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बिजली बिल जमा कराओ, 5 फीसदी की छूट पाओ, कोरोना काल में जनता को दी गई छूट में 10 दिन शेष

जयपुर: कोरोना के चलते बिजली उपभोक्ताओं को बगैर "लेट सरचार्ज" के बिल जमा कराने के लिए दी गई छूट में अब दस दिन शेष बचे है.दरअसल,सरकार ने उपभोक्ताओं को 31 मई तक बिल जमा कराने का समय दे रखा है, साथ ही इस दरमियान बिल जमा कराने पर 5 फीसदी "छूट" की स्कीम भी लागू है.लेकिन इस स्कीम का फायदा नहीं उठाने वालों को जून में बिजली बिल बड़ा झटका देगा.एक तरफ जहां तीन माह के उपभोग का एकसाथ बिल आएगा, वहीं दूसरी ओर लेट सरचार्ज का करंट भी बिल में दौडेगा.

1 जून से 200 स्पेशल ट्रेनें चलेंगी, उत्तर-पश्चिम रेलवे प्रशासन चलाएगा 9 ट्रेनें, रेलवे प्रशासन ने जारी की ट्रेनों की लिस्ट

ऐसे में जयपुर डिस्कॉम एमडी ए के गुप्ता ने सभी फील्ड अभियंताओं को निर्देश दिए है कि वे जनता को बिजली का बिल जमा करवाने के प्रति जागरूक करें.इसके साथ ही डिस्कॉम प्रशासन ने कोरोना काल से निपटने के लिए ऑनलाइन पेंमेंट सिस्टम को भी मजबूत करना शुरू कर दिया है.आखिर डिस्कॉम का कैसा रहा कोरोना काल और आगे वित्तीय संकट को खत्म करने के लिए क्या है एक्शन प्लान. इन सभी मुद्दों को लेकर जयपुर डिस्कॉम एमडी ए के गुप्ता ने खासबातचीत की हमारे संवाददाता विकास शर्मा ने. 

(डिस्कॉम का ये है राजस्व गणित)
-कोरोना के चक्कर में बिजली उपभोक्ताओं ने बिल भरने से पीछे खींचे हाथ !
-प्रदेश की बिजली कंपनियों का गड़बड़ा रहा फाइनेंसियल मैनेजमेंट
-तीनों बिजली कंपनियों ने जारी किए 3600 करोड़ के बिल
-लेकिन इसकी एवज में महज 1200 करोड रुपए की वसूली
-लाख प्रयास और छूट की स्कीम के बावजूद सिर्फ 24 फीसदी ही राजस्व
-ऐसे में अब 31 मई नजदीक आते देख फील्ड अभियंताओं को निर्देश
-छूट के फायदे समझाते हुए लोगों को बिल जमा कराने के प्रति जागरूक करने के निर्देश

(डिस्कॉम ने ये भी दी है छूट)
-कोरोना महामारी के चलते उपभोक्ताओं के लिए दी गई है कई रियायतें
-अप्रेल-मई के लिए लोगों को पार्ट पेंमेट की दी गई छूट
-यानी 31 मई तक पार्ट पेमेंट करने पर नहीं कटेंगे कनेक्शन
-बिजली कम्पनियों को प्रोविजलन बिल इश्यू करने की भी छूट
-ऑनलाइन पेमेंट करने पर प्रोसिसिंग फीस माफ करने की छूट

