थे. गौरतलब है की हॉन्गकॉन्ग में चीन विरोधी प्रदर्शन और covid-19 को लेकर दुनियाभर में चीन की कड़ी आलोचना हो रही है ऐसे में ट्विटर पर लाखों अकाउंट्स चीन को सही ठहरा रहे थे. 

हॉन्गकॉन्गन और covid-19 की ज्यादा चर्चा 
अकाउंट की तरफ से गलत जानकारी भी फैलाई जा रही थी. ऐसे कई अकाउंट्स थे जिनके जरिए यह दावा किया जा रहा था कि covid-19 को लेकर चीन ने सही वक्त पर सही कदम उठाए वही दूसरी ओर हॉन्गकॉन्गन में नए कानून पारित को लेकर दुनियाभर में चीन की निंदा हो रही है लेकिन, ट्विटर पर हजारों अकाउंट्स ऐसे थे जो चीन के कदम को सही ठहरा रहे थे.  

विदेश में रहने वाले चीनी नागरिक थे टारगेट
ट्विटर की तरफ से जारी बयान में कहा गया है की 23,750 अकाउंट की पहचान की है, जो चीन का समर्थन कर रहे थे. इसके साथ 1.50 लाख अकाउंट ऐसे भी थे, जो इन अकाउंट से किए गए ट्वीट को रीट्वीट कर दुनियाभर में प्रमोट करने काम करते थे. इसके अलावा ऑस्ट्रेलियन स्ट्रैटेजिक पॉलिसी इंस्टीट्यूट की रिपोर्ट में कहा गया है कि इस चीनी अभियान का मकसद विदेश में रहने वाले चीनी नागरिकों को टारगेट करना था.

कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चीन का सर्मथन 
ट्विटर का कहना है कि निलंबित खातों में मुख्य रूप से चीनी भाषा में चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के समर्थन में ट्वीट करा जाता था. हालाँकि आपको बता दें की चीन में आधिकारिक तौर पर ट्विटर ब्लॉक है पर वहां के लोग वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क, यानी वीपीएन कनेक्शन के जरिये सोशल मीडिया साइट्स पर पहुंचते हैं.

चीनी मोबाइल कंपनी की साजिश या लापरवाही ? भारत में एक ही IMEI नंबर पर एक्टिव मिले 13 हज़ार मोबाइल

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मेरठ (यूपी) : सभी मोबाइल फ़ोन में एक ही IMEI नंबर अलॉट होता हे, तो आप भी सोच रहे होंगे ये कैसे मुमकिन हो सकता है. अपनी चालबाज़ी और साजिशो के लिए दुनियाभर में आलोचना झेल रहा चीन का एक और बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है. चीन की मोबाइल निर्माता कंपनी VIVO के एक आईएमईआई (International Mobile Equipment Identity) नंबर पर 13 हजार से ज्यादा मोबाइल फोन एक्टिव पाए गए हैं. मेरठ जोन पुलिस की साइबर क्राइम सेल की जांच में यह खुलासा हुआ है ऐसे में यह भारत की आंतरिक सुरक्षा के लिहाज से कंपनी की बड़ी लापरवाही मानी जा रही है.

क्या होता है आईएमईआई नंबर: 
हर व्यक्ति की पहचान के लिए उसके पास आइडेंटिटी प्रूफ होता है, उसी तरह हर मोबाइल की पहचान उसका IMEI नंबर होता है. कॉल हिस्ट्री, मैसेज व लोकेशन ट्रैक इत्यादि की जानकारी भी IMEI के जरिये मिलती है. ऐसे में कोई अपराध हुआ तो  अपराधी को पकड़ा भी नहीं जा सकेगा.

मोबाइल की स्क्रीन टूटने पर हुआ खुलासा: 
इसका मामले का खुलासा तब हुआ जब पुलिस महानिदेशक मेरठ के कार्यालय में तैनात सब इंस्पेक्टर आशाराम के वीवो कंपनी मोबाइल की स्क्रीन टूट गयी, जिसके बाद इंस्पेक्टर ने वीवो सर्विस सेंटर में फोन ​रिपेयर के लिए दिया और सर्विस सेंटर से रिपेयर होने के कुछ दिनों बाद ही मोबाइल यूज़ में दिक्कत आने लगी और फोन स्क्रीन पर बार बार एरर आने लगा. इसके बाद मामले की शिकायत की गयी और  मेरठ जोन पुलिस की साइबर क्राइम सेल को जांच के निर्देश दिए. जांच में खुलासा हुआ की आशाराम के मोबाइल के बॉक्स पर जो आईएमईआई लिखा हुआ है, वह वर्तमान में मोबाइल में मौजूद आईएमईआई से अलग है और साथ ही मोबाइल में मौजूद IMEI नंबर पर देशभर में 13 हज़ार से भी ज्यादा मोबाइल एक्टिव है. यह बात जब वीवो सर्विस सेंटर पहुॅंची तो उन्होंने साफ कर दिया कि फोन की IMEI नहीं बदली गई है,लिहाजा अब कंपनी से फोन का डाटा मांगा गया है. 

नियमों का उल्लंघन : 
कुछ वर्षों पहले जब चाइनीज फोन आए थे तब उनका आईएमईआई नंबर एक ही होता था, तब सरकार द्वारा सभी नंबरों को ब्लैक लिस्ट किया था. इसके बाद ट्राई के नियम लागू हुए जिसके तहत एक आईएमईआई सिर्फ एक मोबाइल को दिया जा सकता है.

धोखाधड़ी का मामला दर्ज: 
मेरठ के एडीजी राजीव सबरवाल ने बताया की पुलिस ने Vivo Mobile और सर्विस सेंटर के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है ओर साइबर सेल ने पूरे मामले में वीवो इंडिया के नोडल अधिकारी हरमनजीत सिंह को 91 सीआरपीसी के तहत नोटिस दिया है साथ ही इस मामले को गंभीरता से लेते हुए इस मामले की जांच गहनता से की जाएगी.

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