कुछ विभागों का 'मेमारी लॉस' पर्यटन निगम पर पड़ रहा भारी

Nirmal Tiwari Published Date 2019/01/11 04:26

जयपुर। पर्यटन निगम की हालात दिनो दिन बिगड़ती जा रही है। दूसरे विभागों द्वारा पर्यटन निगम की बकाया न चुकाने से भी पर्यटन निगम रिवाईवल प्लान नहीं बना पा रहा है और प्रबंधन की नाकामी से सरकार तक पुनरुद्धार के प्रयास भी गति नहीं पकड़ पा रहे हैं। चलिए आपको वेतन को जूझ रहे पर्यटन निगम की मार्मिक कहानी से रू-ब-रू कराते हैं जो मालदार तो है पर उसका 'माल' दूसरों के कब्जे में है: 

- बहरोड़ मिडवे भूअधिग्रहण के 2.50 करोड़ बकाया
- एलआरजीपी स्कीम के तहत 3.57 करोड़ बकाया
- सवाईमाधोपुर में पर्यटन के पेटे पर्यटन विभाग पर 88 लाख बकाया
- पर्यटन विभाग के खिलाफ निर्माण के पेटे 50 लाख बकाया
- पर्यटन विभाग के कर्मचारियों को 6 लाख अग्रिम के बकाया
- यूथ हॉस्टल के हस्तांतरण के पेटे 43 लाख रुपए बकाया
- पर्यटन निगम अध्यक्ष के वेतन पेटे 50 लाख बकाया
- सीबीआई को विनायक होटल में कक्ष के पेटे 25 लाख बकाया
- राजस्थान दिवस में तैयारियों के पेटे 35 लाख बकाया
- जीएडी के विरुद्ध 1.60 करोड़ बकाया
- होटल निगम पर बीयर ट्रेड के पेटे 73 लाख बकाया
- आरवीपीएन के विरुद्ध 8 लाख रुपए बकाया

कुछ विभागों का 'मेमारी लॉस' पर्यटन निगम पर भारी पड़ रहा है। हालांकि पर्यटन निगम इसे मैमोरी लॉस कम और 'बदनीयती' ज्यादा मान रहा है। पर्यटन विभाग, सामान्य प्रशासन विभाग, विद्युत प्रसारण निगम, होटल निगम राज्य एवं केंद्र सरकार के विरुद्ध पर्यटन विभाग के साढ़े ग्यारह करोड़ रुपए से बकाया चल रहे हैं। बड़ी बता यह है कि यह मूल राशि है और इस पर ब्याज की गणना की जाए तो यह 20 करोड़ से ज्यादा पहुंचती है। लेकिन संबंधित विभाग तमाम विभागों को कई बार इस मामले में पत्र भेज चुके हैं लेकिन विभाग हैं कि पर्यटन निगम की गाढ़ी कमाई के पैसे को वापस करने को तैयार नहीं। 

पर्यटन निगम के कर्मचारियों का आरोप है कि विभिन्न मदों में बकाया राशि को वसूलने के प्रबंधन की ओर से कोई प्रयास नहीं हो रहे। मुख्य सचिवस्तर की समीक्षा के दोरान भी अधिकारियों ने बकाया को लेकर कोई जानकारी नहीं दी और न ही मांग को प्रस्तुत किया। उधर कर्मचारियों को हर महीने नियमित वेतन नहीं मिल पा रहा। पर्यटन निगम के लेखों को निजी हाथों में सौंप दिया गया, जबकि बकाया वसूली कर ली जाए तो 600 कर्मचारियों को 3 महीने का वेतन एक साथ दिया जा सकेगा और इकाइयों में मरम्मत व रखरखाव कार्य भी कराया जा सकेगा। पर्यटन निगम की दो दर्जन से ज्यादा इकाइयां पहले से बंद हैं और 15 इकाइयों को पिछले वर्ष बंद कर दिया गया था। अब चूंकि प्रदेश में सरकार बदल गई है ऐसे में उम्मीद की जानी चाहिए कि नई सरकार पर्यटन निगम का रिवाइवल प्लान तो लाएगी साथ ही साथ जिन विभागों पर पर्यटन निगम का बकाया है उसकी वसूली भी हो सकेगी।
 

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