जयपुर VIDEO: 24 साल का देवदूत फिर दे गया 4 लोगों को जिंदगी! राजस्थान के सबसे बड़े SMS अस्पताल में जीवनदायनी सफल प्रयास, देखिए खास रिपोर्ट

VIDEO: 24 साल का देवदूत फिर दे गया 4 लोगों को जिंदगी! राजस्थान के सबसे बड़े SMS अस्पताल में जीवनदायनी सफल प्रयास, देखिए खास रिपोर्ट

जयपुर: राजस्थान में सबसे बड़े एसएमएस अस्पताल में कोरोना महामारी के बाद अंगदान की मुहिम को फिर से गति मिली.सीकर निवासी 24 साल का ब्रेनडेड सुनील जीवन छोड़ने से पहले चार जरूरतमंदों को नई जिन्दगी दे गई.हार्ट और लीवर राजधानी के निजी अस्पतालों में ट्रांसप्लांट किए गए, जबकि दोनों किडनियों का प्रत्यारोपण एसएमएस की यूरोलॉजी टीम ने ही किया. दरअसल,16 फरवरी को दूजोद (सीकर) में खेती का काम करके घर लौटते समय एक कार ने सुनील को टक्कर मार दी थी.सुनील को उपचार के लिए सीकर के एसके हॉस्पिटल में भर्ती करवाया था, जहां से हालत ज्यादा गंभीर होने पर उसे जयपुर रेफर किया गया.

एसएमएस में चिकित्सकों ने अथक प्रयास किए, लेकिन बाद में उसे ब्रेन डेड घोषित किया गया.इसके बाद डॉक्टरों की टीम ने सुनील के परिजनों से बातचीत करके उन्हें ऑर्गन्स को डोनेट करने के लिए समझाया.आखिरकार अस्पताल प्रशासन के प्रयास सफल रहे औ परिजनों की सहमति से सुनील के हार्ट लीवर और दोनों किडनियों को जरूरतमंद मरीजों को लगाने के लिए देर रात से चिकित्सकों की टीम जुटी रही.मैचिंग के बाद ट्रांसप्लांट के लिए सुनील के हार्ट को ग्रीन कॉरिडोर बनाकर इटरनल हॉस्पिटल भेजा गया, जबकि लीवर का ट्रांसप्लांट मणिपाल हॉस्पिटल में किया किया.

अंगदान की जीवनदायनी मुहिम:
-SMS में 50 से अधिक मरीजों को मिली नई जिन्दगी  
-अब तक तीन मरीजों का किया जा चुका हार्ट ट्रांसप्लांट
-तीन मरीजों का लीवर ट्रांसप्लांट किया गया एसएमएस में
-जबकि 50 से अधिक मरीजों को लगाई जा चुकी किडनी

परिजनों की सहमति के बाद स्टेट ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गेनाइजेशन के सदस्य डॉ. देवेंद्र पुरोहित, डॉ. चित्रा सिंह ने ऑर्गन आंवटन की प्रक्रिया शुरू की.इस दौरान हार्ट और लीवर को दूसरे अस्पतालों को आंवटित किया गया.जबकि दोनों किडनियां एसएमएस अस्पताल में ट्रांसप्लाट की गई.यहां बता दें कि ब्रेडडेड मरीज से मिलने वाली किडनी का एसएमएस में 2015 से ट्रांसप्लांट किया जा रहा है.अब तक कुल 53 मरीजों को इस कवायद में नई जिन्दगी मिली है

कैडेबर किडनी ट्रांसप्लांट में एसएमएस का बेस्ट रिकॉर्ड:
-एसएमएस में 2015 से किया गया था पहला किडनी ट्रांसप्लांट
-इसके बाद से लेकर अब तक कुल 53 मरीजों को लगाई गई किडनी
-इसमें से 50 के आसपास मरीज ट्रांसप्लांट के बाद जी रहे अच्छी जिन्दगी
-इस केस में अस्पताल में दो टीमों ने किया एसएमएस में किडनी ट्रांसप्लांट
-यूरोलॉजी विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ विनय तोमर व डॉ आर डी साहू पहली टीम में
-जबकि वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ एसएस यादव, डॉ संजीव जायसवाल,डॉ धर्मेद जांगिड दूसरी टीम में रहे

ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया के बाद सुनील के शव को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया.एसएमएस हॉस्पिटल में तैनात सुरक्षा गार्डों व हॉस्पिटल स्टाफ ने भावभीन श्रद्धाजंलि व गार्ड ऑफ ऑनर दिया.एसएमएस प्रशासन के कैडेबर ट्रांसप्लांट की दिशा में बढ़ते कदम हर किसी के लिए उत्साहित करने वाले है.ऐसे में उम्मीद ये की जा रही है कि जल्द ही अंगदान की ये मुहिम घर-घर तक पहुंचेगी.ऐसा हुआ तो वो दिन दूर नहीं जब जरूरतमंद मरीज को अंग के लिए इंतजार करना होगा.

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