रेलवे इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास को लेकर बजट में खास फोकस

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/07/06 05:22

जयपुर: आम बजट पेश हो चुका है और इसमें केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नए भारत की तस्वीर पेश की है. रेल या हवाई परिवहन के लिहाज से बात करें तो इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास पर खास जोर दिया गया है. रेलवे नेटवर्क को मजबूत करने के साथ ही सुरक्षित रेल यातायात की बात कही गई है. किस तरह के बदलाव की दिशा दिखाई गई है बजट में, देखिए इस रिपोर्ट में-

स्टेशन रिडवलपमेंट प्रोग्राम को बढ़ाएगा रेलवे:
रेलवे इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास को लेकर बजट में खास फोकस दिखाया गया हे. इसके तहत अगले 12 साल में रेलवे नेटवर्क को बेहतर करने के लिए और पूर्व में हुई घोषणाओं को अमलीजामा पहनाने के लिए बड़े फंड की जरूरत है. देश में रेलवे इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए 50 लाख करोड़ के निवेश की आवश्यकता है. इसके लिए केन्द्र सरकार ने पीपीपी मॉडल को अपनाने की बात कही है. सरकारी और निजी भागीदारी से ही रेलवे के विकास के प्रोजेक्ट्स को पूरा किया जाना संभव है. रेलवे प्रशासन को हर वर्ष 1.5 से 1.6 लाख करोड़ रुपए की आवश्यकता है. पटरियों के नेटवर्क को मजबूत करने, ऐसे हिस्से जहां पर अभी रेल यातायात नहीं है, वहां पटरियां बिछाने, ट्रेन संचालन के लिए नए कोच तैयार करने और मालभाड़े के परिवहन के लिए निजी कम्पनियों की भागीदारी की जरूरत है. रेलवे प्रशासन पूर्व में स्टेशनों के विकास के लिए पीपीपी माॅडल अपनाने की बात कह चुका है. इसमें पहले चरण में उदयपुर स्टेशन को लिए जाने की प्रक्रिया शुरू की गई थी. हालांकि यह योजना पूरी तरह से धरातल पर नहीं उतर सकी थी. लेकिन अब बजट घोषणा के आधार पर रेल मंत्रालय इसके लिए प्रतिबद्ध दिख रहा है. 

क्या होंगे नए बदलाव:
—डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर महत्वपूर्ण हैं, इन्हें बढ़ावा देने की जरूरत है
—इससे मालगाड़ियों के लिए अलग कॉरिडाेर होगा, यात्री ट्रेनों की पंक्चुअलिटी बढ़ेगी
—देश में 12 साल में इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए 50 लाख करोड़ की जरूरत
—प्रदेश के प्रोजेक्ट्स के लिए करीब 10 हजार करोड़ रुपए की जरूरत
—रेलवे विद्युतीकरण के प्रोजेक्ट्स के लिए करीब 3129 करोड़ रुपए की जरूरत
—प्रदेश में 3156 किमी रेल लाइनों का किया जाना है विद्युतीकरण, 17 रेलखंड पिछले साल स्वीकृत हुए
—सिग्नलिंग प्रणाली में आधुनिकीकरण से ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी, यातायात सुरक्षित होगा
—रेपिड रेल ट्रांजिट कॉरिडोर विकसित होंगे, जिससे नगरीय व उप नगरीय परिवहन बेहतर होगा

एविएशन क्षेत्र में एयरक्राफ्ट मेंटीनेंस, लीजिंग कार्य होंगे:
हवाई सेवाओं के परिवहन पर भी बजट में खास जोर दिया गया है. इसके तहत अब एविएशन सेक्टर का मुख्य हब बनाने का काम किया जाएगा. एयरक्राफ्ट फाइनेंसिंग और लीजिंग एक्टिविटीज को बढ़ावा दिया जाएगा. उड्डयन उद्योग में न केवल विमानन कंपनियों में एफडीआई को बढ़ावा देने पर जाेर दिया गया है, साथ ही विमानों के रखरखाव, रिपेयर, ओवरहॉलिंग सम्बंधी सभी कामकाज भारत में कराए जाएंगे. इससे देश में युवाओं को रोजगार मिलेंगे और भारत की इंजीनियरिंग क्षमताओं का पूरा दोहन हो सकेगा. देश से बड़ी संख्या में इंजीनियर्स का विदेशों में होने वाला पलायन रुकेगा. इसी दिशा में विमानों के इंजन खरीद, टायर खरीद, सीट खरीद जैसे विभिन्न उपकरणों की खरीद पर जीएसटी 28 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दिया गया है. केन्द्र सरकार का मानना है कि इन्हीं प्रोत्साहन वाली गतिविधियों से रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम को भी बढ़ावा मिलेगा. जिससे देश के बड़े और छोटे शहराें के बीच फ्लाइट शुरू होंगी. प्रदेश की बात करें तो फिलहाल कोटा और बाड़मेर के उत्तरलाई से जल्द ही बड़े शहरों के लिए उडान योजना के तहत फ्लाइट शुरू होंगी. कुलमिलाकर बजट में रेल और हवाई यातायात के इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर जोर दिया गया है, जिससे आने वाले समय में रेल और हवाई यातायात सुरक्षित और बेहतर हो सके. 

... संवाददाता काशीराम चौधरी की रिपोर्ट 

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