सीजेआई मामला: बैंस का दूसरा अलफनामा, सुप्रीम कोर्ट 2 बजे सुनायेगा फैसला

Nizam Kantaliya Published Date 2019/04/25 11:18

जयपुर। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई पर कथित यौन उत्पीड़न केस की सुनवाई कर रही बैंच दोपहर 2 बजे फैसला सुनायेगी। जस्टिस अरूण मिश्रा, जस्टिस रोहिंटन नरीमन और दीपक गुप्ता की खंडपीठ इस मामले पर सुनवाई कर रही है। स्वप्रेणा से सूचीबद्ध किये गये इस मामले के आज तीसरे सुबह 10.30 बजे सुनवाई शुरू हुई। सुनवाई के प्रारंभ में ही एडवोकेट उत्सव बैंस ने सीलबंद लिफाफे में अपना हलफनामा पेश किया। 

सुनवाई के दौरार एटॉर्नी जनरल के के वेणुगोपाल और एसजी तुषार मेहता ने भी अपना पक्षा रखा। सॉलिस्टर जनरल तुषार मेहता ने इस मामले में एसआईटी का गठन करने की मांग की है। वही वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह ने इस मामले से सरकार को बाहर रखने की बात कही है। करीब 35 मिनट तक चली सुनवाई के बाद बैंच ने दोपहर 2 बजे तक फैसला सुरक्षित रख लिया है। अब दोपहर 2 बजे सुप्रीम कोर्ट की 3 सदस्यों की बैंच इस मामले में फैसला सुनायेगी।

उत्सव की विश्वसनीयता की भी जांच हो—इंदिरा जयसिंह
सुनवाई के दौरान अटार्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कोर्ट स्टाफ की नियुक्ति और व्यवहार के नियम बताए. अटार्नी जनरल ने कहा कि कोर्ट की नौकरी से निलंबित कर्मचारियों ने वकील से सम्पर्क किया था और वो प्रेस क्लब में प्रेस कॉन्फ्रेंस करना चाहते थे। साक्ष्य अधिनियम कहता है कि कोई वकील बिना उसके मुव्वकिल की इजाजत कम्युनिकेशन को नहीं बता सकता, लेकिन यहां तो कोई मुव्वकिल नहीं है. इस मामले में साक्ष्य अधिनियम की धारा 126 लागू नहीं हो सकती। वही वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह ने अपनी दलील में यौन उत्पीड़न और साजिश दोनो मामलों की जांच एकसाथ कराने की माग की। इस पर कोर्ट ने कहा कि दोनों मामलों आरोपों की जांच हो रही है....लेकिन फिक्सिंग का मामला ज्यादा गंभीर है.... इंदिरा जयसिंह ने एडवोकेट उत्सव बैंस की विश्वसनीयता की जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि बैंस की बिना स्टिकर की गाड़ी सुप्रीम कोर्ट पार्किंग में कैसे आई? 

संस्थान रिमोट से नही चल रहे...कोर्ट
सुनवाई के दौरान सॉलिस्टर जनरल तुषार मेहता ने मामले में एसआईटी जांच की मांग की...जिस पर इंदिरा जयसिह ने कहा कि सरकार को इस मामले से बाहर रखा जाना चाहिए... सॉलिस्टर जनरल ने कहा- याचिका में से कुछ हिस्से आपत्तिजनक हैं। उन्हें हटाना चाहिए। इस पर जस्टिस मिश्रा ने कहा- ये झूठ फैलाया जा रहा है कि संस्थान रिमोट कंट्रोल से चलाए जा रहे हैं, लेकिन हम बता दें कि कोई रिमोट से नहीं चल रहे हैं....इंदिरा जयसिंह ने कहा कि सरकार संस्थानों को कंट्रोल कर रही है। जैसे ही किसी बड़े विवाद का मामला हमारे पास आता है किताबे छपने लगती हैं, रिपोर्ट बनने लगती हैं । 

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