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परेशानी में फंसे राज्य सरकार के कर्मचारी, दीपावली से पूर्व बकाया डीए का भुगतान मार्च के बाद संभव

परेशानी में फंसे राज्य सरकार के कर्मचारी, दीपावली से पूर्व बकाया डीए का भुगतान मार्च के बाद संभव

जयपुर: सरकार की माली हालत खराब होने का खामियाजा सरकारी कर्मचारियों को बड़े आर्थिक नुकसान के रूप में उठाना पड़ रहा है. दीपावली से पूर्व बकाया डीए का भुगतान मार्च के बाद संभव होना माना जा रहा है तो वहीं सरेंडर लीव या समर्पित अवकाश की राशि भी पेंशन का पीपीओ जारी होने के बाद मिलेगी. साथ ही न्यू पेंशन स्कीम में राज्य सरकार के अंशदान में भी पहली बार पेंडेंसी आ गई है. 

प्रदेश की माली हालत ठीक नहीं होने से राज्य सरकार के कर्मचारी परेशानी में फंस गए हैं:-  
- डीए वृद्धि की घोषणा नहीं होना. 
- सरकारी कर्मचारी दीपावली बीतने के बाद भी अभी तक राज्य सरकार की ओर से डीए बढ़ोतरी की घोषणा का इंतजार कर रहे हैं.
- केन्द्र की तर्ज पर हर बार की तरह इस बार भी पांच प्रतिशत डीए की वृद्धि के आदेश जारी करना प्रस्तावित है जिसके लिए माना जा रहा है कि अब मार्च बाद ही ऐसा होना संभव हो. 
- अब पीपीओ जारी होने के बाद ही मिलेगी सरेंडर लीव की राशि. 
- कर्मचारी जो अवकाश सरेंडर करते हैं उसकी राशि का भुगतान सरकार करती है, लेकिन अब इसका भुगतान उनके रिटायर्ड होने के बाद पेंशन के लिए पीपीओ जारी होने पर ही होगा. अक्सर पीपीओ जारी होने में करीब 3 माह का समय लगता है. इससे कर्मचारियों को ब्याज राशि का नुकसान उठाना पड़ रहा है.  

पहली बार NPS में अंशदान में आई पेंडेंसी: 
- सरकारी कर्मचारियों को न्यू पेंशन स्कीम में दस प्रतिशत राशि कर्मचारी की वेतन से जोड़ी जाती है तो दस प्रतिशत राशि सरकार की ओर से जमा होती है.  
- बताया जा रहा है कि इस बार पहली बार ऐसा हुआ कि कुछ कर्मचारियों के कुछ माह से सरकार की ओर से देय राशि जमा नहीं कराई गई है यानि पहली बार एनपीएस में सरकारी अंशदान की पेंडेसी आई है.  

उधर कार्मिक विभाग की ओर से गैर वित्तीय मांगों को लेकर विभाग स्तर पर बैठकें करके और निर्णय करने के लिए निर्देश तो जारी कर दिए हैं लेकिन विभागों की ओर से इसमें खास दिलचस्पी नहीं ली जा रही है. सीएस व अन्य ऊपरी अधिकारियों से संपर्क करने के बावजूद ऐसा नहीं किया जा रहा है. साथ ही कर्मचारी अब वित्तीय मांगों की समस्या सुलझाने की ओर ध्यान देने की गुहार लगा रहे हैं.  
                      
 

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