Superstition Murder Case: अंधविश्वासी दंपति को साइकोलॉजिकल टेस्ट के लिए अस्पताल भेजा गया

Superstition Murder Case: अंधविश्वासी दंपति को साइकोलॉजिकल टेस्ट के लिए अस्पताल भेजा गया

Superstition Murder Case: अंधविश्वासी दंपति को साइकोलॉजिकल टेस्ट के लिए अस्पताल भेजा गया

चित्तूरः आंध्र प्रदेश में अंधविश्वास के कारण अपनी दो बेटियों की हत्या करने वाले मामले में नया मोड़ आया है, जहां बुजुर्ग दंपति को मनोवैज्ञानिक जांच और इलाज के लिए तिरुपति स्थित एक सरकारी स्वास्थ्य केन्द्र भेज दिया गया है. वी पुरुषोत्तम और उनकी पत्नी पद्मजा को मंगलवार को मदनपल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था. जिसके बाद इन दोनों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया था.

पुरुषोत्तम, विज्ञान में डॉक्टरेट हैं और पद्मजा ने स्नातकोत्तर की उपाधि हासिल की है तथा उन्होंने स्वर्ण पदक भी हासिल किया था. मदनपल्ली उप जेल के अधीक्षक रामकृष्ण यादव के अनुसार एक चिकित्सक ने बुधवार को दंपति की जांच की थी और कहा था कि माता-पिता अंधविश्वास से पीड़ित हो सकते हैं और उनके मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्य का आकलन किये जाने की जरूरत है.

उन्होंने कहा है कि हमने चिकित्सक की राय के बारे में एक स्थानीय अदालत को सूचित किया था. अदालत ने कहा है कि यदि आवश्यक हो तो जेल प्रशासन जांच और उपचार के लिए उन्हें अस्पताल भेजने का निर्णय ले सकता है. यादव ने पीटीआई-भाषा को बताया है कि इसलिए हम उन्हें तिरुपति के श्री वेंकटेश्वर रामनारायण रुइया सरकारी अस्पताल भेज रहे हैं.

गौरतलब है कि दंपति ने कथित तौर पर अंधविश्वास के कारण 25 जनवरी को मदनपल्ली में 20 से 25 साल की उम्र की अपनी दो बेटियों की हत्या कर दी थी. इतना ही नहीं वे दोनों अपनी जान भी देने की फिराक में थे,मगर वक्त रहते उन्हें बचा लिया गया था. हैरत की बात ये है कि दंपत्ति सम्माननीय पद पर कार्यरत थे और अधंविश्वास के चक्कर में अपनी बेटिओं की जान ले बैठे हैं.  (सोर्स-भाषा)

 

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