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कोविड-19 के कारण विद्यार्थियों को नहीं होने देंगे नुकसान- राज्यपाल

कोविड-19 के कारण विद्यार्थियों को नहीं होने देंगे नुकसान- राज्यपाल

जयपुर: राज्यपाल एवं कुलाधिपति कलराज मिश्र ने कहा है कि मौजूदा परिस्थितियों में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ हासिल करने के लिए नवीन तकनीक का उपयोग करना आज की आवश्यकता है. कोविड-19 के इस दौर में उच्च शिक्षा पर आये प्रभाव से निपटने के लिए विश्वविद्यालयों को उपलब्ध संसाधनों का समुचित उपयोग एकजुटता से करना होगा. 

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शिक्षा नये तरीके से देना अब हमारी प्राथमिकता: 
राज्यपाल ने आज राजभवन से उच्च शिक्षा के लिए गठित टास्क फोर्स के सदस्यों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक ली. राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालयों में उच्च गुणवता वाली शिक्षा नये तरीके से देना अब हमारी प्राथमिकता है. कोविड-19 से उत्पन्न परिस्थितियों से उच्च शिक्षा पर आये प्रभावों से विद्यार्थियों को किसी प्रकार का नुकसान नही होने देगे. राज्यपाल ने उनके द्वारा गठित टास्क फोर्स की अनुशंषाओं पर कुलपतियों से चर्चा की. राज्यपाल ने इसके साथ ही पाठयक्रम को अपडेट करने, स्टेट यूनिवर्सिटी मैनेजमेन्ट सिस्टम, लर्निग मैनेजमेन्ट सिस्टम और स्मार्ट विलेज में लोगों को दिये जाने वाले मास्क, सेनेटाइजर और राशन सामग्री के बारे में जानकारी ली.

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विद्यार्थियों का अकादमिक वर्ष खराब नहीं होने दिया जायेगा:
राज्यपाल ने कहा कि विद्यार्थियों का अकादमिक वर्ष खराब नहीं होने दिया जायेगा. इसके लिए विश्वविद्यालयों को अकादमिक काउसिलिंग के द्वारा आगामी सत्र में आवश्यक सुधार और कम समय में पाठ्यक्रमों को पूरा करना होगा. विश्वविद्यालय अपनी वेबसाइट पर भी ऐसे बदलाव करें कि उसका फायदा सामान्य छात्र को आसानी से हो सके. राज्यपाल ने कहा कि हमारे राज्य के 28 लाख छात्र-छात्राओं को कोविड-19 से आये व्यवधान के कारण किसी प्रकार की शैक्षणिक हानि नही होने देगें. उन्होने कहा कि टास्क फोर्स द्वारा दी गई अनुशंषाएं कुलपतियों के लिए नीति निर्धारण में सहायक सिद्व होगी. 

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झालावाड़: जिले के खानपुर थाना क्षेत्र के जरगा गांव मे अपने खेत पर कार्य करने के लिए रखे गए मजदूर की पत्नी के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है. जहां एक गुरुजी उनकी आर्थिक स्थिति का फायदा उठाते हुए मजदूर की पत्नि के साथ 3-4 माह से यौन शोषण कर रहा था. पति द्वारा देखने पर खेत मालिक महिला के पति के साथ मारपीट कर चौटे पंहुचाई. साथ ही अन्य को बताने पर जान से मारने की धमकी दी.

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पति के देखने पर दी जान से मारने की धमकी दी: 
थानाधिकारी कमलचंद मीणा के अनुसार सरडा भालता निवासी विवाहिता ने दर्ज रिपोर्ट में बताया कि गांव जरगा मे दो वर्ष से मजदूरी के लिए लगाए गए पति-पत्नी रह रहे थे. 30 मई शनिवार को दिन के 3 बजे खेत मालिक शिक्षक शम्भु दयाल मीणा ने मजदूर की पत्नी के साथ दुष्कर्म किया. पति के देखने पर मालिक ने मारपीट कर जान से मारने की धमकी दी. सोमवार को खानपुर थाना पंहुचकर पति के साथ पत्नी द्वारा मामला दर्ज कराया गया. पुलिस ने विवाहिता का मामला दर्ज कर मेडिकल करवाकर जांच शुरू की है.

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sp ऑफिस में की आरोपी को गिरफ्तार करने की मांग:
हालांकि अभी तक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई. ऐसे में महिला व उसके पति को लगातार धमकियां मिल रही है ऐसे में आज पीड़ित महिला और उसके पति ने sp ऑफिस में आकर परिवाद दिया और आरोपी की गिरफ्तारी की मांग की.
अब पुलिस अधीक्षक के सारा मामला संज्ञान में आने पर जल्द कार्यवाही की बात की है. 
 

