जयपुर अयोध्या पर सुप्रीम फैसला, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने किया स्वागत

अयोध्या पर सुप्रीम फैसला, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने किया स्वागत

अयोध्या पर सुप्रीम फैसला, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने किया स्वागत

जयपुर: अयोध्या मसले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने स्वागत किया है. राजस्थान की संघ की क्षेत्रीय इकाई के संघचालक डॉ रमेश अग्रवाल ने फैसले पर खुशी जताते हुये कहा कि करोड़ो हिन्दुओं की आस्था के पक्ष में निर्णय आया है औऱ अधिकांश मुस्लिम भी यहीं सोच रखते है थे. फैसले पर असहमति जताने वाली ताकतों को संघ की क्षेत्रीय इकाई ने कट्टरवादी सोच बताया. संघ के क्षेत्रीय मुख्यालय में एक - दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी जताई गई. 

निर्णय स्वागत योग्य:
बरसों से जिस फैसले का इंतजार था वो अब सामने आया है. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने फैसले का स्वागत किया. सबसे पहले सरसंघचालक डॉ मोहन राव भागवत ने फैसले को सराहते हुये कहा कि सुप्रीम कोर्ट का निर्णय स्वागत योग्य और संघ यहीं चाहता रहा है कि अयोध्या में जन्मभूमि पर भव्य राम मंदिर का निर्माण हो. भागवत के बयान के बाद राजस्थान की संघ इकाई ने भी प्रतिक्रिया व्यक्त की. संघ के क्षेत्रीय मुख्यालय भारती भवन में सुबह से ही हलचल थी. क्षेत्रीय प्रचारक दुर्गादास, सह क्षेत्रीय प्रचारक निम्बाराम, क्षेत्रीय संघचालक डॉ रमेश अग्रवाल, प्रांत प्रचारक शैलेन्द्र, प्रचारक मनोज समेत प्रमुख पदाधिकारी मौजूद रहे. सुप्रीम कोर्ट के निर्णय पर इनकी निगाहें टिकी रही. 

शाखाओं में स्वयंसेवकों को इस बारे में हिदायत:
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मद्देनजर संघ ने पूरी तरह सतर्कता बरती. स्वयंसेवकों को सख्त हिदायत थी कि किसी भी तरह के जश्न से बचा जाये और ना ही उन्मादी वातावरण का निर्माण किया जाये. पिछले दो तीन दिनों से संघ की सुबह और शाम की शाखाओं में स्वयंसेवकों को इस बारे में हिदायत दी जा रही थी. प्रदेश भर में भारती भवन से यह संदेश पहुंचा दिया गया था कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले को सम्मान के साथ लिया जाये. डॉ रमेश अग्रवाल ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि औवेसी के बयानों से फर्क नहीं पड़ता सर्वाधिक मुस्लिम वर्ग के लोग भी फैसले के साथ है और कट्टरवादी सोच को नकार दिया गया.  .

भारती भवन में मिठाई बांटी गई लेकिन खुलकर जश्न और उत्सव मनाने की कोशिश नहीं की गई. कुछ स्वयंसेवक भारती भवन के बाहर आतिशबाजी करना चाहते थे, लेकिन प्रमुख प्रचारकों ने इजाजत नहीं दी. संघ की सोच यहीं नजर आई कि भव्य राम मंदिर निर्माण का मकसद ज्यादा जरुरी है ना कि जश्न.

... संवाददाता योगेश शर्मा की रिपोर्ट

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