कुछ ऐसा है ओम बिरला का सियासी सफर, छात्र नेता से ऐसे पहुंचे लोकसभा स्पीकर तक

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/06/18 04:20

जयपुर: मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के लिए लोकसभा स्पीकर का ऐलान कर दिया गया है. सूत्रों के मुताबिक राजस्थान के कोटा-बूंदी लोकसभा क्षेत्र से बीजेपी सांसद ओम बिड़ला लोकसभा स्पीकर पद के उम्मीदवार होंगे. बिरला ने इसके लिए नॉमिनेशन फॉर्म पर हस्ताक्षर कर दिए हैं. बीजेपी नेता ओम बिरला ने हाल ही में हुए लोकसभा चुनावों में कोटा में कांग्रेस उम्मीदवार रामनारायण मीणा को हराया था. उन्होंने रामनारायण मीणा को 2.5 लाख से भी ज्यादा वोटों शिकस्त दी थी. ओम बिरला का जन्म 4 दिसंबर 1962 को कोटो में हुआ था. बिरला कोटा से दूसरी बार सांसद चुने गए हैं.

ओम बिरला के राजनीतिक सफर की शुरुआत 
ओम बिरला के राजनीतिक सफर की शुरुआत 1978 में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय गुमानपुरा, कोटा से हुई. बिरला यहां छात्रसंघ अध्यक्ष रहे. छात्र राजनीति के बाद बिरला भारतीय युवा मोर्चा, कोटा के जिलाध्यक्ष बनाए गए. इतना ही नहीं उन्हें इसके बाद भारतीय जनता युवा मोर्चा, राजस्थान का प्रदेशाध्यक्ष बनाया गया. उन्होंने लगातार 6 साल तक प्रदेशाध्यक्ष के पद पर कार्य किया था. ओम बिरला अखिल भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रह चुके हैं. 

3 बार विधायक, दूसरी बार संसद
ओम बिरला कोटा दक्षिण सीट से 3 बार जीत कर विधायक चुने जा चुके है. 2003 में जब वसुंधरा राजे की अगुआई में राज्य में बीजेपी की सरकार बनी तो उन्हें संसदीय सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई. इसके बाद 2008 में वह एक बार फिर विधायक निर्वाचित हुए. 2013 में लगातार तीसरी बार ओम बिड़ला विधानसभा की चौखट पार करने में कामयाब रहे. इसके बाद अगले साल आम चुनाव में उन्हें बीजेपी ने कोटा-बूंदी संसदीय सीट से अपना उम्मीदवार बनाया और वह पहली बार सांसद बने. उसके बाद इस बार  अनुभवी नेता ओम बिड़ला कोटा से दूसरी बार लोकसभा का चुनाव जीतकर संसद पहुंचे हैं. बिड़ला ने अब तक 5 चुनाव लड़े हैं और पांचों ही जीते हैं.

बिरला में युवाओं को साथ लेकर चलने की खासियत 
अगर लोगों की माने तो ओम बिरला में युवाओं को साथ लेकर चलने की खासियत है. वह स्थानीय युवाओं में आसानी से घुल-मिल जाते हैं. इसके साथ ही उनकी खेलकूद जैसी गतिविधियों में भी उनकी काफी दिलचस्पी है. युवाओं के बीच पैठ होने की एक वजह उनके छात्र राजनीति वाले बैकग्राउंड को भी माना जाता है. 

बिरला की छवि कुशल संगठनकर्ता की रही 
ओम बिरला बीजेपी का गढ़ माने जाने वाले हाड़ौती क्षेत्र से आते हैं. बिरला की छवि कुशल संगठनकर्ता की रही है. भारतीय जनता युवा मोर्चा में काम करते हुए उनके पास संगठन का अच्छा अनुभव रहा है. वह कोटा भारतीय जनता युवा मोर्चा के 4 साल तक जिलाध्यक्ष रहे. इसके बाद उन्हें प्रमोट करते हुए राजस्थान भारतीय जनता युवा मोर्चा का अध्यक्ष बनाया गया. वह 6 साल तक इस पद पर रहे. इसके साथ ही बिड़ला लगातार 6 साल तक भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी रहे. हाड़ौती इलाके में उनका बूथ मैनेजमेंट जबर्दस्त रहा है. 2018 के विधानसभा चुनाव में राजस्थान में सत्ता विरोधी लहर के बावजूद कोटा दक्षिण सीट पर बीजेपी जीत हासिल करने में कामयाब रही. 


 

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