(डिजिटल मोड में बिजली कम्पनियां)
-एक एसएमएस और मोबाइल पर मिलेगी हर सूचना
-जयपुर डिस्कॉम ने जारी किया "रजिस्टेशन" के लिए नम्बर
-7065051222 नम्बर पर उपभोक्ता भेजेंगे ये मैसेज
-JVVNL REGMOB के साथ "के" नम्बर" का मैसेज
-तो उपभोक्ता का मोबाइल नम्बर हो जाएगा रिकॉर्ड में रजिस्टर्ड
-इसके बाद हर माह बिल की जानकारी मिलेगी SMSके जरिए
-जिन उपभोक्ताओं ने खुद का नम्बर करवा लिया है रजिस्टर्ड
-वे सिर्फ एक मैसेज के जरिए ले सकते है तमाम सुविधाएं
-7065051222 नम्बर पर JVVNL BILL "के" नम्बर भेजे
-या JVVNL KNO "के" नम्बर एसएमएस करें
-तो उपभोक्ता को तत्काल मिल जाएंगी बिल की सूचना
-JVVNL LPAY "के" नम्बर का मैसेज करके
-उपभोक्ता लास्ट पेमेन्ट डिटेल की जानकारी ले सकते है
-JVVNL MOB "के" नम्बर का मैसेज भेजकर
-उपभोक्ता ये पता लगा सकते है कि....
-JVVNL के रिकार्ड में उनका क्या नम्बर रजिस्टर्ड है

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स्कूल फीस मामले में अब सरकार भी एकलपीठ के आदेश को देगी चुनौती

स्कूल फीस मामले में अब सरकार भी एकलपीठ के आदेश को देगी चुनौती

जयपुर: निजी स्कूलों को ट्यूशन फीस का 70 फिसदी वसूल करने की छूट देने के आदेश को अब राज्य सरकार भी खण्डपीठ में चुनौती देगी. राज्य सरकार के अतिरिक्त महाधिवक्ता राजेश महर्षि ने हाईकोर्ट में सुनवाई के दोरान ये जानकारी दी है. सरकार के अपील करने के लिए समय मांगे जाने पर मुख्य न्यायाधीश की खण्डपीठ ने मामले की सुनवाई 30 सितंबर को तय की है. इसके साथ ही खण्डपीठ ने निशा फाउण्डेशन सहित 5 अन्य की ओर से पक्षकार बनने के प्रार्थना पत्रों को भी मंजूर कर दिया है. 

निजी स्कूलों को ट्यूशन फीस का सत्तर फीसदी वसूलने की छूट दी थी: 
राजस्थान हाईकोर्ट ने 16 सितंबर को  प्रमुख माध्यमिक शिक्षा सचिव, माध्यमिक शिक्षा निदेशक और सोसायटी ऑफ कैथोलिक एजुकेशन्स इंस्टीट्यूशन इन राजस्थान को नोटिस जारी जवाब मांगा था. हाईकोर्ट की एकलपीठ ने निजी स्कूलों को ट्यूशन फीस का सत्तर फीसदी वसूलने की छूट दी थी. जिसके खिलाफ अधिवक्ता सुनील समदडिया ने अपील दायर कर कहा कि राज्य सरकार ने गत 9 अप्रैल और 7 जुलाई को आदेश जारी कर स्कूल खुलने तक फीस को स्थगित कर अभिभावकों को राहत दी थी.

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फाइनल रिलीफ को अंतरिम आदेश में नहीं दिया जा सकता:
वहीं एकलपीठ ने गत 7 सितंबर को अंतरिम आदेश जारी कर स्कूल बंद रहने और प्रभावी शिक्षा नहीं देने के बावजूद स्कूलों को ट्यूशन फीस का 70 फीसदी हिस्सा वसूलने की छूट दे दी. जबकि नियमानुसार याचिका में मांगी गई फाइनल रिलीफ को अंतरिम आदेश में नहीं दिया जा सकता. इसके अलावा एकलपीठ ने प्रोग्रेसिव स्कूल्स एसोसिएशन को मुख्य याचिकाकर्ता मानते हुए आदेश दिया था, जबकि यह एसोसिएशन पंजीकृत ही नहीं है. मामले पर अब 30 सितंबर को सुनवाई होगी. 

VIDEO: विधायकों के लिए बनेंगे 160 बहुमंजिला आवास, आवासन मंडल ने की प्रोजेक्ट की आज से शुरुआत

जयपुर: विधायकों के लिए बहुमंजिला आवास निर्माण के लिए आज विधायक नगर पश्चिम में मौजूदा संरचनाओं को तोड़ने का कार्य शुरू किया गया. आवासन मंडल की ओर से यहां 160 बहुमंजिला आवासों का निर्माण विधायकों के लिए किया जाएगा. 

