IPS मनीष अग्रवाल की निलंबन अवधि 180 दिन बढ़ाई गई, ACB ने दलाल के मार्फत रिश्वत मांगने के आरोप में किया था गिरफ्तार

IPS मनीष अग्रवाल की निलंबन अवधि 180 दिन बढ़ाई गई, ACB ने दलाल के मार्फत रिश्वत मांगने के आरोप में किया था गिरफ्तार

IPS मनीष अग्रवाल की निलंबन अवधि 180 दिन बढ़ाई गई, ACB ने दलाल के मार्फत रिश्वत मांगने के आरोप में किया था गिरफ्तार

जयपुर: घूसखोरी (Bribery case) के आरोप में गिरफ्तार हुए दौसा (Dausa) के तत्कालीन एसपी आईपीएस मनीष अग्रवाल (Manish Agrawal) की निलंबन अवधि 180 दिन बढ़ा दी है. मनीष अग्रवाल की निलंबन की अवधि 22 जुलाई को समाप्त होगी जिसके बाद वे फिलहाल 180 दिन यानि 3 माह और निलंबित रहेंगे. 24 मार्च को राज्य सरकार ने निलंबन की अवधि 120 दिन के लिए बढ़ाई थी. 

मुख्य सचिव निरंजन आर्य के अध्यक्षता में गठित रिव्यू कमेटी ने निलंबन अवधि बढ़ाने की अनुशंसा की है. कमेटी का मत था कि क्योंकि आरोपित मनीष अग्रवाल अभी न्यायिक अभिरक्षा में है. ऐसे में उन्हें बहाल नहीं किया जा सकता. ऐसे में कमेटी ने तुरंत उनके निलंबन अवधि 14 जुलाई से 180 दिन बढ़ाने की सिफारिश की है. 

- गौरतलब है कि एसीबी ने 2 फरवरी को रिश्वत मांगने के आरोप में मनीष अग्रवाल को गिरफ्तार किया था. 

- ACB ने दलाल नीरज मीणा के मार्फत मोटी रकम रिश्वत में मांगने के आरोप में पुख्ता सबूत मिलने पर मनीष अग्रवाल को गिरफ्तार किया था.

- 6 फरवरी को राजस्थान सरकार ने भ्रष्टाचार के मामले में प्राथमिक जांच में लिप्त पाए जाने पर आईपीएस अधिकारी मनीष अग्रवाल को निलंबित कर दिया था. 2 फरवरी से ही निलंबित करने के आदेश जारी करते हुए निलंबन काल में उनका मुख्यालय महानिदेशक जयपुर रखा गया है. 

आपको बता दें कि अग्रवाल को हाईवे बनाने वाली कंपनी से घूस लेने के आरोप में 2 फरवरी को गिरफ्तार किया गया था. एसीबी ने 13 जनवरी को इस मामले में दलाल नीरज मीणा को गिरफ्तार किया था. इन पर जयपुर आगरा हाईवे बनाने वाली दो कंपनियों से लाखों रुपए घूस लेने के आरोप हैं. आईपीएस मनीष अग्रवाल भी इस मामले में एसीबी के रडार पर थे. IPS अग्रवाल का निलंबन के दौरान मुख्यालय डीजीपी राजस्थान जयपुर के कार्यालय में रखा गया. कार्मिक विभाग के आदेश अनुसार मनीष को 2 फरवरी से निलंबित माना गया.

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