नई दिल्ली सरकारी कर्मचारी की मृत्यु के समय जो नीति होगी उसी मुताबिक अनुकंपा पर नियुक्ति होगी : उच्चतम न्यायालय

सरकारी कर्मचारी की मृत्यु के समय जो नीति होगी उसी मुताबिक अनुकंपा पर नियुक्ति होगी : उच्चतम न्यायालय

सरकारी कर्मचारी की मृत्यु के समय जो नीति होगी उसी मुताबिक अनुकंपा पर नियुक्ति होगी : उच्चतम न्यायालय

नई दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि किसी सरकारी कर्मचारी की मृत्यु के समय जो नीति होगी उसी के आधार पर उसके आश्रित को अनुकंपा के तहत नियुक्ति दी जाएगी या नियुक्ति से इंकार किया जाएगा. मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की एक खंडपीठ का फैसला रद्द करते हुए उच्चतम न्यायालय ने यह टिप्पणी की. उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने राज्य सरकार को आदेश दिया था कि एक व्यक्ति को अनुकंपा के आधार पर नौकरी दी जाए जिसके पिता की सेवा के दौरान मौत हो गई. उच्च न्यायालय ने इस तरह की नियुक्ति के लिए संशोधित नीति के तहत नौकरी देने का आदेश दिया था.

नीति के मुताबिक, कर्मचारी मौत के समय जब काम कर रहा था तो उसके आश्रित को अनुकंपा के आधार पर किसी तरह की नियुक्ति का हक नहीं था. नियुक्ति को रद्द करते हुए न्यायमूर्ति एम. आर. शाह और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की पीठ ने उच्चतम न्यायालय के विभिन्न फैसलों का जिक्र किया और कहा कि तय कानून के मुताबिक अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति के लिए मृतक कर्मचारी की मौत के समय जो नीति होगी उसी पर विचार होगा न कि उसके बाद की नीति पर विचार किया जाएगा.

मध्यप्रदेश सरकार की अपील पर यह फैसला आया है. राज्य सरकार मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की जबलपुर पीठ के फैसले से असंतुष्ट थी जिसने एकल पीठ का आदेश खारिज करते हुए अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति को अनुमति दी थी. लाभार्थी का पिता टीकमगढ़ जिला कार्यालय में चौकीदार थे और आठ अक्टूबर 2015 को उनका निधन हो गया था. इसके बाद मृतक कर्मचारी के बेटे को उस समय की नीति के तहत दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी गई थी. (भाषा)

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