VIDEO: चुनाव आयोग की खास तैयारियां, अहम नवाचार जो किए जा रहे हैं पहली बार

Dr. Rituraj Sharma Published Date 2019/04/13 09:28

जयपुर। लोकसभा चुनाव की लोकतांत्रिक प्रक्रिया में आम लोगों की भागीदारी ज्यादा से ज्यादा सुनिश्चित करने के लिए निर्वाचन विभाग नित नए नवाचारों में जुटा है। इनके जरिये जहां मतदाता के सभी तबकों को जोड़ने की कोशिश की गई है तो वहीं ज्यादातर प्रक्रियाओं को ऑनलाइन करके काम को आसान भी बनाया है। लोकसभा चुनाव में पहली बार आजमाए जा रहे इन नुस्खों को लेकर पेश है एक खास रिपोर्ट:

लोकतंत्र के महापर्व चुनाव में ज्यादा से ज्यादा भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर निर्वाचन विभाग ने खास इंतजाम किए हैं। इसके तहत किए गए नवाचारों में दिव्यांगों, महिलाओं पर फोकस करके आम मतदाताओं के लिए नई सुविधाएं जुटाई हैं। 

लोकसभा चुनाव में ये अहम नवाचार किए जा रहे हैं पहली बार:

सारे पोलिंग स्टेशन्स पर वीवीपेट का होगा उपयोग:
राजस्थान में पहली बार राज्य के 25 लोकसभा क्षेत्रों के 200 विधानसभा क्षेत्रों के 51 हजार 796 मतदान केन्द्रों पर ईवीएम के साथ VVPAT का इस्तेमाल किया जायेगा। वीवीपेट से मतदाता, कागज की पर्ची पर उस उम्मीदवार का नाम एवं चिन्ह देख सकते हैं, जिसे उसने वोट दिया है।इसके लिए निर्वाचन से जुड़े सभी अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है।

लोकसभा क्षेत्र के हर विधानसभा क्षेत्र के 5 बूथ्स पर पर्चियों का मिलान:
सुप्रीम कोर्ट ने देशभर में लोकसभा क्षेत्र के 5 बूथ्स का चयन करके उनकी ईवीएम और वीवीपेट की पर्चियों का मिलान करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि इसके लिए अभी विस्तृत दिशानिर्देशों का इंतजार है,तब ही यह प्रक्रिया आजमाई जाएगी। विधानसभा चुनाव में हर विधानसभा क्षेत्र के 1 बूथ की पर्चियों का मिलान किया गया था। 

हर विधानसभा क्षेत्र में सिर्फ महिलाओं द्वारा प्रबंधित 1 पोलिंग स्टेशन:
इस लोकसभा चुनाव में हर विधानसभा क्षेत्र में एक महिला डोमिनेटेड मतदाता केंद्र होगा जिसमें एक एक पोलिंग बूथ पर महिलाओं का स्टाफ होगा तैनात की जाएगी ।यानी मुख्य द्वार से लेकर पोलिंग बूथ के अंदर तक सभी  महिला अधिकारी और कर्मचारी होंगे। कई विधानसभा क्षेत्र से होंगे  जहां पर एक से अधिक पोलिंग बूथ और महिलाओं  को तैनात किया जाएगा। इसमें फीमेल वॉलिंटियर्स का भी सहयोग मांगा गया है। यहां तक कि जिला कलेक्टर को यह भी निर्देश दिए गए मतदान केंद्र पर सुरक्षाकर्मी लगते हैं, वहां पर भी अधिक से अधिक संख्या में महिला पुलिसकर्मी तैनात की जाए। जिससे मतदान करने वाले मतदाताओं को देश की आधी आबादी की ताकत का और उनके आत्मविश्वास का उदाहरण देखने को मिले। विधानसभा चुनाव में ऐसा किया जा चुका है, लेकिन लोकसभा चुनाव में ऐसा पहली बार होगा। 

इस बार होगी बूथ लेवल प्लानिंग:
इस बार बूथ लेवल यानि बिल्कुल निचले स्तर तक की प्लानिंग होगी जिसमें हर बूथ का स्टेंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर होगा। GIS आधारित प्लानिंग,क्रियान्वयन व मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित किया गया है। 

ई एटलस:
इसके जरिये चुनाव से जुड़ी तमाम गतिविधियों और कार्यों की मॉनिटरिंग हो सकेगी।

वस्तु और सेवा लेने के लिए ई पेमेंट गेटवे सुविधा:
चुनाव कार्य से जुड़ी वस्तु और सेवा की खरीद पर भुगतान ई पेमेंट गेटवे के जरिये होगा। पुलिसकर्मियों और अन्य कर्मियों को भत्ता आदि की राशि भी सीधे बैंक खाते में जमा हो सकेगी।

