लखनऊ हिंसा के सिलसिले में उत्तर प्रदेश में अब तक 255 लोग गिरफ्तार, रासुका के तहत होगी कार्रवाई

हिंसा के सिलसिले में उत्तर प्रदेश में अब तक 255 लोग गिरफ्तार, रासुका के तहत होगी कार्रवाई

 हिंसा के सिलसिले में उत्तर प्रदेश में अब तक 255 लोग गिरफ्तार, रासुका के तहत होगी कार्रवाई

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद हुई हिंसा के सिलसिले में अब तक कुल 13 प्राथमिकी दर्ज करते हुए पुलिस ने 255 लोगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी. अपर पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने यहां बयान जारी कर बताया कि इस संबंध में राज्य में 255 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इसमें प्रयागराज में 68, हाथरस में 50, सहारनपुर में 64, अंबेडकरनगर में 28, मुरादाबाद में 27, अलीगढ़ में तीन, जालौन में दो और फिरोजाबाद में 13 लोग शामिल हैं.

कुमार ने शनिवार रात आठ बजे तक की कार्रवाई का ब्यौरा देते हुए कहा कि प्रयागराज और सहारनपुर में तीन-तीन प्राथमिकी दर्ज करने के अलावा फिरोजाबाद, अलीगढ़, हाथरस, मुरादाबाद, अंबेडकरनगर, खीरी और जालौन में एक-एक प्राथमिकी दर्ज की गई है और इस मामले में 255 आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है.पुलिस ने बताया कि सहारनपुर और प्रयागराज में गिरफ्तार लोगों के खिलाफ कड़े राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत कार्रवाई की जाएगी.

इस बीच, हिंसा करने वालों को परोक्ष चेतावनी देते हुए, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार मृत्युंजय कुमार ने शनिवार को एक ट्वीट में कहा कि उपद्रवी याद रखें, हर शुक्रवार के बाद एक शनिवार जरूर आता है. कुमार ने अपने ट्वीट के साथ एक इमारत की तोड़फोड़ करते हुए बुलडोजर की तस्वीर भी साझा की.सहारनपुर में शुक्रवार को हुई हिंसा के दो आरोपियों के मकानों को पुलिस ने शनिवार को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया. सहारनपुर से मिली खबर के अनुसार, पुलिस प्रशासन ने हंगामा करने वाले दो अभियुक्तों को चिन्हित कर उनकी अवैध सम्पति पर बुलडोजर चला दिया.

सहारनपुर के पुलिस अधीक्षक (नगर) राजेश कुमार ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि सीसीटीवी फुटेज में उपद्रव मचाने वाले दो मुख्य अभियुक्तों मुजम्मिल निवासी राहत कॉलोनी 62 फुटा रोड और अब्दुल वाकिर निवासी खता खेड़ी के मकानों पर नगर निगम की टीम के साथ मिलकर बुलडोजर चलाया गया और उनके अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया गया.

सहारनपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आकाश तोमर ने कहा कि शुक्रवार की हिंसा के सिलसिले में 64 गिरफ्तारियां की गई हैं. गिरफ्तार लोगों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत कार्रवाई की जाएगी. प्रयागराज के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय कुमार ने बताया कि प्रयागराज में पुलिस ने पथराव के मास्टरमाइंड जावेद अहमद उर्फ पंप समेत 68 लोगों को गिरफ्तार किया है और उससे पूछताछ की जा रही है.

पुलिस अधिकारियों ने यह भी कहा कि गिरफ्तार किए गए सभी लोगों पर रासुका लगाया जाएगा. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को अधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए कहा, ‘‘बीते दिनों राज्य के विभिन्न शहरों में माहौल बिगाड़ने के लिए हुए अराजक प्रयासों में शामिल समाजविरोधी तत्वों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई होगी. ऐसे असामाजिक लोगों के लिए सभ्य समाज में कोई स्थान नहीं है. यह ध्यान रखें कि किसी भी निर्दोष का उत्पीड़न न हो, लेकिन दोषी एक भी न बचे.

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज और सहारनपुर समेत कई जिलों में पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की निलंबित नेता नुपुर शर्मा की कथित विवादास्पद टिप्पणी को लेकर कल जुमे की नमाज के बाद लोगों ने नारेबाजी और पथराव किया था.लखनऊ में उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सहारनपुर, मुरादाबाद, रामपुर और लखनऊ जिलों से नमाज के बाद नारेबाजी की सूचना मिली थी. उन्होंने कहा कि सहारनपुर, मुरादाबाद और रामपुर में जुमे की नमाज के बाद लोगों ने सड़कों पर नारेबाजी की थी. पुलिस के मुताबिक लखनऊ के चौक इलाके में स्थित टीले वाली वाली मस्जिद के अंदर भी कुछ देर के लिए नारेबाजी हुई थी.

सहारनपुर से मिली सूचना के अनुसार नमाज के बाद कुछ लोगों ने हाथों मे तख्तियां लेकर नारेबाजी की थी. पुलिस ने बताया कि नेहरू बाजार इलाके में कुछ लोगों ने पुलिस पर पथराव कर दिया, जबकि देवबंद में भी नमाज के बाद मदरसे के कुछ छात्रों ने पोस्टर-बैनर लेकर नारेबाजी की थी. बीते तीन जून को जुमे की नमाज के बाद कानपुर के कुछ हिस्सों में हिंसा भड़क गई थी क्योंकि दो समुदायों के सदस्यों ने एक टीवी बहस के दौरान भाजपा की तत्कालीन प्रवक्ता नुपुर शर्मा द्वारा पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ कथित रूप से विवादित टिप्पणी के विरोध में दुकानों को बंद कराने का प्रयास किया था और इस दौरान ईंट-पत्थर फेंके गये थे.(भाषा) 

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