जयपुर शिक्षण संस्थानों के संचालन के लिए जारी की गई SOP की सख्ती से पालना करें - CM गहलोत

शिक्षण संस्थानों के संचालन के लिए जारी की गई SOP की सख्ती से पालना करें - CM गहलोत

शिक्षण संस्थानों के संचालन के लिए जारी की गई SOP की सख्ती से पालना करें - CM गहलोत

जयपुर: राजस्थान (Rajasthan) में कोरोना की दूसरी लहर का प्रकोप कम होने के साथ ही लंबे समय बाद बुधवार (1 सितंबर) से कक्षा 9 से 12वीं तक के स्कूल (schools) खुल गए हैं. अब इसी को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपील करते हुए कहा है कि पढ़ाई के साथ स्वास्थ्य का भी उचित ध्यान रखें एवं सख्ती से कोविड प्रोटोकॉल एवं SOP की पालना करना आवश्यक है. 

सीएम गहलोत ने गुरुवार को ट्वीट करते हुए कहा कि प्रदेश में शैक्षणिक संस्थान खोल दिए गए हैं. कोविड महामारी के कारण लम्बे समय से शैक्षणिक संस्थान बन्द होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई है. यह सभी की जिम्मेदारी है कि शिक्षण संस्थानों के संचालन के लिए जारी की गई SOP की सख्ती से पालना करें. 

उन्होंने कहा कि यदि SOP एवं कोविड प्रोटोकॉल की पालना नहीं हुई तो पुन: संक्रमण बढ़ने का खतरा है इसलिए पढ़ाई के साथ स्वास्थ्य का भी उचित ध्यान रखें एवं सख्ती से कोविड प्रोटोकॉल एवं SOP की पालना सुनिश्चित करें. सभी विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को शुभकामनाएं. 

शिक्षक संस्थानों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी शिक्षा विभाग की ओर से जारी की गई:
आपको बता दें कि स्कूलों के साथ ही 1 सितम्बर से कॉलेज, यूनिवर्सिटी, कोचिंग और अन्य शिक्षण संस्थान खुल गए हैं. सरकार ने शिक्षण संस्थानों के औचक निरीक्षण के लिए अधिकारियों के दल भी गठित कर दिए गए हैं. इसके साथ ही कोरोना गाइड लाइन की अवहेलना करने पर शिक्षक संस्थानों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी शिक्षा विभाग की ओर से जारी की गई है. 

- कक्षा 10वीं और 12वीं की स्कूलों का समय होगा सुबह 7.30 बजे से

- तो वहीं कक्षा 9वीं और 11वीं की स्कूल का समय होगा सुबह 8 बजे से

- इस साल कक्षा 9वीं से 12वीं तक सिलेबस को 30 फीसदी किया गया कम

- इसके साथ ही अब हर महीने स्कूलों में आयोजित होंगे टेस्ट

- तीसरी लहर की आने की परिस्थितियों के तहत टेस्ट के जरिए अंतिम परिणाम होगा तैयार

- करीब 5 हजार सरकारी और करीब 16 हजार निजी स्कूलों में ऑफलाइन पढ़ाई होगी शुरू

- बैठने की क्षमता के हिसाब से 50 फीसदी की क्षमता के साथ खुलें स्कूल

- शिक्षण संस्थानों में प्रार्थना सभाएं आयोजित नहीं होगी

- बच्चों की पुस्तक, लंच बॉक्स और पानी की बोटल नहीं कर सकेंगे साझा

- स्कूल स्टाफ की वैक्सीन अनिवार्य रूप से होने के भी हैं निर्देश

- स्कूलों को हाथ धोने के लिए साबुन और सेनेटाइज की करनी होगी व्यवस्था

- स्कूल आने से पहले बच्चों के अभिभावकों को देना होगा सहमति पत्र

- सहमति पत्र नहीं देने पर बच्चों को स्कूल में नहीं दिया जाएगा प्रवेश

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