सुप्रीम कोर्ट के समक्ष बोली केन्द्र सरकार, कहा- OTT Platform को रेग्युलेट करने के लिए कुछ कदम उठाने को लेकर विचार कर रहे हैं

सुप्रीम कोर्ट के समक्ष बोली केन्द्र सरकार, कहा- OTT Platform को रेग्युलेट करने के लिए कुछ कदम उठाने को लेकर विचार कर रहे हैं

नई दिल्लीः केन्द्र सरकार ने आज उच्चतम न्यायालय को बताया है कि वे नेटफ्लिक्स और अमेजन प्राइम जैसे ओटीटी मंचों को विनियमित करने के लिए कुछ कदम उठाने को लेकर विचार कर रहा है. प्रधान न्यायाधीश एसए बोबडे, न्यायमूर्ति एसएस बोपन्ना और न्यायमूर्ति वी. रामासुब्रमण्यम की पीठ ने केन्द्र से एक स्वायत्त निकाय द्वारा ओटीटी (ओवर द टॉप) के विनियमन के अनुरोध वाली याचिका पर छह सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा है.

इससे पहले, अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल संजय जैन ने कहा था कि केन्द्र ओटीटी मंचों को विनियमित करने के लिए कुछ कदम उठाने को लेकर विचार कर रहा है. सीजेआई ने जैन से यह जानना चाहा है कि सरकार के ये कदम क्या होंगे और उनसे छह साप्ताह में याचिका पर जवाब दायर करने को कहा है. शीर्ष अदालत ने पिछले साल 15 अक्टूबर के केन्द्र सरकार, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया को नोटिस जारी किया था. 

अधिवक्ता शशांक शेखर झा और अपूर्वा अरहरिया द्वारा दायर याचिका में विभिन्न ओटीटी / स्ट्रीमिंग और डिजिटल मीडिया मंचों पर मौजूद सामग्री की निगरानी और प्रबंधन के लिए एक उचित बोर्ड / संस्थान / एसोसिएशन की मांग भी की गई है. गौरतलब है कि पहले अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल संजय जैन ने कहा था कि केन्द्र ओटीटी मंचों को विनियमित करने के लिए कुछ कदम उठाने को लेकर विचार कर रहा है. (सोर्स-भाषा) 

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