सुरेन्द्र गोयल का बीजेपी पर फूटा गुस्सा, जैतारण से लड़ेंगे निर्दलीय

FirstIndia Correspondent Published Date 2018/11/12 10:10

पाली। विधानसभा चुनाव 2018 को लेकर पाली जिले में 5 सीटों पर भाजपा ने अपने प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। वहीं जैतारण विधानसभा सीट को लेकर बगावत के तेवर भी सिर चढ़ते नजर आ रहे हैं। जैतारण से चार बार विधायक और दो बार मंत्री रहे सुरेंद्र गोयल का टिकट कटने के बाद अविनाश गहलोत को टिकट मिलने पर सुरेंद्र गोयल ने अपने कार्यकर्ताओं और समर्थकों के साथ जैतारण के पास एक बैठक बुलाई। 

बैठक में सुरेंद्र गोयल के समर्थक व भाजपा कार्यकर्ता और मगरा क्षेत्र के कई ग्रामीण मौजूद थे। बैठक में सुरेंद्र गोयल ने भाजपा को जमकर आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि 1985 में भैरों सिंह शेखावत सरकार में उन्होंने राजनीति में कदम रखा और जैतारण विधानसभा में भाजपा का परचम लहराया। उससे पहले भाजपा को जैतारण में कोई नहीं जानता था। भारतीय जनता पार्टी का जैतारण में नाम निशान तक नहीं था। साथ ही कहा कि मैंने 36 कौम का दिल जीता और भाजपा को जीत दिलाई और सर्वप्रथम जीत 1700 वोट से।

गोयल ने कहा कि 36 कौम को साथ लेकर चला और सभी का दुख दर्द समझा। आम जनता व हर कार्यकर्ता से सीधा जुड़ा रहा। पिछले चुनाव में मैं बीमार होने के बावजूद भी कार्यकर्ता व् स्थानीय ग्रामीणों ने मुझ पर भरोसा जताया व 36000 भारी मतों से मुझे विजय बनाया। जैतारण विधानसभा में जो विकास 50 सालों में नहीं हुआ वह मैंने 5 साल में विकास करवाया। जवाई पेयजल योजना सहित कई विकास कार्य करवाए। जिस गांव में 50 साल से पानी नहीं आ रहा था उस उस गांव में भी पानी की पाइप लाइन बिछाई।

गोयल ने कहा पार्टी से मैं पूछना चाहता हूं कि मेरा एक भी कसूर बता दे। मेरा कसूर बस इतना है कि मैं आर एस एस के कहने में नहीं हूं। मैं आर एस एस की नहीं सुनता मुझे जनता की फिक्र है। मैं 36 कौम के लिए पैरों की रग बनके चला हूं। गोयल ने कहा कि कुछ लोगों ने कहा कि गोयल मेरे यहां नहीं आता है, मेरी बात नहीं सुनता है, मेरे पास आकर धोक नहीं लगाता, तो ऐसा नहीं हो सकता। मैं केवल कार्यकर्ताओं की सुनता हूं। बीजेपी नेताओं ने कहा कि इस मामले पर पुनर्विचार करो इस पर गोयल ने कहा कि अब फांसी खाकर मरने के बाद भी पुनर्विचार नहीं हो सकता। मेरा फैसला जनता का फैसला 40 साल से मैं पार्टी की सेवा करता आ रहा हूं। 

सुरेंद्र गोयल ने बैठक में हजारों लोगों के बीच सभी कार्यकर्ताओं को ग्रामीणों से अपील की कि एक भी आदमी या कार्यकर्ता भाजपा की गाड़ी में नहीं बैठेगा। और ना ही भाजपा का दुपट्टा पहनेगा। वहीं भाजपा के दुपट्टे को हजारों ग्रामीणों ने पांव में रोते हुए भाजपा मुर्दाबाद के नारे लगाए। बैठक के बाद गोयल ने 17 नवंबर को निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में अपना नामांकन भरने को लेकर बात कही। उसके बाद बैठक में मौजूद गोयल के समर्थकों ने गोयल को अपने कंधे पर बैठाकर करीबन 100 मीटर तक जुलूस निकाला। 

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