पुराने स्ट्रक्चर तोड़ने की आज से शुरुआत: 
करीब 250 करोड़ रुपए के इस प्रोजेक्ट की शुरुआत के तौर पर मौजूदा संरचनाओं को हटाने के काम की शुरुआत के दौरान आवासन आयुक्त पवन अरोड़ा और आवासन मंडल के अन्य अधिकारी मौजूद रहे आवासन आयुक्त पवन अरोड़ा ने प्रोजेक्ट की विस्तार से जानकारी दी.

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विधायकों के लिए बड़ा पार्क भी विकसित किया जाएगा:
आवासन आयुक्त पवन अरोड़ा ने प्रोजेक्ट की विशेषताओं की जानकारी देते हुए बताया कि यहां विधायकों के लिए बड़ा पार्क भी विकसित किया जाएगा. इसके अलावा बहुमंजिला आवासों के हर टावर में विधायकों से मिलने वाले आगंतुकों की भी व्यवस्था की जाएगी.
 

SMS सहित राज्य के अन्य सरकारी अस्पतालों में भी क्यों ना शुरू हो कोरोना इलाज - हाईकोर्ट

SMS सहित राज्य के अन्य सरकारी अस्पतालों में भी क्यों ना शुरू हो कोरोना इलाज - हाईकोर्ट

जयपुर: राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एसएमएस सहित विभिन्न जिलों के सरकारी अस्पतालों में कोरोना मरीजों का इलाज करने...कोरोना से जुड़े सभी टेस्ट और इलाज निशुल्क करने, राज्य के निजी अस्पतालों और होटलों को सरकार के नियत्रंण में लेने को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट ने सरकार को नोटिस जारी किया है. मोहनसिंह की ओर से दायर जनहित याचिका पर मुख्य न्यायाधीश इन्द्रजीत महांति और जस्टिस प्रकाश गुप्ता की खण्डपीठ ने सुनवाई करते हुए राज्य के मुख्य सचिव, एसीएस चिकित्सा और एसएमएस अधीक्षक को नोटिस जारी किये है. याचिका में बीपीएल, गरीब और जरूरमंदों कोरोना मरीजों का निशुल्क इलाज करने की गुहार की गयी है. 

प्रदेश के कई स्थानों पर मरीजों को अस्पताल में बैड नहीं मिल रहे: 
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता समीर जैन ने अदालत को बताया कि देश और प्रदेश में लगातार कोरोना महामारी का प्रभाव बढ़ रहा है. राज्य में प्रतिदिन कोरोना संक्रमितों की संख्या कई गुना बढ़ रही है. प्रतिदिन बढ़ रहे कोरोना संक्रमितों के चलते जयपुर सहित प्रदेश के कई स्थानों पर मरीजों को अस्पताल में बैड नहीं मिल रहे हैं. राज्य के सबसे बड़े एसएमएस सहित कई जिलों के सरकारी अस्पतालों को सरकार ने कोरोना फ्री अस्पताल के लिए आरक्षित कर रखे हैं. जिसके चलते इन अस्पतालों में कोरोना मरीजों का इलाज नहीं किया जा रहा है. जबकि वर्तमान में बिगड़ते हालात के चलते सरकार को एसएमएस सहित राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों में कोरोना मरीजों का इलाज शुरू किया जाना चाहिए. 