इस बार सर्विस वोटर्स के लिए ETPBS से वोटिंग सुविधा और सर्विस वोटर्स का होगा पंजीकरण:
सर्विस वोटर्स के लिए इस बार ईटीबीपीएस सुविधा से वोटिंग सुविधा दी गई है जिससे ज्यादा से ज्यादा उनकी वोटिंग सुनिश्चित हो सके अन्यथा इन वोटर्स को वोटिंग का बेहद कम मौका मिलता था जिससे इनका वोटिंग प्रतिशत बेहद कम होता था। विधानसभा चुनाव में इसे आजमाया जा चुका है। 

विशेष योग्यजनों और दिव्यांगों के लिए फ्रेंडली पोलिंग स्टेशन्स:
इस बार दिव्यांगों,विशेष योग्यजनों के लिए न सिर्फ पोलिंग बूथ्स पर रैम्प बनाए गए हैं। बल्कि उन्हें लाने-ले जाने के लिए परिवहन सुविधा भी दी गई है। साथ ही दिव्यांगों के लिए एनसीसी या एनएसएस के 1-1 बालक बालिका वोलंटियर्स रहेंगे जो उन्हें मतदान करने में सहायता देंगे। विधानसभा चुनाव में यह हो चुका है,लेकिन लोकसभा चुनाव में ऐसा पहली बार हो रहा है। हालांकि इस लोकसभा चुनाव में ईसीआई ने यह सुनिश्चित करने को कहा है कि वॉलंटियर्स की उम्र 18 वर्ष से कम हो यानि वह मतदाता नहीं हो। 

सी विजिल और अन्य एप:
सी विजिल-इस एप के जरिये आम आदमी भी विजुअल्स व फोटो अपलोड करके कर सकेंगे आचार संहिता उल्लंघन की शिकायत।नाम गुप्त भी रखा जा सकता है। विधानसभा चुनाव में यह हो चुका है,लेकिन लोकसभा चुनाव में ऐसा पहली बार हो रहा है। 

नेशनल ग्रीवियंस सर्विस:
इसके तहत तय समयावधि में शिकायत दूर की जाएगी। विधानसभा चुनाव में यह हो चुका है,लेकिन लोकसभा चुनाव में ऐसा पहली बार हो रहा है। 

इंटीग्रेटेड कॉन्टेक्ट सेंटर्स:
भारत निर्वाचन आयोग से लेकर जिला निर्वाचन तक के चुनाव से जुड़े सारे केन्द्र इंटीग्रेटेड सेंटर्स से जुड़े होंगे।

सिंगल विंडो परमिशन सिस्टम-सुविधा:
सभा,रैली,वाहन,अस्थायी इलेक्शन ऑफिस आदि की मंजूरी के लिए एकल खिड़की प्रणाली विकसित की गई है। हैलीकॉप्टर और उसके हैलीपेड में उतरने की मंजूरी के लिए 36 घंटे पहले आवेदन करना जरूरी होगा। 

सुगम-व्हीकल मैनेजमेंट सिस्टम:
आईटी आधारित इस सिस्टम से न सिर्फ वाहनों की ऑनलाइन मंजूरी हो सकेगी बल्कि उसकी ट्रेकिंग भी सुनिश्चित हो सकेगी.

इलेक्शन मॉनिटरिंग डेशबोर्ड:
जिसमें प्री पोल, पोल डेपोस्ट पोल रिपोर्टस और ट्रेंड्स एंड रिजल्ट डेक्लेरेशन होगा। जिस प्रत्याशी के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज हो उस प्रत्याशी को फॉर्म 26 में जानकारी देनी होगी। यह प्रावधान लागू तो पहले हो गया था लेकिन अब जिस पार्टी से टिकट ले रहे हैं उस पार्टी को भी आपराधिक मामलों के बारे में सूचित करना होगा। राजनैतिक दलों को भी उम्मीदवारों से प्राप्त सूचना को अपनी वेबसाइट पर अनिवार्य रूप से दर्शानी होगी। 

इसके अलावा हर उम्मीदवार को नामांकन दाखिल करने के बाद आपराधिक मामलों की जानकारी प्रिन्ट और इलेक्ट्रोनिक मीडिया में व्यापक तौर पर कम से कम 3 बार प्रकाशित और प्रसारित करवानी होगी। जानकारी चुनाव आयोग को देने के साथ ही प्रिन्ट और इलेक्ट्रोनिक मीडिया में व्यापक स्तर पर प्रचारित-प्रसारित करवाना अनिवार्य होगा। कोई भी उम्मीदवार पर दोषसिद्ध हो जाए या उसके विरूद्ध कोई भी आपराधिक मामला दर्ज या लंबित हो, तो उसे ऐसे प्रकरणों की जानकारी तीन अलग-अलग तिथियों में नामांकन वापसी और मतदान तिथि से 2 दिन पूर्व 12 साइज के फाॅन्ट में अपनी विधानसभा क्षेत्र के प्रमुख समाचार पत्रों में प्रकाशित करवानी होगी। 