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सिरोही: जिले के मंडार थाना क्षेत्र के अमरपुरा गांव में एक फार्म हाऊस पर केसुआ निवासी एक अध्यापक द्वारा फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या करने का मामला सामने आया हैं. रेवदर डिप्टी फाऊलाल मीणा ने जानकारी देते हुए बताया कि मृतक भीमाराम ने आत्महत्या करने से पूर्व एक सुसाइट नोट लिखा था, जिसमें उसने बताया कि वो रायपुर की सीनियर हायर सेकेंडरी स्कूल में अध्यापक के पद पर कार्यरत था. जिसकी कोरोना महामारी में ड्यूटी लगी हुई थी. वहीं दो दिन बाद उसके बेटे की शादी भी तय थी. लेकिन कोरोना ड्यूटी के चलते वो अपने घर परिवार को समय नहीं दे पा रहा था. जिसके चलते उसने यह निर्णय लिया हैं. 

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मरने से पहले अपने पूरे परिवार को फार्म हाऊस से घर भेजा:
मृतक अध्यापक भीमाराम ने मरने से पहले अपने पूरे परिवार को फार्म हाऊस से घर भेजा. उसके बाद उसने कमरे में लगे पंखे के हुक में रस्सी से फंदा लगाकर उस पर झूल गया. जैसे ही इसकी सूचना मिली, रेवदर डिप्टी फाऊलाल मीणा व मंडार थानाधिकारी भंवरलाल जाप्ते के साथ मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर मंडार सीएचसी की मोर्चरी में रखवाया. थोड़ी देर बाद उसके शव का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंपा जाएगा. 
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बिलासपुर: केरल में गर्भवती हथिनी को विस्फोटक खिलाने के बाद अब हिमाचल प्रदेश में ऐसा ही एक इंसानियत को शर्मशार करने वाला मामला सामने आया है. हिमाचल प्रदेश के जिला बिलासपुर के झंडुत्ता इलाके में गर्भवती गाय को किसी ने विस्फोटक का गोला खिला दिया. इससे गाय बुरी तरह से जख्मी हो गई. 

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पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया: 
इस घटना का वीडियो गाय के मालिक ने सोशल मीडिया पर शेयर किया है, जो काफी तेजी से वायरल हो रहा है. जानकारी मिलने पर पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया है. पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच करने में जुट गई है. लोगों में इस घटना को लेकर काफी गुस्सा है. वहीं मालिक ने पड़ोस में रहने वाले युवक पर गाय को विस्फोटक खिलाने का आरोप लगाया है. 

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इससे पहले केरल के मलप्पुरम में गर्भवती हथिनी को कुछ शरारती तत्वों ने अनानास में पटाखे भरकर खिला दिया था, जिससे उसका मुंह और जबड़ा बुरी तरह से जख्मी हो गया था. हथिनी दो-तीन दिन तक बिना कुछ खाएं पिए पानी नें खड़ी रही थी. बाद में उसकी और गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत हो गई. इस घटना के बाद लोगों ने नाराजगी जताई थी. गर्भवती हथिनी की हत्या के मामले में एक शख्स को गिरफ्तार किया गया है. 

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जयपुर: एक तरफ जहां हवाई यात्रा अब गति पकड़ने लगी है, वहीं दूसरी तरफ ट्रेनों में यात्री भार कम देखा जा रहा है. कोविड-19 के डर की वजह से यूं तो शुरुआती दिनों में फ्लाइट्स में भी यात्रीभार काफी कम रहा. शुरुआती 1 सप्ताह तक 30 से 40% तक यात्रीभार ही विमानों में देखा गया, लेकिन अब फ्लाइट्स में 80 फ़ीसदी से भी ज्यादा सीटें फुल चल रही हैं. कई विमानों में तो केवल इक्का-दुक्का सीटें ही खाली चल रही हैं. जयपुर से कोलकाता, गुवाहाटी, पुणे, बेंगलुरु आदि शहरों के लिए हवाई यात्रीभार काफी ज्यादा है. जयपुर एयरपोर्ट से वर्तमान में रोजाना 12 से 13 फ्लाइट संचालित हो रही हैं. वहीं ट्रेनों की बात करें तो अभी भी यात्रीभार की कमी देखी जा रही है. 1 जून से जयपुर जंक्शन से 6 विशेष ट्रेनों का आवागमन चल रहा है. ये ट्रेनें मुंबई, अहमदाबाद, जोधपुर, दिल्ली, हावड़ा आदि शहरों को जोड़ रही हैं. हावड़ा और दिल्ली को छोड़ दें तो अन्य ट्रेनों में यात्रीभार की कमी देखी जा रही है. 