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सरकार को निजी होटलों को अपने नियत्रंण में लिया जाना चाहिए:
साथ ही सरकार को सभी निजी अस्पतालों को अपने अधीन नियत्रंण में लेकर युद्ध स्तर पर कार्य किया जाना चाहिए. आईसोलेशन के लिए भी सरकार को निजी होटलों को अपने नियत्रंण में लिया जाना चाहिए. याचिका में कहा गया कि निजी और सरकारी अस्पतालों में बैड की व्यवस्था नहीं होने से बीपीएल, गरीब और जरूरतमंदों लोग को होम आईसोलेशन में ही इलाज कराना पड़ रहा है जो उनके लिए संभव नहीं है. याचिका मे राज्यभर में कोरोना मरीजों की सहायता के लिए हैल्थ सेंटर बनाने की भी गुहार लगायी गयी है. बहस सुनने के बाद खण्डपीठ ने मुख्य सचिव सहित अन्य को नोटिस जारी कर 12 अक्टूबर तक जवाब पेश करने के आदेश दिये है. 

VIDEO: राजस्थान में खतरे में बघेरों की जान! आखिर कब जागेगा वन विभाग

जयपुर: प्रदेश में एक ओर जहां बघेरों का कुनबा बढ़ रहा है वहीं दूसरी ओर जंगल में भोजन के प्रोपर इंतजाम न होने से बघेरों की आबादी क्षेत्र में लगातार घुसपैठ बढ़ रही है, जोकि इनके लिए खतरनाक साबित हो रही है. जिम्मेदार बघेरों की समस्याओं से बेखबर है. वन विभाग के आंकड़े देखे तो राज्य में 8 साल में करीब दो दर्जन बघेरों को लोगों ने घेरकर मार दिया है. 

- प्रदेश भर में 600 से ज्यादा बघेरे हैं.

- 250 से ज्यादा सेंचुरी तो 300 से ज्यादा जंगल में कर रहे प्रवास.

- बीते 5 साल में 35 से 40 फीसदी बढ़ी संख्या.  

- वाहन की टक्कर, करंट या फंदा लगने, आपसी टकराव, लोगों ने घेरकर मारने, शिकार सहित कई वजह से बीते 8 साल में 300 से ज्यादा बघेरों की मौत हुई है. 

प्रदेशभर के फॉरेस्ट रिजर्व और जंगलों में बघेरों की आबादी पांच साल में 35 से 40 फीसदी तक बढ़ी है, लेकिन सरकार और अफसर ने इनके प्रे बेस यानी सुरक्षा, प्रवास और भोजन के इंतजाम ढंग से नहीं कर पा रहे हैं. जो इनके लिए काफी नुकसान दायक साबित हो रहा है. यह लेपर्ड टेरिटोरियल फाइट और भूख-प्यास से व्याकुल होकर आए दिन आबादी क्षेत्र में जा रहे है, जहां या तो इनको मार दिया जाता है या फिर शिकारियों के फंदे में फंस जाते हैं. अजमेर, बांसवाड़ा, डूंगरपुर, राजसमंद, प्रतापगढ़, उदयपुर समेत कई जिलों में इस तरह की घटनाएं लगातार सामने आ रही है. राजधानी से जुड़े जंगल में इस तरह की घटनाएं लगातार सामने आ रही है. जिसे रोकना विभाग के लिए चुनौती साबित हो रहा है. वन विभाग के अफसरों ने कई बार इनको लेकर मंथन भी किए, योजनाएं भी बनाई, लेकिन वो कभी फाइलों से बाहर ही नहीं निकल पाई. जिसका खामियाजा वन्यजीवों को भुगतना पड़ रहा है.  

बघेरों के लिए सौगात अधूरी ही रह गई: 
पिछली राज्य सरकार ने वाइल्ड लाइफ कंजर्वेशन और ट्यूरिज्म के रूप शुरू विकसित करने के लिए लेपर्ड प्रोजेक्ट की शुरूआत की. इसमें झालाना, बस्सी सीतामाता, खेतड़ी बांसिलायल, माउंटआबू और कुंभलगढ(रावली टॉडगढ) अभयारण्य को शामिल किया गया,,, यहां ग्रासलैंड, चारदीवारी, सुरक्षा, सर्विलांस समेत कई सुविधाएं विकसित करनी थी, लेकिन फंड नहीं मिलने से झालाना के अलावा कहीं भी काम पूरा नहीं हुआ. सरकार ने कोई रूचि भी नहीं दिखाई जिससे बघेरों के लिए सौगात अधूरी ही रह गई है.

