शाहीन बाग पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा, हर कोई सड़क पर उतरेगा तो क्या होगा?

शाहीन बाग पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा, हर कोई सड़क पर उतरेगा तो क्या होगा?

शाहीन बाग पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा, हर कोई सड़क पर उतरेगा तो क्या होगा?

नई दिल्ली: दिल्ली के शाहीन बाग में गत 2 माह से जारी प्रदर्शन को लेकर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. अदालत ने कहा है कि लोकतंत्र हर किसी के लिए, ऐसे में विरोध के नाम पर सड़क जाम नहीं कर सकते हैं. शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों से बात करने के लिए अदालत ने एक वार्ताकार नियुक्त किया है. इस मामले की सुनवाई जस्टिस संजय कौशल, जस्टिस के.एम. जोसेफ की बेंच कर रही है. आपको बता दें कि दिल्ली के शाहीन बाग में गत 2 माह से नागरिकता संशोधन एक्ट (CAA) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहा हैं. 

विधानसभा में सुनाई दी परिवहन विभाग के अफसरों के खिलाफ एसीबी कार्रवाई की गूंज, गरमाई प्रदेश की सियासत

आप रास्ता कैसे बंद कर सकते हैं:
इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट की ओर से कहा गया कि हमारी चिंता सीमित है, अगर हर कोई सड़क पर उतरने लगेगा तो क्या होगा? सुप्रीम कोर्ट ने अब इस मामले में दिल्ली पुलिस के कमिश्नर को हलफनामा दायर करने को कहा है. अदालत ने कहा कि लोकतंत्र तो हर किसी के लिए है, आप प्रदर्शन करें. दिल्ली में हमारी चिंता ट्रैफिक को लेकर है. अगर आपकी मांग भी जायज है तो आप रास्ता कैसे बंद कर सकते हैं.
आपको बता दें कि रविवार को शाहीन बाग के प्रदर्शनकारी गृह मंत्री अमित शाह से मिलने के लिए पैदल मार्च निकालने के लिए जुटे थे, लेकिन लोगों को पुलिस ने बीच में ही रोक दिया.

जयपुर में ACB का बड़ा धमाका, वाहन मालिकों से डरा-धमकाकर वसूली के सवा करोड़ किए जब्त

64 दिन से जारी है धरना:
शाहीन बाग के प्रदर्शनकारी 64 दिन से धरने पर बैठे हैं और हर रोज यही कसम खा रहे हैं कि जब तक नागरिकता कानून वापस नहीं होगा, तब तक वो धरने से हटेंगे नहीं. जब तक एनपीआर लागू ना करने और एनआरसी ना लाने पर मोदी सरकार साफ भरोसा नहीं देती, तब तक वो धरने से नहीं हटेंगे, लेकिन सरकार भी पहले दिन से ही डटी हुई है.

और पढ़ें