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जानिए ट्रेन में कितनी सीटें मौजूद?

- ट्रेन संख्या 02956 जयपुर बॉम्बे सुपर में स्लीपर में 7 जून के लिए 223 सीटें उपलब्ध

- 8 जून के लिए 278, 9 जून के लिए 310, 10 जून के लिए 312 सीटें खाली

- इसी ट्रेन में 3AC में 7 जून के लिए 254 सीटें उपलब्ध

- 8 जून के लिए 263, 9 जून के लिए 260 और 10 जून के लिए 268 सीटें खाली

- 2AC में 7 जून के लिए 23, 8 जून के लिए 30 सीट खाली

- 9 जून के लिए 37, 10 जून के लिए 39 सीटें उपलब्ध

- जयपुर-जोधपुर सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन संख्या 02478 में 7 जून के लिए चेयर कार में 211 सीटें उपलब्ध

- 8 जून के लिए 210 सीटें, 9 जून के लिए 226 और 10 जून के लिए 216 सीटें उपलब्ध

- इसी ट्रेन में 3AC में 7 जून के लिए 85 सीटें उपलब्ध

- 8 जून के लिए 81 सीटें, 9 जून के लिए 110 और 10 जून के लिए 89 सीटें उपलब्ध

पूर्व आईएएस अशोक सिंघवी की जमानत खारिज, बीमारी और कोरोना का हवाला देते हुए अदा की थी अर्जी 

...फर्स्ट इंडिया के लिए काशीराम चौधरी की रिपोर्ट

पूर्व आईएएस अशोक सिंघवी की जमानत खारिज, बीमारी और कोरोना का हवाला देते हुए अदा की थी अर्जी

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जयपुर: बहुचर्चित खान महाघूसकाण्ड के मुख्य आरोपी और पूर्व आईएएस अशोक सिंघवी को जयपुर की मनी लॉन्ड्रिग विशेष अदालत ने जमानत देने से इंकार कर दिया है. सिंघवी ने 1 जून को मनी लॉन्ड्रिग विशेष कोर्ट के जज अरूण कुमार अग्रवाल के समक्ष सरेण्डर किया था. कोर्ट ने सिंघवी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने के आदेश दिये थे. सरेण्डर करने के साथ ही सिंघवी की ओर से बिमारी और कोरोना के चलते जमानत का प्रार्थना पत्र पेश किया गया. 

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कोरोना संक्रमण के चलते जमानत देने की गुहार लगायी गयी थी:
जमानत अर्जी पेश कर सिंघवी की ओर से एडवोकेट रितेश चौहान ने सिंघवी के बिमार होने और कोरोना संक्रमण के चलते जमानत देने की गुहार लगायी गयी थी. अर्जी में कहा गया कि जेलो में लगातातर कैदियों के बीच संक्रमण बढ़ता जा रहा है. ऐसे में मुजरिम की उम्र को देखते हुए जमानत दी जाये. वहीं ईडी की ओर से एएसजी आर डी रस्तोगी, एडवोकेट आनंद शर्मा और विशेष लोक अभियोजक ने जमानत का विरोध करते हुए अदालत को बताया कि जिस बिमारी का हवाला दिया गया उस बीमारी का रिकॉर्ड पर कोई दस्तावेज पेश नहीं किया गया है.

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कोरोना जमानत का अधिकार नहीं हो सकता:
वहीं सुप्रीम कोर्ट के साथ ही राजस्थान हाईकोर्ट भी रूलिंग दे चुकी है कि कोरोना जमानत का अधिकार नहीं हो सकता. ईडी की ओर से इस मामले में सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट की रूलिंग भी पेश की गयी. एएसजी रस्तोगी ने कहा कि ये संपूर्ण घोटाला सिंघवी की देखरेख और मॉनिटरिंग में किया गया है. इसलिए जमानत नहीं दी जाये. दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद जज अरूण कुमार अग्रवाल प्रथम ने पूर्व आईएएस अशोक सिंघवी की जमानत अर्जी खारिज करने के आदेश दिये है. 
 