झालाना जंगल में भी आए दिन बघेरे बेघर हो रहे: 
बघेरे के प्रवास से देशभर से ख्याति पा चुके झालाना जंगल में भी आए दिन बघेरे बेघर हो रहे हैं. यहां वर्चस्व की लड़ाई और भोजन की कमी है. जिससे आए दिन यहां से बघेरे जंगल से आबादी इलाकों में जा रहे हैं. 20 वर्ग किलोमीटर के इस जंगल में 30 बघेरे प्रवास कर रहे हैं. इस ओर भी जिम्मेदारों का ध्यान नहीं है. 

प्रे बेस की कमी लेपर्ड्स पर भारी पड़ रही:
जंगलात महकमें के अधिकारी भी मानते है कि प्रे बेस की कमी लेपर्ड्स पर भारी पड़ रही है. अब विभाग नए लेपर्ड रिजर्व तैयार करने के साथ ही जो फॉरेस्ट रिजर्व हैं उनमें प्रे बेस बढ़ाने की तैयारी कर रहा है. उम्मीद की जानी चाहिए कि जल्द ही लेपर्ड्स के लिए माकूल व्यवस्था करने में वन विभाग कामयाब होगा. 
 

प्रदेश कांग्रेस का पैदल मार्च हुआ स्थगित, अब दो ही नेता सौंपेंगे राज्यपाल को ज्ञापन

प्रदेश कांग्रेस का पैदल मार्च हुआ स्थगित, अब दो ही नेता सौंपेंगे राज्यपाल को ज्ञापन

जयपुर: कृषि अध्यादेशों के खिलाफ 24 सितंबर से शुरू हुए कांग्रेस के विरोध पखवाड़े के तहत आज प्रस्तावित पैदल मार्च अब स्थगित कर दिया गया है. यह पैदल मार्च कोरोना संक्रमण के कारण जयपुर में लगाई गई धारा 144 के चलते स्थगित किया गया है. 

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जयपुर में धारा 144 के चलते पैदल मार्च स्थगित किया गया:  
प्रदेश कांग्रेस ने ट्वीट करके इसकी जानकारी दी. पीसीसी ने ट्वीट करते हुए लिखा कि जयपुर में धारा 144 के चलते पैदल मार्च स्थगित किया गया है. अब केवल दो ही नेता सोमवार दोपहर 12:30 बजे राज्यपाल कलराज मिश्र से मुलाकात कर उन्हें राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपेंगे. 

डोटासरा और सीएम गहलोत सौंप सकते हैं ज्ञापन:
बताया जा रहा है कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत राज्यपाल से मुलाकात कर ज्ञापन सौंप सकते हैं. गौरतलब है कि केंद्र सरकार की ओर से लागू  किए गए कृषि अध्यादेश के खिलाफ कांग्रेस ने 24 सितंबर से 10 अक्टूबर तक विरोध पखवाड़ा शुरू किया है जिसके तहत 28 सितंबर को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय से राजभवन तक पैदल मार्च रखा गया था. 

VIDEO: राजस्थान पुलिस ने घूसखोरी में तोड़ा रिकॉर्ड, पिछले 4 सालों से नंबर 1 पर कायम

जयपुर: प्रदेश में इन दिनों एंटी करप्शन ब्यूरो बड़े बड़े घूसखोरो को सलाखों के पीछे पहुंचाती जा रही है. एसीबी की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि घूसखोरी में राजस्थान पुलिस पिछले 4 सालों से  नंबर वन है. दूसरे नंबर पर राजस्व विभाग, तीसरे नंबर पर पंचायत विभाग में तैनात कर्मचारियों और अधिकारियो ने रिकॉर्ड बनाया है. प्रदेश की खाकी ही राजस्थान सरकार को शर्मसार कर रही है. ये सभी कार्रवाई एसीबी के डीजी डॉक्टर आलोक त्रिपाठी और एडीजी दिनेश एमएन लगातार भ्रष्टाचारियों पर एक से बढ़कर एक कार्रवाई करते हुए जा रहे हैं. 

