अयोध्या जन्मभूमि मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरु

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/03/06 08:43

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद को लेकर सुनवाई हुई। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों से कहा कि अगर संभव हो सके तो मामले को मध्यस्थता से ही सुलझाया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि ये सिर्फ जमीन का मसला नहीं है, बल्कि भावनाओं से जुड़ा हुआ मामला है। मस्जिद पक्ष मध्यस्थता की बात मानने के लिए तैयार है, हालांकि हिंदू महासभा ने इसका विरोध किया है।

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में कहा था कि दोनों दल आपस में मध्यस्थता की कोशिश करें।अगर एक फीसदी भी बातचीत की गुंजाइश है तो उसका प्रयास होना चाहिए।अब सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को मामले में दोनों पक्षकार अपना पक्ष रखेंगे और कोर्ट को बताएंगे कि क्या वे मध्यस्थता के लिए तैयार हैं या नहीं और फिर कोर्ट मामले में आदेश पारित करेगी।  

गौरतलब है कि 1993 में केंद्र सरकार ने अयोध्या अधिग्रहण ऐक्ट के तहत विवादित स्थल और आसपास की जमीन का अधिग्रहण कर लिया था और पहले से जमीन विवाद को लेकर दाखिल तमाम याचिकाओं को खत्म कर दिया था। सरकार के इस ऐक्ट को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी। तब सुप्रीम कोर्ट ने इस्माइल फारुखी जजमेंट में 1994 में तमाम दावेदारी वाले सूट को बहाल कर दिया था और जमीन केंद्र सरकार के पास ही रखने को कहा था और निर्देश दिया था कि जिसके फेवर में अदालत का फैसला आता है, जमीन उसे दी जाएगी। 
 

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