जयपुर महानगर में दो जिला न्यायालय को मुख्यमंत्री की मंजूरी, राज्य सरकार ने जारी की अधिसूचना

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जयपुर: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजधानी जयपुर में दो जिला एवं सत्र न्यायालयों के गठन को मंजूरी दे दी है. मुख्यमंत्री द्वारा फाइल को मंजूरी मिलने के साथ राज्य सरकार ने इस मामले में अधिसूचना भी जारी कर दी है. जयपुर में दो नगर निगम के गठन के बाद से ही जयपुर महानगर को न्यायिक कामकाज के लिए दो हिस्सों में बांटने की चर्चा थी. राजस्थान हाईकोर्ट ने मई माह में ही दो जयपुर में दो जिला एवं सत्र न्यायालय खोलने को लेकर सरकार को अनुशषा भेजी थी. सरकार द्वारा अधिसूचना जारी करने के बाद अब जयपुर में जयपुर महानगर में जिला एवं सत्र न्यायाधीश जयपुर महानगर प्रथम और जयपुर महानगर द्वितीय का गठन किया गया है. नये कोर्ट के गठन के साथ ही अब प्रदेश में जिला एवं सत्र न्यायालयों की संख्या 35 से बढ़कर 36 हो गई है. 

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एक दर्जन फाइलो को भी मंजूरी:
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जयपुर महानगर की इन दो फाइलों के साथ ही करीब दो दर्जन से अधिक इस मामले से जुड़ी फाइलों को भी मंजूरी दी है. विधि एवं विधिक कार्य विभाग ने शुक्रवार देर रात को इन सभी अधिसूचनाओं को जारी करते हुए दोनों अदालतों के न्यायालय क्षेत्र, इनके अधिन आने वाली अदालतों के साथ विेशेष अदालतों का भी वर्गीकरण कर दिया है. जयपुर महानगर प्रथम के क्षेत्राधिकार में पुलिस कमिश्नरेट का पूर्व और दक्षिण जिले को शामिल किया गया है. वहीं जयपुर महानगर द्वितीय में पश्चित और उत्तर जिले को शामिल किया गया है. जयपुर में अब चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट जयपुर महानगर प्रथम और जयपुर महानगर द्वितीय का पद भी हो जाएगा. 

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विशेष अदालतों के विभाजन की अधिसूचना भी जारी कर दी:
इसके साथ मानवाधिकार, एससी—एसटी, पॉक्सो केस साथ अन्य विशेष अदालतों के विभाजन की अधिसूचना भी जारी कर दी गयी है. प्रमुख विधि सचिव विनोद भारवानी और सचिव मधुसूदन शर्मा ने देर रात इन अधिसूचनाओं को जारी किया. वर्तमान में जयपुर महानगर में कुल कार्यरत न्यायालयों की संख्या 161 है नए न्यायालय के गठन के बाद कुल संख्या 162 हो जायेगी वहीं दोनों ही न्यायलय क्षेत्र में करीब 81—81 न्यायालय आयेगे. विशेष अदालतो को लेकर शनिवार को अधिसूचनाए जारी की जायेगी. 

विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, पीहर पक्ष ने हत्या का मामला बताते हुए जेठ पर लगाया छेड़छाड़ आरोप

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अजमेर: जिले के जवाहरलाल नेहरू अस्पताल में नागौर भवाल निवासी 22 वर्षीय विवाहिता ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. विवाहिता की मौत के बाद उसके पीहर पक्ष वालों ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए इसे हत्या का मामला बताया और जेठ पर छेड़छाड़ का भी आरोप लगाया है. नागौर पुलिस ने शव के जेएलएन अस्पताल के चीरघर में रखवा दिया है और मामले की पड़ताल में जुट गई है. 

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परिजनों ने जेठ पर भी छेड़छाड़ के गंभीर आरोप लगाए:
नागौर जिले के भवाल गांव निवासी 22 वर्षीय विवाहिता ने अवसाद में आकर विषाक्त पदार्थ का सेवन कर आत्महत्या का प्रयास किया. परिजनों से विवाहिता को जवाहरलाल नेहरू अस्पताल पहुंचाया जहां पर उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया. वहीं विवाहिता के पीहर पक्ष वालों ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए हत्या का मामला बताया. वहीं विवाहिता की मां ने बताया कि उनकी पुत्री ने उन्हें 1 दिन पहले कॉल किया था और वह बता रही थी कि वह काफी परेशान है. वही परिजनों ने उसके जेठ पर भी छेड़छाड़ के गंभीर आरोप लगाए. क्षेत्रीय थाना पुलिस भी अजमेर के जवाहरलाल नेहरू अस्पताल के चीरघर पहुंची. वहीं पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाना शुरू कर दिया. 

