VIDEO: गहलोत सरकार का Soft हिंदुत्व ! देवस्थान विभाग ने की अनूठी पहल

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/06/21 12:05

जयपुर: बीजेपी के हिन्दुत्व पर चोट करने के लिये गहलोत सरकार सॉफ्ट हिन्दुत्व की ओर आगे बढ़ रही है. देवस्थान महकमे की नई नीति से ऐसा ही लगता है. देवस्थान विभाग नेपाल के प्रसिद्ध पशुपतिनाथ के मंदिर तक राजस्थानियों को यात्रा करायेगा. गिरिराज मंदिर को जोड़ने के लिये पर्यटन सर्किट तैयार किया गया है. कैबिनेट मंत्री विश्वेन्द्र सिंह ने कहा कि बीजेपी भले ही हिन्दुत्व का चोला ओढ़े, कांग्रेस सरकार सर्वधर्म सद्भाव को मानने वाली पार्टी है, हिन्दुत्व के नाम पर वोटों की फसल काटने में यकीन नहीं रखती, मैं भी हिन्दू ही हूं. 

बीजेपी का देश व्यापी ग्राफ बढ़ा
राष्ट्रवाद और हिन्दुत्व की के विचार को राजनीतिक तौर पर बीजेपी और आर एस एस से जोड़ कर देखा जाता है. पिछले कुछ सालों में इन दो मुद्दों के कारण बीजेपी का देश व्यापी ग्राफ बढ़ा, फिर से देश में सरकार बनी और राज्यों में बीजेपी की सरकारों का निर्माण हुआ. राष्ट्रवाद और हिन्दुत्व की विचारधाराओं के कारण ही बीजेपी को जोरदार सियासी पोषण मिला और कांग्रेस को भारी नुकसान उठाना पड़ा. कांग्रेस पर मुस्लिम तुष्टिकरण के गंभीर आरोप लगे. चुनाव दर चुनाव कांग्रेस पार्टी धीरे धीरे अपना ग्राफ कमजोर करती गई. अब कांग्रेस के अंदर गलतियों से सबक लेते हुये शायद नवीन राजनीतिक विचारधारा पर चलने की सोची जा रही है. SOFT हिन्दुत्व का विचार इसी में से एक है जिसके जरिये बीजेपी को उनके हिन्दुत्व के विचारों पर भेदा जा सके. यहीं कारण है कि राजस्थान की सरकार यहां के तीर्थयात्रियों को दूसरे देश नेपाल के पशुपति नाथ महादेव के मंदिरों के लिये भेजेगी. तीर्थयात्रियों को सब्सिडी के जरिये देवस्थान महकमा नेपाल की तीर्थयात्रा करायेगा. मकसद यहीं है कि जो काम बीजेपी की सरकार ने हिन्दुओं के लिये नहीं किया वो काम कांग्रेस की सरकार करें. विश्वेन्द्र सिंह ने देवस्थान महकमें के जरिये अनूठी पहल की है. 

राजस्थान के हिन्दुओं के लिये नेपाल जाना आसान नहीं 
नेपाल में प्रसिद्ध पशुपतिनाथ महादेव का मंदिर स्थापित है. ये पूरी दुनिया के हिन्दुओं के लिये आस्था का केन्द्र माना जाता है. राजस्थान के हिन्दुओं के लिये नेपाल जाना आसान नहीं है खासतौर पर गरीब-मध्यमवर्गीय हिन्दू परिवारों के लिये. देवस्थान विभाग अपने नये प्रयोग के लिये इन हिन्दुओं को बाकायदा पशुपति नाथ मंदिर तक हवाई यात्रा तक करायेगा. इतना नहीं गिरिराज मंदिर, वृदांवन, मथुरा को पर्यटन सर्किट में लाकर भी देवस्थान विभाग पूरी यात्रा करायेगा. हिन्दु आस्था केन्द्रों तक तीर्थयात्रियों को ले जाना और एक सियासी संदेश पहुंचाना यह एक बड़ा मकसद है.

बीजेपी की नीतियों पर चोट करने की पहल
भरतपुर को महाराजा सूरजमल के लिये जाना जाता है. वीर शिरोमणि महाराजा सूरजमल ने विदेशी आक्रांताओं से लोहा लिया और नाकों चने चबाने पर मजबूर कर दिया. हिन्दू धर्म में उन्होंने प्रात स्मरणीय माना जाता है. राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और बीजेपी के आयोजनों में महाराजा सूरजमल की वीरता के गीत गाये जाते है. यह संयोग है कि राजस्थान की कांग्रेस सरकार में देवस्थान और पर्यटन विभाग के मंत्री के तौर पर आसीन विश्वेन्द्र सिंह वहीं व्यक्ति है जिनका ताल्लुक भरतपुर के महाराजा सूरजमल से है, सूरजमल के वारिस के तौर पर वे भरतपुर के पूर्व महाराजा है. यहीं कारण है कि राष्ट्रवाद और हिन्दुत्व की बात करते उन्होंने देवस्थान और पर्यटन में नये हिन्दू तीर्थ स्थल सर्किट घोषित किये है. गहलोत सरकार की यह नीति संभव है बीजेपी की नीतियों पर चोट करने की हो लेकिन पर्दे के पीछे मकसद एक ही है बहुसंख्यक हिन्दुओं का दिल जीतना.

...फर्स्ट इंडिया के लिये निर्मल तिवारी के साथ योगेश शर्मा की रिपोर्ट 

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