सोलर ऊर्जा संयंत्रों ने बढ़ाई किसानों की परेशानी, शिकायत दर्ज होने के बाद भी समाधान नहीं 

Suryaveer Singh Tanwar Published Date 2020/01/07 15:44

जैसलमेर: सूरज की तीक्ष्ण किरणों का उपयोग कर उसे वरदान बनाने वाले सोलर ऊर्जा संयंत्रों ने किसानों की परेशानी को बढ़ा दिया है. पूरे जिले में 1650 सोलर ऊर्जा प्लांट लगे हैं. इनमें से 800 से ज्यादा खराब हैं, लेकिन मजेदार बात ताे यह है कि संपर्क पोर्टल पर सिर्फ 8 साेलर प्लांट खराब रहने की शिकायत दर्ज है. 

सब्सिडी हुई कम:
दरअसल सरकार द्वारा किसानों की सुविधा व बिजली बचाने के उद्देश्य को लेकर सोलर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने पर पहले 30 से 75 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जाती थी, लेकिन इस साल सरकार ने किसानों को 60 प्रतिशत सब्सिडी देने का प्रावधान रखा है. पहले जिले के किसानों को सोलर ऊर्जा के प्रति संशय होने की स्थिति में सोलर ऊर्जा का संयंत्र स्थापित नहीं करवा रहे थे, लेकिन उसके बाद सोलर ऊर्जा पर भी विश्वास कायम होने के बाद किसानों ने कनेक्शन करवा दिया. अब खराब सोलर ऊर्जा संयंत्र की मरम्मत नहीं हाेने से किसान परेशान है.  

उद्यान विभाग काे लक्ष्य आवंटित:
राज्य सरकार द्वारा किसानों से सोलर ऊर्जा संयंत्रों का उपयोग करवाने के लिए इसमें सब्सिडी देते हुए उद्यान विभाग काे लक्ष्य आवंटित किए. इसके बाद किसानों ने भी जैसलमेर में पड़ने वाली तेज धूप का उपयोग लेने के लिए सोलर ऊर्जा संयंत्र अपने खेतों में लगवा दिए. लेकिन अब वहीं सोलर ऊर्जा संयंत्र किसानों के लिए परेशानी का कारण बनने के साथ ही आर्थिक नुकसान दे रहे है. अधिकांश सोलर ऊर्जा संयंत्र खराब हो गए है. हालांकि सरकार द्वारा इसके लिए सर्विस सेंटर खुलवाकर संबंधित कंपनियों से उन्हें मरम्मत करवाने की व्यवस्था की गई है, लेकिन अब कंपनियों द्वारा खराब सोलर ऊर्जा संयंत्रों की तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा है. 

अब सोलर का काम केंद्र सरकार के पास:
गौरतलब है कि पहले राज्य सरकार द्वारा विभिन्न कंपनियों से अनुबंध कर सोलर ऊर्जा संयंत्र लगाने के आदेश जारी किए गए थे. जिसमें तीन अलग अलग प्रकार से सरकार द्वारा अनुदान दिया जाता था. जिस पर किसानों ने सोलर ऊर्जा संयंत्र लगवा दिए, लेकिन अब सोलर का काम केंद्र सरकार के पास चला गया है. जिससे अब केंद्र सरकार की कंपनियों से अनुबंध कर नए सोलर प्लांट लगवाएगी. इससे ही पुरानी सोलर कंपनियों ने अपने सर्विस सेंटर पर खराब सौर ऊर्जा संयंत्रों की मरम्मत का काम बंद कर दिया है. जिससे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. जैसलमेर की तेज धूप का फायदा सौर ऊर्जा के माध्यम से उठाने के लिए अब किसान जागरूक हो गए है. जैसलमेर में लगभग 1650 सोलर ऊर्जा के प्लांट लगे हुए है. वहीं 2200 आवेदन ऑनलाइन पड़े है. पंचायत चुनाव की आचार संहिता हटने के साथ ही नए सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्वीकृति मिलने की संभावना है. 

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