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ससुराल पक्ष मौके से फरार: 
पुलिस ने मामला दर्ज कर पड़ताल शुरू कर दी है और मौत के कारणों का पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही खुलासा करने की बात कही. वहीं पीहर पक्ष के आरोपों के चलते ससुराल पक्ष भी मौके से कही फरार हो गया. पीहर पक्ष ने अपनी बेटी की मौत पर इंसाफ की गुहार पुलिस से लगाई है. देखना यह होगा कि अब पुलिस किस तरह से मामले की पड़ताल करती है. 

...अजमेर से फर्स्ट इंडिया के लिए शुभम जैन की रिपोर्ट

टिड्डी टेरर को लेकर चिंतित राजस्थान सरकार, लेकिन केंद्र सरकार को गंभीर होने की जरुरत- मंत्री सालेह मोहम्मद

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जैसलमेर: राजस्थान के सरहदी जिलों तक ही सीमित रहा टिड्डी दल अटैक जयपुर सहित अन्य जिलों तक पहुंच गया है. प्रदेशभर में टिड्डीयों के हो रहे अटैक ने किसानों के माथे पर चिंता की लकीर खींच दी है तो कृषि विभाग के अधिकारियों की रातों की नींद उड़ा दी है. टिड्डी को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत गंभीर है जो सभी मंत्री और जिला कलक्टर को वीसी के जरिये बैठक कर टिड्डियों को लेकर चर्चा कर रहे हैं. वहीं मंत्री सालेह मोहम्मद ने भी मुख्यमंत्री से मिलकर इस आने वाले बड़े खतरे के बारे में अवगत करवया है.  

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अब फिर से कोरोना के काल में टिड्डी का कहर लौट रहा: 
मंत्री सालेह मोहम्मद ने फर्स्ट इंडिया से खास बातचीत में कहा कि गत वर्ष टिड्डियों ने सीमावर्ती जिले जैसलमेर में किसानों का बहुत बड़ा नुकसान किया था जितना बड़ा नुकसान पूरे राजस्थान में नहीं हुआ उससे कहीं ज्यादा नुकसान जैसलमेर और बाड़मेर में हुआ. अब फिर से कोरोना के काल में टिड्डी का कहर लौट रहा है. मंत्री सालेह मोहम्मद ने कहा कि इस वार टिड्डी बाड़मेर, जैसलमेर को छोड़कर राजस्थान से अन्य राज्यों की ओर जा पहुंची है. केंद्र सरकार को इस मामले में अब गंभीर होने की सख्त जरूरत है. अब बहुत बड़े दल भारत में प्रवेश करने वाले हैं और शुरुआत पश्चिमी राजस्थान की ओर से है. इसलिए केंद्र सरकार को चाहिए कि जब इस मामले को लेकर विश्व स्तर पर टिड्डियों को लेकर चर्चा हो तो राज्य सरकार से भी इस बारे में फीडबैक दिया जाना चाहिए ताकि टिड्डी को लेकर राज्य सरकार अलर्ट हो सके.

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टिड्डी को लेकर किसी भी तरह से प्रभावी प्रयास नहीं हो पा रहे:
मंत्री सालेह मोहम्मद ने कहा कि केंद्र द्वारा टिड्डियों को लेकर डिपार्टमेंट तो बना दिया है लेकिन वहां पर अधिकारियों की कमी अधिक है ना उनके पास कोई उचित संसाधन है. इसलिए टिड्डी को लेकर किसी भी तरह से प्रभावी प्रयास नहीं हो पा रहे हैं यही कारण है कि टिड्डी दल राजस्थान के बाहर भी पहुंच गई है इसे साफ पता चलता है कि केंद्र सरकार के पास पूरे संसाधन नहीं है और केंद्र सरकार इस मामले को लेकर बिल्कुल गंभीर नहीं है. मंत्री सालेह मोहम्मद ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों को मजबूत होता नहीं देखना चाहती है इसलिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत खुद किसानों के लिए गंभीर है और चिंतित भी है और लगातार जिला कलेक्ट्रेट और सभी मंत्रियों से टिड्डी के बारे में भी फीडबैक ले रहे हैं. मंत्री सालेह मोहम्मद ने यह भी कहा कि केंद्र की सरकार ने राजस्थान सरकार को लेकर कोई बजट पारित नहीं किया है और ना ही राजस्थान सरकार को किसी भी तरह के संसाधन मुहैया करवा रही है. समय रहते यदि केंद्र सरकार गंभीर नहीं हुई तो यह टिड्डी दल पूरे भारत वर्ष में अपना आक्रमण कर देगी और अपना कहर बरपाएगी.  

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