VIDEO: प्रदेश भाजपा की कोर कमेटी की बैठक कल, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे भी होंगी शामिल

जयपुर: कल शाम प्रदेश भाजपा कोर कमेटी की दूसरी बैठक आयोजित होगी. वर्तमान के सियासी घटनाक्रम और आगामी 4 विधानसभा उपचुनाव के मद्देनजर यह बैठक बेहद महत्वपूर्ण बताई जा रही है. प्रदेश भाजपा की नई कोर कमेटी बनने के बाद जल्द ही दूसरी बैठक बुला ली गई है. यह बैठक कल शाम 4:00 बजे भाजपा प्रदेश मुख्यालय में आयोजित की जाएगी. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने इस बैठक के मद्देनजर कोर टीम के सभी सदस्यों को सूचना भिजवा दी है, लेकिन इस बार की यह बैठक महत्वपूर्ण इसलिए बताई जा रही है कि इस बार इस बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की भी मौजूदगी रहेगी.

लंबे समय बाद जयपुर लौट रही वसुंधरा राजे पिछली बार अपनी पुत्रवधू की तबीयत खराब ही के चलते शामिल नहीं हो पाई थी, लेकिन इस बार की इस बैठक में दो ऐसे बड़े मुद्दे होंगे जिन को लेकर लगभग लगभग तय है कि कोर कमेटी के सदस्य मंत्रणा बातचीत और मंथन करेंगे. इनमें सबसे प्रमुख मुद्दा है विधानसभा में कुछ विधायकों की नाराजगी और प्रदेश नेतृत्व को चिट्ठी लिखने को लेकर कहा जा रहा है कि नेता प्रतिपक्ष उप नेता प्रतिपक्ष और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया तीनों ने मीडिया में आई उस चिट्ठी को लेकर टेलिफोनिक बातचीत की है.

भाजपा इस वक्त दिमाग इस बात पर लगा रही है कि आखिरकार चिट्ठी के मामले के पीछे की सियासत क्या है. एक धड़ा इसे वसुंधरा राजे समर्थित विधायकों की चिट्ठी इसलिए करार दे रहा है, क्योंकि इस चिट्ठी को लेकर वसुंधरा राजे के खास माने जाने वाले प्रताप सिंह सिंघवी का नाम विधायकों ने प्रदेश नेतृत्व को लिया गया हैं. ऐसे में इस पूरे मामले को निपटने के अलावा भाजपा प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह का फोकस होगा कि भाजपा की इस गुटबाज़ी से परे एकजुटता का पाठ पढ़ाया जाये. तो वही दूसरा सबसे बड़ा मुद्दा चार विधानसभाओं के उपचुनाव को लेकर है इन उपचुनाव में भाजपा ने कोर टीम के ही सदस्यों को पर्यवेक्षक बनाकर भेजा था. जिन्होंने चारों विधानसभा क्षेत्रों में अपने लिहाज से दौरे करके वहां की स्थिति का आकलन किया है  और स्थानीय संगठन की स्थिति का जायजा लेकर प्रदेश नेतृत्व को रिपोर्ट सौंपी है. इसके अलावा जिताऊ संभावित उम्मीदवारों के नाम पर थी प्राथमिक तौर पर मंथन करके रिपोर्ट भेज दी गई है. 

इसके अलावा पिछले निकाय चुनाव परिणामों पर भी मंत्रणा की जाने की संभावना है. संगठन संरचना विषय पर भी मंथन होना लगभग तय है. वही इस कोर कमेटी की बैठक में केंद्रीय कृषि कानूनों के मुद्दे पर भी बातचीत होगी, जिसमें खासतौर पर फोकस रखा जाएगा कि पिछले दिनों जिस तरीके से कांग्रेस और उनके समर्थक दल और पार्टियां केंद्रीय कृषि कानूनों को लेकर केंद्र सरकार का विरोध कर रही है. उस पर भारतीय जनता पार्टी का कार्यकर्ता किस तरीके से जनता में व्यापक प्रचार प्रसार करें और इस कानून के लाभ बताएं भाजपा की दलील है कि कांग्रेस लोगों में भ्रम पैदा कर रही है उसके लिए जरूरी है कि लोगों का समर्थन उसी अंदाज में प्राप्त किया जाए. 

श्रीराम मंदिर निधि समर्पण अभियान जैसे मुद्दे पर भी चर्चा संभव हो सकती है.इन सबके अलावा भारतीय जनता पार्टी बजट सत्र में एकजुटता के साथ विधानसभा में सत्तापक्ष को किस तरीके से गहरे साथ ही भाजपा के तमाम हरावल दस्ते और भाजपा सड़क पर मुद्दों के आधार पर कांग्रेस को खिलाफ और बेहतर तैयारियों के साथ उतरे. ऐसे मुद्दों पर भी चर्चा लगभग तय सी है.

संभावना इस बात की भी है कि पिछले दिनों एक तरफ कुछ बड़बोले नेताओं ने बयानबाजी की है, तो दूसरी तरफ अंदर खाने पार्टी को नुकसान पहुंचा रहे कुछ कार्यकर्ताओं या फिर निकाय चुनाव से लेकर पंचायत चुनाव में आई शिकायतों के आधार पर भी किसी कार्रवाई संबंधित कोई मंथन किया जा सकता है. कहा जाए तो कल आयोजित होने वाली इस बैठक में गुटबाजी दूर कर एकजुटता के साथ आगामी दिनों में चार उपचुनाव में मैदान में जाने की रणनीति पर चर्चा होना तय है. 

...फर्स्ट इंडिया के लिए ऐश्वर्य प्रधान की रिपोर्ट

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