इसी तरह इलेक्ट्रोनिक मीडिया में भी मतदान से 48 घंटे पूर्व तक तीन बार अलग-अलग तिथियों में यह जानकारी प्रसारित करवानी होगी। सभी राजनीतिक दलों को चुनाव समाप्त होने से 30 दिनों के भीतर राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ रिपोर्ट प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए गए हैं। जिसमें इस बात का स्पष्ट उल्लेख हो कि उनके द्वारा निर्देशों की पालना करवा दी गई हैं। इसके अलावा उम्मीदवारों द्वारा प्रकाशित और प्रसारित सूचना को जिला निर्वाचन अधिकारी को चुनाव व्यय के ब्योरे के साथ भी प्रस्तुत करना होगा। प्रत्याशी को विदेश की संपत्ति का भी ब्योरा देना होगा। साथ ही उसके परिवार में से किसी की संपत्ति विदेश में हो तो भी बताना होगा। 

पहली बार प्रत्याशियों की फोटो ईवीएम में उनके नाम के आगे होगी, यह पिछले लोकसभा चुनाव में नहीं था। प्रत्याशियों को अपने नामांकन फॉर्म के साथ अतिरिक्त फॉर्म भरना होगा जिसमें पानी व बिजली के बकाया बिल्स की जानकारी देनी होगी। नो ड्यूज के बारे में जानकारी देनी होगी। 

सोशल मीडिया पर निगाह के पहली बार रहेंगे खास इंतजाम:
इसके लिए विशेष सेल्स का गठन जिला और राज्य स्तर पर किया गया है जो सोशल मीडिया साइट्स पर निगाह रखेगी।

वोटर असिस्टेंस बूथ:
पोलिंग बूथ्स में जगह-जगह संकेतक लगाकर मतदाता को गाइड किया जाएगा।

कंपार्टमेंट की ऊंचाई अब हो गई तीस इंच:
इससे मतदान की गोपनीयता बनी रहेगी। मतदान की प्रक्रिया निष्पक्ष हो सकेगी। 

वोटर फेसिलिटेशन पोस्टर्स:
पोस्टर्स के जरिये यह बताया जाएगा कि कैसे वोट करें,ईवीएम क्या है कैसे अपना कास्ट किया वोट देख सकते हैं और किस तरह प्रक्रिया में गड़बड़ी की गुंजाइश नहीं है। इस लोकसभा चुनाव में पर्चियों को पहचान का एकमात्र आधार नहीं माना है। फोटोयुक्त मतदाता पहचान पत्र या वैकल्पिक 11 दस्तावेजों में से एक दिखाने पर ही वोटिंग हो पाएगी। 

लोकसभा चुनाव में सी-विजिल एप का पहली बार प्रयोग हो रहा है। इसके तहत आम नागरिक आचार संहिता उल्लंघन की शिकायत एप के जरिये फोटो और अन्य प्रमाण सहित कर सकता है जिसमें सौ मिनट पर कार्रवाई करके बताया जाता है। विधानसभा चुनाव में इसे आजमाया जा चुका है। 

कुल मिलाकर निर्वाचन आयोग ने 360 डिग्री आकलन करके वे तमाम इंतजाम किए हैं, जिससे मतदान सुगम और उसकी व्यवस्था बेहतर और निष्पक्ष हो सके।

... संवाददाता ऋतुराज शर्मा की रिपोर्ट 

First India News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे!
हर पल अपडेट रहने के लिए अभी डाउनलोड करें First India News Mobile Application
लेटेस्ट वीडियो के लिए हमारे YOUTUBE चैनल को विजिट करें

और पढ़ें

Most Related Stories

Stories You May be Interested in

कितने गिरेंगे सियासतदान ?... आज की बड़ी बहस

'स्लोगन' जिन्दाबाद ! 'नारों' ने बनाईं सरकारें
'बॉलीवुड' पर भी चढ़ा 'चुनावी बुखार' ! कुछ सितारे लड़ रहे चुनाव
Prashant Kishore ने Lalu Yadav को दी मीडिया के सामने 'राज़' उजागर करने की चुनौती
Congress to commence 'Nyay Yatra' in UP from today; Priyanka, Rahul to hold rallies
'निर्भय' से बढ़ी देश की 'शक्ति', देश की एक और स्वदेशी मिसाइल का सफल परीक्षण
Mahavir Jayanti Celebrations in India; Check Out Jaipur's ShobhaYatra
Rohit Shekhar Tiwari Who Fought To Prove He's ND Tiwari's Son Dies At 40