पुलिस विभाग रिश्वत खोरी के धंधे में सबसे अव्वल: 
एसीबी की रिपोर्ट में एक बड़ा खुलासा हुआ है पुलिस विभाग रिश्वत खोरी के धंधे में सबसे अव्वल है तो राजस्व विभाग का इस पूरे मामले में नंबर दो पर है. स्वच्छ और बेदाग छवि के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत लोगों के बीच भ्रष्टाचार मुक्त माहौल पैदा करने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं. वहीं दूसरी और शांति व्यवस्था स्थापित करने वाली पुलिस मुख्यमंत्री  की छवि को बदनाम करने में लगी है. हाल में ही भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने एक रिपोर्ट तैयार की है. इसमें सामने आया है कि राजस्थान पुलिस के हाथ घूस की रकम से लाल-काले हुए हैं. आइये हम आपको बताते है घूसखोरी में किस विभाग का कौनसा नंबर है...

- घूसखोरी में राजस्थान पुलिस नंबर वन के रिकॉर्ड पर

- दूसरे नंबर पर राजस्व विभाग

- तीसरे नंबर पर पंचायत विभाग में तैनात कर्मचारियों और अधिकारियो ने रिकॉर्ड बनाया

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एसीबी डीजी आलोक त्रिपाठी के नेतृत्व में एसीबी की टीम लगातार बड़े बड़े घूसखोरों पर कार्रवाई करती जा रही है. एसीबी डीजी आलोक त्रिपाठी ने सभी चौकी प्रभारियों को फ्री हेंड छोड़ रखा है. जिसके चलते एसीबी की टीम लगातार ताबड़तोड़ कार्रवाई करती जा है. एसीबी ने बजरी में लिप्त पुलिसकर्मियों पर भी शिकंजा कसा है. एसीबी ने अवैध वसूली करने वालों पर भी बड़ी कार्रवाई की है. एसीबी ने  कई बड़े अधिकारियो को रंगें हाथों गिरफ्तार किया है और काला धन इकट्ठा कर अकूत संपत्ति बनाने वाले अधिकारियों को भी सलाखों के पीछे पहुंचाया है. आइये अब आकड़ो के हिसाब से समझते है ट्रैप की कार्रवाइयों को...

- एसीबी ने पुलिस विभाग में पिछले 4 सालों में 263 पुलिसकर्मियों को रिश्वत लेते ट्रैप किया

- राजस्व विभाग में पिछले 4 सालो में 171 कर्मचारियों अधिकारियो को ट्रैप किया

- ऊर्जा विभाग में पिछले 4 सालो में 84 अधिकारी-कर्मचारियों को ट्रैप किया

- मेडिकल विभाग में पिछले 4 सालो में 52 अधिकारी-कर्मचारियों को ट्रैप किया

- पंचायत विभाग में पिछले 4 सालो में  115 अधिकारी-कर्मचारियों को ट्रैप किया

एसीबी लगातार बजरी में लिप्त पुलिस कर्मियों के खिलाफ भी कार्रवाई करती जा रही है. एसीबी के आकड़े जारी करने के बाद ये साबित हो गया है की एसीबी कार्रवाई के बाद पुलिस का भ्रस्टाचार उजागर हुआ है. 

Rajasthan Panchayat Election: प्रथम चरण के लिये मतदान शुरू, 947 ग्राम पंचायतों में 31 लाख से ज्यादा मतदाता कर सकेंगे वोटिंग

Rajasthan Panchayat Election: प्रथम चरण के लिये मतदान शुरू, 947 ग्राम पंचायतों में 31 लाख से ज्यादा मतदाता कर सकेंगे वोटिंग

