हांगकांग इस देश में लोकतंत्र का समर्थन करना नेताओं को पड़ा महंगा, मिली जेल की सजा; जानिए कहां पर हुआ ऐसा

इस देश में लोकतंत्र का समर्थन करना नेताओं को पड़ा महंगा, मिली जेल की सजा; जानिए कहां पर हुआ ऐसा

इस देश में लोकतंत्र का समर्थन करना नेताओं को पड़ा महंगा, मिली जेल की सजा; जानिए कहां पर हुआ ऐसा

हांगकांग: हांगकांग की एक अदालत ने लोकतंत्र समर्थक पांच लोगों को शुक्रवार को जेल भेज दिया जिसमें मीडिया उद्यमी जिमी लाइ भी शामिल हैं. इन लोगों को 2019 में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान एक रैली का आयोजन करने के लिए 18 महीने कैद की सजा दी गई है. इन विरोध-प्रदर्शनों के बाद बीजिंग ने लोकतंत्र समर्थकों पर कड़ी कार्रवाई शुरू की थी.

एक विधेयक के विरोध में मार्च प्रदर्शन किया था:
कुल नौ लोकतंत्र समर्थकों को जेल की सजा सुनाई गई लेकिन उनमें से 82 वर्षीय वकील और पूर्व सांसद मार्टिन ली सहित चार लोगों की सजा उनकी उम्र एवं उपलब्धियों को ध्यान में रखते हुए निलंबित रखी गई. उन्हें इस महीने की शुरुआत में अगस्त 2019 में व्यापक प्रदर्शन का आयोजन करने एवं उसमें हिस्सा लेने के लिए दोषी पाया गया, जहां करीब 17 लाख लोगों ने एक विधेयक के विरोध में मार्च किया. इस विधेयक में संदिग्धों को चीन प्रत्यर्पित करने का प्रावधान था. पुलिस ने मार्च को अनुमति नहीं दी थी.

सजा दिए जाने से लोकतंत्र आंदोलन को है झटका:
उन्हें दोषी ठहराए जाने एवं सजा दिए जाने से लोकतंत्र आंदोलन को एक और झटका लगा है. आंदोलन को बीजिंग एवं हांगकांग के अधिकारी पूरी तरह कुचलने में लगे हुए हैं. अदालत ने 82 वर्षीय वकील और पूर्व सांसद ली की 11 महीने कैद की सजा को दो वर्षों के लिए स्थगित कर दिया है. वह मानवाधिकार एवं लोकतंत्र के लिए जाने जाते हैं. हांगकांग एपल डेली टैब्लायड के संस्थापक लाइ को 12 महीने कैद की सजा सुनाई गई है. उन्हें अन्य आरोपों में पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है.

आपकों बता दे कि लोकतंत्र समर्थक एक अन्य कार्यकर्ता ली चिउक यान को 12 महीने कैद की सजा सुनाई गई है।वह पूर्व सांसद हैं जिन्होंने बीजिंग के थ्यानमेन चौक पर 1989 में लोकतंत्र समर्थक लोगों की हत्या के विरोध में हांगकांग में दिन में मोमबत्ती जुलूस निकाला था. वकील अल्बर्ट हो और मारग्रेट एनजी की 12 महीने जेल की सजा को दो वर्षों के लिए स्थगित कर दिया गया.

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