पंजाब के नये मुख्यमंत्री के लिए सुखजिंदर रंधावा का नाम सबसे आगे, आलाकमान की मुहर का इंतजार

पंजाब के नये मुख्यमंत्री के लिए सुखजिंदर रंधावा का नाम सबसे आगे, आलाकमान की मुहर का इंतजार

पंजाब के नये मुख्यमंत्री के लिए सुखजिंदर रंधावा का नाम सबसे आगे, आलाकमान की मुहर का इंतजार

चंडीगढ़/नई दिल्ली: पंजाब के नये मुख्यमंत्री के लिए कांग्रेस की प्रदेश इकाई के वरिष्ठ नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा का नाम सबसे आगे है. सूत्रों ने रविवार को यह जानकारी दी. सूत्रों ने बताया कि रंधावा का नाम कांग्रेस विधायक दल के नेता के लिए सबसे आगे है और पार्टी आलाकमान की मुहर लगने के साथ ही इसकी घोषणा कर दी जाएगी.

कांग्रेस से जुड़े एक विश्वस्त सूत्र ने जानकारी दी है कि पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू भी रंधावा को मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी दिए जाने के समर्थन में हैं. वैसे, सिद्धू भी मुख्यमंत्री पद की दौड़ में शामिल हैं.सूत्रों ने यह भी बताया कि अगर रंधावा (सिख) को मुख्यमंत्री बनते हैं तो फिर एक हिंदू और एक दलित नेता को उप मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है ताकि जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों को साधा जा सके.

इस बीच, दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने पंजाब को लेकर लंबी बैठक की.सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस आलाकमान ने पहले पार्टी के वरिष्ठ नेता अंबिका सोनी को मुख्यमंत्री बनने की पेशकश की, जिसे उन्होंने स्वीकार करने से मना कर दिया.बाद में अंबिका सोनी ने संवाददाताओं से कहा कि पंजाब का मुख्यमंत्री कोई सिख ही होना चाहिए क्योंकि यह देश का इकलौता राज्य है, जहां सिख बहुसंख्यक हैं.

रंधावा अमरिंदर सरकार में कारागार और सहकारिता मंत्री थे. वह गुरुदासपुर के डेरा बाबा नानक विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं.इससे पहले, रंधावा ने कहा कि उनकी कभी किसी पद की लालसा नहीं रही है.यह पूछे जाने पर कि अगले मुख्यमंत्री के लिए उनके नाम को लेकर भी चर्चा चल रही, रंधावा ने कहा कि उन्होंने और उनके परिवार ने कभी किसी पद की लालसा नहीं की है.

पत्रकारों ने जब सवाल किया कि क्या वे पंजाब के अगले मुख्यमंत्री से बात कर रहे हैं, तो उन्होंने कहा कि आप एक कांग्रेस कार्यकर्ता से बात कर रहे हैं. अमरिंदर सिंह के अपमानित महसूस करने संबंधी बयान पर उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा ने पांच मुख्यमंत्री बदले हैं. कांग्रेस में भी कुछ मुख्यमंत्री बदले गए हैं. कांग्रेस में अमरिंदर साढ़े नौ साल तक मुख्यमंत्री रहे. मेरा मानना है कि उनको जितना सम्मान मिला, उतना किसी मुख्यमंत्री को नहीं मिला.

और पढ़ें