जयपुर: राजस्थान पंचायत चुनाव-2020 के प्रथम चरण के लिये आज वोट डाले जा रहे हैं. इस चरण में आज 947 ग्राम पंचायतों में 31 लाख से ज्यादा मतदाता वोटिंग कर सकेंगे.  वोटिंग और चुनाव प्रक्रिया  सही ढंग से करने के लिए 23 पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं. राज्य निर्वाचन आयुक्त प्रेम सिंह मेहरा ने मतदाताओं और सभी कर्मचारियों को कोरोनावायरस का पालन करते हुए निष्पक्ष शांतिपूर्ण मतदान की अपील की है. कोरोना के चलते 1 घंटे के बढ़ाए समय के तहत अब मतदान सुबह 7:30 से शाम 5:30 बजे तक हो सकेगा. कानून व्यवस्था के बिगड़े हालात के चलते उदयपुर की सराडा और गोगुंदा पंचायत समितियों की 55 ग्राम पंचायतों के चुनाव स्थगित कर दिए गए हैं.  

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इससे पहले पंचायती राज चुनाव के पहले चरण के आज होने वाले मतदान के लिए राज्य निर्वाचन आयुक्त पीएस मेहरा ने सभी मतदाताओं से अपील की है कि वे केंद्र और राज्य सरकार द्वारा जारी कोरोना से संबंधित सभी दिशा-निर्देशों की पालना करते हुए निर्भय होकर मतदान करें. 

प्रत्येक मतदाता अपने घर से मास्क लगाकर मतदान के लिए जाएं: 
मेहरा ने कहा कि प्रत्येक मतदाता अपने घर से मास्क लगाकर मतदान के लिए जाएं. उन्होंने केंद्र में प्रवेश से पूर्व मास्क लगाना अनिवार्य होने, मतदान केंद्र में जाने से पहले हाथों को साबुन पानी या सेनेटाइजर से जरूर साफ करने, मतदान करते समय मतदाता पंक्ति में खड़े रहने के दौरान चिन्हित गोलों पर खड़े रहकर या सामाजिक दूरी बनाते हुए अपनी बारी का इंतजार करने के लिए कहा है.

- उन्होंने कहा कि मतदान के दौरान सीनियर सिटीजन और दिव्यांगजनों को प्राथमिकता दें. उन्होंने मतदाता, उम्मीदवार या उनके समर्थकों से मतदान केंद्र या आसपास भीड़ या समूह में खड़े नहीं रहने की भी अपील की. 

- पहले चरण में कुल 31 लाख 95 हजार 691 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगे. 

- मतदान समाप्ति के बाद सभी पंचायत मुख्यालयों पर मतगणना करवाई जाएगी और 29 सितंबर को उपसरपंच का चुनाव होगा. 

गौरतलब है कि उदयपुर की सराडा और गोगुंदा पंचायत समितियों की 55 ग्राम पंचायतों के चुनाव स्थगित कर दिए गए हैं. 
आयुक्त ने मतगणना के तुरंत बाद मतगणना स्थल पर भीड़ ना करने और अपने-अपने घर समय पर लौट पुलिस प्रशासन और सथानीय प्रशासन का सहयोग करने की भी अपील की है. चुनाव के लिए पर्याप्त पुलिस बल की व्यवस्था की गई है. 

Horoscope Today, 28 September 2020: आज मजबूत हैं इन राशि वालों के सितारे, सफलता चूमेगी कदम

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जयपुर: दैनिक राशिफल चंद्र ग्रह की गणना पर आधारित होता है. राशिफल की जानकारी करते समय पंचांग की गणना और सटीक खगोलीय विश्लेषण किया जाता है. दैनिक राशिफल में सभी 12 राशियों के भविष्य के बारे में बताया जाता है. ऐसे में आप इस राशिफल को पढ़कर अपनी दैनिक योजनाओं को सफल बना सकते हैं. 

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मेष (Aries) : मानसिक तौर पर कुछ दिनों से आपके लिए एक न एक छोटी मोटी घटना या समस्या कुछ नए और अजीब से संकेत दे रही है. आपके लिए शत्रु पक्ष और विरोधी भी आंखे तानकर बैठा हुआ है. इन सबसे लोहा लेना फिलहाल जरूरी होगा.

