अजय माकन के राजसमन्द दौरे से जुड़े खास तथ्य, घर-घर जाकर मनाया नाराज नेताओं को

अजय माकन के राजसमन्द दौरे से जुड़े खास तथ्य, घर-घर जाकर मनाया नाराज नेताओं को

अजय माकन के राजसमन्द दौरे से जुड़े खास तथ्य, घर-घर जाकर मनाया नाराज नेताओं को

जयपुर: प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी अजय माकन का राजसमंद का दूसरे चरण का चुनावी दौरा गुरुवार को समाप्त हो गया. माकन ने 3 दिनों तक राजसमन्द में रुक कर चुनावी निचोड़ प्राप्त किया. राजसमंद विधानसभा क्षेत्र के तकरीबन 340 बूथों की रणनीति पर उनका फोकस रहा. लेकिन सबसे खास काम उनका रहा उन नाराज नेताओ को मनाना जो टिकट चाह रहे थे लेकिन उन्हें मिल नहीं पाया था, इन्हें मनाने के लिए माकन खुद इनके घरों पर गए.

राजस्थान के प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी अजय माकन के लिए तीन उपचुनाव बेहद खास है. प्रभारी बनने के बाद उनके सामने यह सबसे बड़ा टास्क है. सफलता कांग्रेस पार्टी को मिले इसके लिए जमा करने राजसमंद की चुनावी रणनीति से शुरुआत की 3 दिनों तक माकन ने राजसमंद की चुनावी रणनीति को समझा और कार्यकर्ताओं के बीच जीत का मंत्र फूंका. इस दौरान माकन ने दर्जनभर से अधिक महत्वपूर्ण बैठकें की मंत्री प्रमोद जैन भाया और संगठन चुनाव प्रभारी पुष्पेंद्र भारद्वाज को उन्होंने चुनाव के मोर्चे पर डटे रहने को कहा. आइए आपको बताते हैं अजय माकन के तीन दिवसीय राजसमंद के चुनावी दौरे से जुड़े खास तथ्य...
- अजय माकन ने 340 बूथों की संरचना को बारीकी से जाना और हर बूथ से आए 5-5 कार्यकर्ताओं की बैठके ली. 
- माकन ने इन कार्यकर्ताओं से जातीय समीकरणों को जाना साथ ही गहलोत सरकार की उपलब्धियों को लेकर उन्हें जानकारी दी और कहा कि आम जन के बीच इन्हें पहुंचाने का काम भी करे. 
- माकन ने इन कार्यकर्ताओं से कहा कि मतदान के दिन बूथ पर कार्यकर्ता की भूमिका अहम होती है, कांग्रेस विचारधारा के वोट अधिक से अधिक मतपेटी में डले, इसे लेकर रणनीति को अमलीजामा समय रहते पहनाया जाए. 
- माकन का दूसरा सबसे बड़ा टास्क था उन नाराज नेताओं को मनाना जो राजसमंद से चुनाव लड़ना चाहते थे, लेकिन इन्हें नहीं मिल पाया था, करीब 2 दर्जन से अधिक नेताओं ने राजसमंद से टिकट चाहा था, लेकिन प्रत्याशी उसे बनाया गया जिसकी पृष्ठभूमि कांग्रेस की कभी नहीं रही, खटास इसी बात को लेकर कुछ नेताओं के मन में थी.  
- अजय माकन ने इनकी नाराजगी को दूर करने के लिए हर संभव प्रयास किए वे नारायण सिंह भाटी के घर गए.  
- माकन ने मंत्री प्रमोद जैन भाया और चुनाव प्रभारी पुष्पेंद्र भारद्वाज को भी नाराज चल रहे नेताओं के घर पर भेजा.
- नाराज चल रहे नेताओं को कांग्रेस के पक्ष में लाने का महत्वपूर्ण काम किया. 
- अजय माकन ने असंतुष्ट कांग्रेसी नेताओं से कहा सत्ता और संगठन में उन्हें उचित भागीदारी मिलेगी. 
- अजय माकन ने बैठकों के दौर में टीम पुष्पेंद्र के 100 कार्यकर्ताओं की अलग से बैठक की जो जयपुर के सांगानेर से राजसमंद आए हुए हैं. 
- अलग-अलग क्षेत्रों में तैनात इन कार्यकर्ताओं से माकन ने विस्तृत फीडबैक लिया और उन्हें जरूरी दिशा निर्देश दिए. 
- चुनाव प्रचार प्रसार, सोशल मीडिया और विपक्षी दल क्या कर रहा है इन तमाम महत्वपूर्ण चुनावी तथ्यों पर माकन की चुनावी कोर ग्रुप के साथ मंत्रणा हुई. 
- अजय माकन ने राजसमंद का चुनावी निचोड़ प्राप्त करने के बाद वहां की जनता से यही आह्वान किया कि ढाई साल कांग्रेस के प्रत्याशी को दीजिए फिर देखिए विकास.

अजय माकन का मेवाड़ के राजसमंद का दौरा धार्मिक नजरिए से भी बेहद अहम रहा. राजसमंद आए और अगर वह द्वारकाधीश मंदिर नहीं जाए तो ऐसा हो नहीं सकता अजय माकन ने कांकरोली के द्वारकाधीश मंदिर में जाकर दर्शन किए, द्वारकाधीश के प्रति राजसमंद और कांकरोली की जनता की अगाध श्रद्धा और आस्था है, इतना ही नहीं नाथद्वारा में उन्होंने श्रीनाथ जी के दर्शन किए और देश प्रदेश में अमन चैन की कामना की. मेवाड़ के आराध्य एकलिंग जी के दरबार में भी वह जाना नहीं भूले उन्होंने एकलिंग महादेव के के दर्शन किए. राजसमंद के चुनावी सफ़र पर रहते हुए कई मौके ऐसे भी रहे जब अजय माकन को सत्ता और संगठन के मुखिया से बात करनी पड़ी. उन्होंने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से भी बात की तो प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के साथ टेलीफोनिक चर्चा की, नामांकन रैली के बाद माकन दूसरी बार आए थे, अब उनका अगला चुनावी टास्क है सहाड़ा विधानसभा क्षेत्र. 

...फर्स्ट इंडिया के लिए योगेश शर्मा की रिपोर्ट

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