सर्विस वोटर्स मताधिकार के लिए भारत निर्वाचन आयोग में विशेष व्यवस्था

Dr. Rituraj Sharma Published Date 2018/11/13 01:28

जयपुर। राज्य के 1 लाख 53 हजार से ज्यादा सर्विस वोटर्स अपने मताधिकार से वंचित न रहें । इसके लिए भारत निर्वाचन आयोग में विशेष व्यवस्था की है इसके तहत जहां पहली बार ईटीपीबीएस पद्धति से उनके पास पोस्टल बेलट पहुंचाया जा रहा है तो वहीं उनके पोस्टल बैलट में बंद मत जल्दी पहुंचे यह भी सुनिश्चित किया गया है। 

माइनस 50 डिग्री में बर्फबारी के बीच डटे सेना के जवान हों या भरी गर्मी में 50 डिग्री तापमान में मरुस्थल में तैनात सेना के कर्मचारी । समुद्र के रास्ते आने वाली हर मुसीबत का सामना करने में तत्पर नौसेना हो या आसमानी बुलंदियों को छूते फाइटर पायलट... । ये सारे देश की रक्षा में जी जान से जुटे हैं लेकिन देश में लोकतंत्र के महापर्व में भागीदार नहीं बन पाते। इसका कारण है कि जहां यह मतदाता के रूप में पंजीकृत हैं वहां जाकर वोटिंग नहीं कर सकते

कौन कहलाते हैं सर्विस वोटर्स 
-जो व्यक्ति भारतीय सेना भारतीय वायु सेना जल सेना मैं है।

- जो व्यक्ति आर्मी एक्ट के तहत केंद्रीय बल में है या स्टेट आर्म्ड पुलिस फोर्सेस का सदस्य  है और अपने राज्य से बाहर पद स्थापित है।

 -जो व्यक्ति भारत सरकार की सेवा में विदेश में पद स्थापित है, वह सर्विस वोटर कहलाता है।

-साथ ही निर्वाचन ड्यूटी में नियुक्त मतदाता निवारण निरोध के अध्याधीन मतदाता या अधिसूचित मतदाता भी सर्विस वोटर कहलाते हैं। अधिसूचित मतदाता फिलहाल राजस्थान में नहीं है।

- सर्विस वोटर की पत्नी उसके पोस्टिंग वाले स्थान में रहती हो तो वह अपने साथ अपनी पत्नी को भी सर्विस वोटर के रूप में पंजीकृत कर सकता है ।

 -इसके लिए भारत निर्वाचन आयोग ने यह विशेष व्यवस्था की है

सर्विस वोटर्स के लिए रजिस्ट्रेशन कैसे होगा www.सर्विस वोटर्स nic.in
पर लॉगइन करके फॉर्म नंबर 2 डाउनलोड करके भरना होगा।
 फॉर्म नंबर 2 a स्टेट आर्म्ड फोर्सेस के लिए है।

- फॉर्म नंबर 3 विदेश में पोस्टेड व्यक्ति के लिए है।

-इसके साथ स्व घोषणा पत्र भरना होगा जिसमें यह प्रमाणित करना होगा कि व्यक्ति उस क्षेत्र से दूर पद स्थापित है जहां उसका वोटर के रूप में नाम पंजीकृत हैं।

-इसी घोषणापत्र में उसे यह घोषणा भी करनी होगी कि उसके पद स्थापित क्षेत्र में उसके साथ पत्नी भी है और उसे भी सर्विस वोटर के रूप में पंजीकृत किया जाए।

- फॉर्म भरकर रिकॉर्ड ऑफिसर या यूनिट ऑफिसर को सबमिट करना होगा।

-फॉर्म 13 ए के जरिए प्रोक्सी वॉटर को भी पंजीकृत करवाया जा सकता है।

सर्विस वोटर इसके जरिए अपनी जगह दूसरे को वोट देने के लिए अधिकृत कर सकता है
इसके लिए फॉर्म भर कर अटेस्टेड करवाना होगा और प्रोक्सी को भेजना होगा।

-प्रोक्सी नोटरी या प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट के पास जाकर उस पर हस्ताक्षर करेगा और फॉर्म रिटर्निंग अधिकारी को भेज देगा।