वृष (Taurus):  आज आप अपने में मस्त रहेंगे. किसी भी विरोधी की आलोचना की तरफ बिल्कुल ध्यान न लगाए अपना काम करते रहें. सफलता एक दिन जरूर आपके कदम चूमेगी. 

मिथुन ( Gemini ): आज आप दूसरों के इमोशंस को पहचाने और उनके अनुसार चलेंगे तो आपको काफी आत्मसंतोष होगा. कभी-कभार दूसरों की बात सुनने में कोई परहेज नहीं है.

कर्क ( Cancer ): अपने कारोबार या व्यापार को आगे बढ़ाने के लिए आपके द्वारा उठाए गए कदम और प्रयोग फिलहाल सफल होते नजर नहीं आ रहे हैं. इन सब बातों पर जो समय और धन का नष्ट होना तय है, उसका मनस्ताप कुछ दिनों के बाद ओर भी बढ़ सकता है.

सिंह ( Leo ): अपने कारोबार में आर्थिक मामलों से निपटने के लिए आपको अपनी जमा पूंजी और बजट पर गम्भीरता से विचार करना होगा. यदि ऐसा नहीं करते हैं तो आप किसी ऐसे जरूरी निवेश या धन लाभ से वंचित हो जाएंगे जो आगे चलकर एक फायदे का सौदा बन सकता है. 

कन्या ( Virgo ): धन की कटौती या खर्च की कटौती करना आजकल आपके लिए एक सिरदर्द बनता जा रहा है. जरूरी और महत्वपूर्ण कार्य बार-बार आप पर भारी पड़ते जा रहे हैं. वैसे तो कुछ दिनों में बहुत बड़े स्तर पर जो परिवर्तन हो रहे हैं उनसे आपको निश्चित रूप से राहत मिलगी.

तुला ( Libra ) : कई मोर्चे पर आपको बार-बार सोच विचार करना पड़ रहा है, यह सब आज की जरूरत के हिसाब से ही चल रहा है. बिजनेस में किसी तरह का जोखिम उठाना या सट्टेबाजी का काम करना फायदेमंद नहीं होगा. 

वृश्चिक ( Scorpio ): नौकरी या बिजनेस में बहुत बड़े स्तर पर जो परिवर्तन हो रहे हैं वह आपके सोच विचार व्यक्तित्व के अनुसार ठीक ही हो रहे हैं. कुल मिलाकर आपको अपने व्यय भार पर अंकुश लगाना जरूरी होगा और बढ़ते खर्च को रोकने के लिए अपनी आदतों को भी सुधार में लाना होगा.

धनु ( Sagittarius ):  हर नए कामके कानूनी और तकनीकी पहलुओं पर अच्छी तरह से गौर करने के बाद ही कोई नई डील साइन करें. कोई नया परिवर्तन आपको हैरान कर सकता है. 

मकर ( Capricorn ): नए साझेदारी या कारोबार करने के लिए आज के दिन बहुत अच्छे प्रस्ताव आपको मिल सकते हैं. जीवन साथी के प्रति अच्छा व्यवहार रखना आपके लिए जरूरी होगा. 

कुंभ ( Aquarius ) : आज के दिन आपके अन्दर कुछ नए प्लान और ईरादे जग रहें हैं. लेकिन कुछ समय बाद ही आपको लगेगा कि इन सबका पालन करना या अमल में लाना बहुत ज्यादा आसान नहीं है. कठिनाइयों और असमर्थता के चलते आपको कुछ वैकल्पिक उपाय भी खोजने पड़ सकते हैं. 

मीन ( Pisces ) : अचानक ही कुछ ऐसी मजबूरी आपके सामने आ सकती है जिसमें कोई भारी खर्च करना पड़ रहा हो.  कुछ निश्चय और संकल्प भी सांयकाल तक पूरे हो सकते हैं. 

सौजन्य - राज ज्योतिषी पंडित मुकेश शास्त्री