जयपुर VIDEO: ट्रेन नहीं, हवाई यात्रा पसंद ! ट्रेनों में ज्यादा किराया अब यात्रियों को नहीं सुहा रहा, देखिए ये खास रिपोर्ट

VIDEO: ट्रेन नहीं, हवाई यात्रा पसंद ! ट्रेनों में ज्यादा किराया अब यात्रियों को नहीं सुहा रहा, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: कोरोना ने यात्रा का ट्रेंड बदल दिया है. अब यात्री ट्रेन से यात्रा करने के बजाय हवाई यात्रा को प्राथमिकता दे रहे हैं. जयपुर एयरपोर्ट से रोज यात्रा करने वाले यात्रियों का ट्रेंड देखें तो दूसरी लहर के बाद इसमें लगातार सुधार दिखाई दे रहा है. वहीं ट्रेनों की अपर क्लास में यात्रियों का अब उतना रुझान नहीं रह गया है. कोरोना की दूसरी लहर का असर अब लगभग खत्म हो चुका है. चीजें सामान्य हो रही हैं, ऐसे में अब लोग अपने जरूरी कार्यों के लिए यात्रा करने लगे हैं. हवाई यात्रा हो या ट्रेन से यात्रा, दोनों में ही यात्रीभार धीरे-धीरे बढ़ रहा है. 

यात्रियों को ट्रेन के किराए में राहत नहीं:
रेलवे प्रशासन ने तो ट्रेनों का संचालन कोरोना से पहले की तुलना में 85 फीसदी तक फिर से सुचारू कर दिया है, लेकिन यात्रियों को ट्रेन के किराए में राहत नहीं मिल रही है. रेल मंत्रालय के दावे देखें तो रेलवे प्रशासन ने रेल किराए में कोई बढ़ोतरी नहीं की है, लेकिन फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनों के नाम पर अभी भी बहुत सारी ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है. ट्रेनों में किराया बढ़ने की वजह से लोग अब हवाई यात्रा को प्राथमिकता दे रहे हैं. ऐसा नहीं है कि हवाई किराया सस्ता हुआ है.

जानिए, वास्तविकता में ट्रेन और हवाई किराए की दरों में कितना अंतर:
कोरोना से पहले की तुलना में प्रत्येक शहर के लिए हवाई किराए की दरें 1 हजार रुपए से लेकर 1800 रुपए तक बढ़ चुकी हैं. एविएशन टरबाइन फ्यूल यानी जेट फ्यूल की दरें बढ़ने से केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने किराए की न्यूनतम दरें भी बढ़ा दी हैं, जिससे यात्रियों को हवाई यात्रा में कोरोना से पहले लग रहे किराए से अधिक किराया देने को मजबूर होना पड़ रहा है. आइए अब आपको बताते हैं कि वास्तविकता में ट्रेन और हवाई किराए की दरों में कितना अंतर है.

हवाई और रेल किराए में ज्यादा अंतर नहीं, इसलिए विमान से यात्रा को प्राथमिकता:
शहर : मौजूदा हवाई किराया : कोरोना से पहले सितंबर 2019 में हवाई किराया : अब ट्रेन में किराया (फर्स्ट एसी)
मुंबई : 5426 रुपए : 4100 रुपए : 3345 रुपए  
दिल्ली : 3746 रुपए : 2300 रुपए : 1315 रुपए
बेंगलूरु : 7736 रुपए : 6300 रुपए : 5460 रुपए 
हैदराबाद : 6266 रुपए : 5300 रुपए : 4515 रुपए 
अहमदाबाद : 4585 रुपए : 3200 रुपए : 2360 रुपए

फ्लाइट्स में यात्रीभार चल रहा 85 फीसदी तक फुल:

हवाई और रेल किराए की दरों में ज्यादा अंतर नहीं होना लोगों को हवाई यात्रा के लिए मजबूर कर रहा है. उदाहरण के तौर पर देखें तो बेंगलूरु के लिए ट्रेन का सफर 38 घंटे से ज्यादा समय का है, जबकि विमान से यात्रा करने पर आप महज ढाई घंटे में बेंगलूरु पहुंच सकते हैं, जबकि दोनों ही शहरों के लिए हवाई यात्रा मात्र 2300 रुपए महंगी है. यानी हवाई किराया रेल किराए की तुलना में डेढ़ गुना भी नहीं है. हैदराबाद के लिए ट्रेन का सफर करीब 30 घंटे का है, जबकि हवाई सफर मात्र 2 घंटे का और फ्लाइट से हैदराबाद जाने में किराया भी महज 1750 रुपए ही महंगा है. इसी वजह से आजकल प्रमुख शहरों के लिए चलने वाली फ्लाइट्स में यात्रीभार 85 फीसदी तक फुल चल रहा है.

अब रोज कितने औसत हवाई यात्री:
- मुम्बई के लिए रोज 7 फ्लाइट से 1680 यात्री
- दिल्ली के लिए रोज 6 फ्लाइट से 1380 यात्री
- बेंगलूरु के लिए रोज 5 फ्लाइट से 1220 यात्री
- हैदराबाद के लिए रोज 4 फ्लाइट से 1110 यात्री
- अहमदाबाद के लिए रोज 5 फ्लाइट से 570 यात्री

कुलमिलाकर इन दिनों हवाई यात्रा में फिर से रौनक लौट रही है. जयपुर एयरपोर्ट से रोज औसतन 35 फ्लाइट्स का संचालन हो रहा है. यदि कोरोना की तीसरी लहर का खतरा नहीं हुआ तो अक्टूबर के अंतिम रविवार से लागू होने वाले विंटर शेड्यूल में जयपुर एयरपोर्ट पर कम से कम दो दर्जन नई फ्लाइट जुड़ सकेंगी.

...काशीराम चौधरी, फर्स्ट इंडिया न्यूज, जयपुर

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