- खुद सर्विस वोटर भी प्रॉक्सी के साथ मजिस्ट्रेट के पास जाकर हस्ताक्षर कर सकता है।
 -यह फॉर्म नामांकन की अंतिम तिथि से पहले रिटर्निंग अधिकारी के पास पहुंचना चाहिए हालांकि इसमें यह ध्यान रखना होगा कि प्रोक्सी वॉटर उस व्यक्ति के निर्वाचन क्षेत्र का ही होना चाहिए और वह मतदान के लिए योग्य होना चाहिए।

- यदि जवान पीस स्टेशन पर पोस्टेड हुआ तो वह जनरल वोटर के रूप में पंजीकृत हो सकता है।

- आयोग डाक के जरिए सेना के ऑफिसेज में पोस्टल बैलट भेजता है जिसके साथ  13a 13b और 13c लिफाफे होते हैं।

पोस्टल बैलट से कैसे करें वोटिंग
-पोस्टल बैलट में जिस भी प्रत्याशी को सर्विस वोटर वोट देना चाहता है उसके नाम के आगे सही का निशान लगा सकता है। 

-एक से ज्यादा प्रत्याशी के नाम के आगे सही का निशान लगाए जाने या किसी अन्य कॉलम में निशान पाए जाने पर वोट रद्द हो सकता है।

-सही का निशान लगाने के बाद बैलट पेपर को आधा मोड़ कर वापस लिफाफे में रखा जाता है।

- 13a स्व घोषणा पत्र होता है जिसे भरकर कमांडिंग ऑफिसर की ओर से अटेस्टेड करवाना होता है।

-अब बैलट पेपर और घोषणा पत्र छोटे लिफाफे के साथ बड़े लिफाफे में डाल कर भेजना होता है।

- जैसे ही बैलट पेपर मिले वैसे ही भर कर भेजा जाना चाहिए जिससे रिटर्निंग अधिकारी को सही समय पर यह मिल सके। -अब पोस्टल बैलट को इलेक्ट्रॉनिकली भेजा जा रहा है जिससे डाक से आने में जो समय लगता है वह समय बच जाएगा।

- इसे डाउनलोड करने के लिए रिकॉर्ड ऑफीसर या यूनिट ऑफिसर या कमांडिंग ऑफिसर से वन टाइम पासवर्ड लेना होगा। जिसे डालकर फॉर्म डाउनलोड किया जा सकता है।

- यह फॉर्म इंक्रिप्टेड होने के चलते इससे ना तो कॉपी किया जा सकता है और न इससे छेड़छाड़ की जा सकती है।

- इसके साथ दो स्टिकर भी होते हैं एक स्टिकर 13 b पर और एक स्टीकर 13 c फॉर्म पर चिपकाने होंगे।

-दरअसल जो सर्विस वोटर का वोट आरओ को मिला है उसका प्रिंट निकालकर या अन्य तरह से डुप्लीकेसी न हो इसके लिए हर सर्विस वोटर के वोट के साथ QR कोड जनरेट होगा

-मतगणना के समय यह मिलान किया जाएगा कि वोट के साथ जो QR कोड जनरेट किया है वह एक ही है या नहीं। यदि डुप्लीकेसी पाई गई तो वोट रद्द हो जाएगा।

ई पोस्टल बैलट की डाउनलोडिंग शुरू करने की तारीख व समय 23 नवंबर दोपहर 3:00 बजे बाद 
ई पोस्टल बैलट डाउनलोडिंग समाप्ति की तिथि व समय 30 नवंबर रात 11:59 बजे

मतदान 7 दिसंबर 
ई पोस्टल बैलट रिटर्निंग अधिकारी कार्यालय तक पहुंचने की कट ऑफ तिथि व समय
 11 दिसंबर सुबह 7.59 बजे

दरअसल पोस्टल बैलट अभ्यर्थियों के चुनाव मैदान में बचने पर निर्भर है ऐसे में नाम वापसी की अंतिम तिथि के बाद से ही डाउनलोडिंग व अन्य प्रक्रिया शुरू होंगी।
  

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