मध्यरात्रि को छलका गोविंदगढ़ बांध, 21 साल बाद चली चादर

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/09/02 11:39

पीसांगन(अजमेर): पीसांगन उपखण्ड के सबसे बड़े गोविंदगढ़ बांध की चादर 21 वर्ष बाद आखिरकार आज सुबह चल गई. मध्यरात्रि को लबालब बांध छलकने लगा और सुबह लगभग 5 बजे चादर पार करते हुए पानी दूसरे छोर की ओर बढ़ने लगा. वहीं वर्षों बाद बांध भरकर चादर चलने के इंतजार में कई उत्साहित लोग रातभर चादर पर बैठकर चलने का इंतजार करते रहे और प्रत्येक घण्टे की अपडेट सोशल मीडिया पर शेयर करते रहे, लेकिन सम्पूर्ण रात गुजर जाने के बाद अलसुबह चादर चलने के साक्षी बन सके.

12 दिन लगातार आवक के बाद छलका बांध: 
बता दें, इस बार अच्छी बारिश के चलते क्षेत्र के ताल-तलैया लबालब होकर छलकने लगे, वही करीब एक माह पूर्व भैरूजी बांध की चादर चलने से बहाव का पानी गोविंदगढ़ बांध में पहुंचने लगा, लेकिन 3-4 दिन के अंतराल बाद आवक थम जाने से बांध 25 फीसदी ही भर सका, साथ ही क्षेत्रवासी अजमेर में जबरदस्त बारिश के पानी का सागरमती नदी में इंतजार करने लगे, 10-12 दिन इंतजार के बाद गत 20 अगस्त को सागरमती नदी से अजमेर का पानी पीसांगन पहुंचा और एक दिन बाद गोविंदगढ़ बांध में जाना शुरू हुआ, 12 दिन लगातार आवक के बाद गत रात गोविंदगढ़ बांध छलकने को आतुर हो गया और आज अलसुबह छलकने के साथ चादर के ऊपर से बहने लगा. 

प्रशासन अलर्ट:
गोविंदगढ़ बांध की भराव क्षमता के साथ सागरमती नदी में बहते पानी को लेकर उपखण्ड अधिकारी समदरसिंह भाटी सहित प्रशासन पूर्णतया अलर्ट हैं, बांध पर चेतावनी बोर्ड लगाने के साथ टूटने की आशंका के चलते मिट्टी के कट्टे बांध के पास डाल रखे हैं, वही बांध क्षेत्र पर नजर रखने के लिए ग्राम पंचायत गोविंदगढ़ से पल-पल की अपडेट ले रहे है. 

...रमेशचंद गुजराती, पीसांगन-अजमेर

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